किन्नरों की जबरन वसूली पर उबाल

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देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड के अन्दर किन्नर समाज द्वारा मांगलिक कार्यों, त्यौहारों और आवास निर्माण के दौरान उनकी दस्तक से अब आम जनमानस डर के साये मे जी रहा है। उत्तराखण्ड के अधिकांश जिलों में किन्नर समाज का जो वसूली का एजेंडा तांडव मचा रहा है उससे आजादी पाने के लिए अब कुछ संगठन आगे आना शुरू हो गये हैं और सवाल खडे हो रहे हैं कि जब किन्नर समाज की हैड सरकार में दायित्वधारी है तो फिर कैसे उनके चेले लोगों से बधाई के नाम पर जबरन वसूली करने का खुला तांडव करने से बाज नहीं आ रहे हैं। एक दशक से उत्तराखण्ड की अस्थाई राजधानी में किन्नर समाज ने जो वसूली करने का जो आम जनमानस से सिलसिला शुरू कर रखा है उसने हर उस परिवार के मन मे एक बडा डर पैदा किया हुआ है जिनके यहां कोई शादी या समारोह होता है। गजब की बात है कि किन्नर समाज आते ही किसी भी परिवार से सीधे दो लाख से लेकर तीन लाख रूपये की मांग कर वहां पर अपना तांडव मचाना शुरू कर देता है जिससे एक सभ्य परिवार इनके तांडव को देखकर अपने ही घर मे डरा और सहमा हुआ नजर आता है। किन्नर समाज पर नकेल लगाने के लिए सरकार ने कभी कोई सख्त कदम उठाया हो ऐसा देखने को नहीं मिला और किसी भी घर मे जाकर वहां अपराधियों की तरह जबरन मनचाहे पैसे की वसूली करने का जो डरावना खेल किन्नर समाज खेलता आ रहा है उसे रोकने के लिए जिला और पुलिस प्रशासन कभी भी सख्त रूख अपनाने मे कभी आगे नहीं आया उसी के चलते किन्नर समाज के हौसले इतने बुलंद हो रखे हैं कि वह सिस्टम को अपनी दबंगता दिखाने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। अब संयुक्त नागरिक संगठन ने किन्नर समाज द्वारा बधाई के रूप मे जबरन वसूली किये जाने को लेकर पुलिस मुख्यालय में दस्तक दी और उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि किन्नरो द्वारा निजी निवास के बाहर, आवास स्वामी, किराएदार महिला-पुरुष, वरिष्ठ नागरिकों की शांती भंग करने पर,पुलिस सहायता 1०5 तथा सीएम हेल्पलाइन 19०5 आदि पर इनके अभद्र व्यवहार की वीडियो रिकॉर्डिंग सहित शिकायत तत्काल दर्ज की जाय।
राज्य में किन्नर समाज द्वारा,पारिवारिक मांगलिक कार्यों,त्योहारों,आवास, निर्माण आदि पर,अनाधिकृत रूप से नागरिको को बद दुआओं का डर दिखाकर बधाई के रूप में जबरन वसूली जाने वाली अधिकतम राशि नियत करने हेतु एसओपी जारी किए जाने की मांग को लेकर दून के सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस मुख्यालय में पुलिस अधीक्षक ला एंड ऑर्डर गुंजाल, को अपर पुलिस महानिदेशक वी मुरुगेशन को सम्बोधित,ज्ञापन दिया। दून वासियों ने बताया किन्नर समाज विवाह, पुत्रजन्म,आवास निर्माण, तीजत्यौहार आदि पर किसी भी आवास स्वामी, किराएदार के यहा जाकर इनको आतंकित कर असभ्य व्यवहार करते हुए बद्दुआओं का डर दिखाकर जबरन मुंह मांगी राशि वसूलते हैं।जबकि इन अपराधों के लिए कानून बने हुए हैं। इनकी मांग थी की विभाग द्वारा एसओपी जारी की जाय। इसमें किन्नरो द्वारा निजी निवास के बाहर, आवास स्वामी, किराएदार महिला-पुरुष, वरिष्ठ नागरिकों की शांती भंग करने पर,पुलिस सहायता 1०5 तथा सीएम हेल्पलाइन 19०5 आदि पर इनके अभद्र व्यवहार की वीडियो रिकॉर्डिंग सहित शिकायत तत्काल दर्ज की जाय।
पुलिस विभाग तुरंत शिकायतकर्ता तक पहुंच कर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करे।एसओपी में शासन द्वारा किन्नरों के लिए दान स्वरूप दी जाने वाली राशी अधिकतम सीमा निर्धारित करने की मांग भी की गई है। किन्नरो द्वारा कपडे,राशन,गोल्ड या चांदी आदि की मांग करने पर भी रोक लगाने पर भी रोष जताया गया। ज्ञापन में दानदाता द्वारा विवाह संस्कार उपरांत दी जाने वाली प्रस्तावित दान की राशी-1००1-रुपया, आवास निर्माण हेतु 15०1-पुत्र जन्म पर 21००- रुपया। त्योहारों पर्व आदि पर दानदाता द्वारा दी जाने वाली प्रस्तावित राशी 1०1-रूपया निश्चित करने की भी मांग प्रतिनिधिमंडल ने की है। इस बारे में अपर पुलिस महानिदेशक वी मुरुगेशन के साथ वार्ता कर आवश्यक कदम उठाए जाने की कार्यवाही की संभावना बलवती हो गई है। दूसरी ओर इसी विषय को लेकर जिलाधिकारी को भी ज्ञापन दिया गया है। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट कारवाही करेंगे।प्रतिनिधिमंडल में व्यापार मंडल के सुनील बांगा, स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी कल्याण समिति के एस पी डिमरी, मुकेश नारायण शर्मा, उत्तराखंड पेंशनर्स समन्वय समिति के गिरीश भट्ट, राज्य आंदोलनकारी मंच के प्रदीप कुकरेती, संयुक्त नागरिक संगठन के सी एस नेगी, सुशील त्यागी, अवधेश शर्मा, रोड सेफ्टी के उमेश्वर सिंह रावत, पेंशनर्स संगठन के ठाकुर शेरसिंह आदि थे।

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