कोटद्वार के समग्र विकास की दिशा में ऐतिहासिक दिन

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कोटद्वार/ देहरादून(संवाददाता)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पौड़ी जनपद के कोटद्वार में चिल्लरखाल-पाखरो मोटर मार्ग पर निर्मित मालन पुल के सुरक्षात्मक कार्य सहित कुल सात निर्माण कार्यों का वर्चुअल लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने जनता को वर्चुअल रूप से संबोधित करते हुए कहा कि मालन सेतु का पुनर्निर्माण राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। इस पुल के शुरू होने से कोटद्वार एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसी क्रम में कोटद्वार के विकास के लिये भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम किया जा रहा है। कोटद्वार में जहां एक ओर नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत 135 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य चल रहा है।
उन्होंने कहा कि वहीं दूसरी ओर 691 करोड़ की लागत से कोटद्वार में चार लेन बाईपास और कोटद्वार-नजीबाबाद डबल लेन सड़क का निर्माण भी कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोटद्वार-पौड़ी-श्रीनगर गढ़वाल सड़क को भी अब डबल लेन में अपग्रेड किया जा रहा है और जिससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कोटद्वार रेलवे स्टेशन का नवीनीकरण किया जा रहा है। सिद्धबली-कोटद्वार से दिल्ली तक नई ट्रेन सेवा भी शुरू हो चुकी है। कोटद्वार में अस्पताल और बस स्टैंड टर्मिनल का भी निर्माण प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि कोटद्वार में केंद्रीय विद्यालय के निर्माण के लिये लिये कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर विद्यालय के लिये भूमि हस्तांतरित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इस अवसर पर उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष एवं कोटद्वार की विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण के अथक प्रयासों और सतत जनप्रतिनिधित्व के परिणामस्वरूप आज कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र को अनेक महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की सौगात प्राप्त हुई। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने इस अवसर पर कहा कि कोटद्वार में विकास की नई गाथाएं लिखी जा रही हैं। हमारा लक्ष्य केवल घोषणाओं तक सीमित न रहकर धरातल पर ठोस काम करना है। उन्होंने बताया कि आज जिन योजनाओं का लोकार्पण हुआ है, वह आने वाले समय में कोटद्वार और आसपास के क्षेत्रों के लिए परिवर्तनकारी साबित होंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकारों की सक्रिय सहभागिता से कोटद्वार को अभूतपूर्व विकास मिल रहा है।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि कोटद्वार की बहुप्रतीक्षित परियोजनाएं जैसे कृ रोडवेज बस अड्डा, केंद्रीय विद्यालय, 4-26 किमी पेयजल योजना, 1-12 किमी सड़क सुदृढ़ीकरण और नदियों पर सुरक्षा दीवारों के निर्माण कार्य सभी पर तीव्र गति से कार्य हो रहा है। उन्होंने मालन पुल के सफल पुनर्निर्माण पर जनता को बधाई देते हुए कहा कि “यह पुल न केवल एक इंजीनियरिंग चमत्कार है, बल्कि यह क्षेत्र की जीवनरेखा भी है। इसकी तकनीकी पुनर्निर्माण प्रक्रिया से करोड़ों रुपये की बचत हुई, जो एक उदाहरण बन गई है। उन्होंने कहा कि लोकार्पित योजनाएं (कुल लागत रूपये 6० करोड़ से अधिक) है जिसमें 26.76 करोड़ की लागत से मालन नदी पर 325 मीटर स्पान आरसीसी वॉयडेड स्लैब पुल का सुरक्षात्मक कार्य। इस अवसर पर रूपये 4.5० करोड़ की लागत से सुखरो नदी पर 385 मीटर स्पान पुल का सुरक्षात्मक कार्य, रूपये 2.1० करोड़ की लागत से कौडिय़ा मोटाढांग मार्ग पर डबल लेन सेतु का सुरक्षात्मक कार्य, रूपये 2.36 करोड़ की लागत से ग्रस्टानगंज सेतु का सुरक्षात्मक कार्य, रूपये 2.7० करोड़ की लागत से गुलर पुल (खोह नदी) का सुरक्षात्मक कार्य को लोकार्पित किया गया है। इस अवसर पर रूपये 4.87 करोड़ की लागत से गाड़ीघाट पुल (आरसीसी गर्डर) पर रिवर ट्रेनिंग और कर्टेनवाल कार्य, रूपये 18.25 करोड़ की लागत से चिल्लरखालदृसिगड्डी कोटद्वार पाखरो मार्ग (1-12 किमी) का सुदृढ़ीकरण वहीं मुख्यमंत्री की घोषणाएं (विकास की नई राह) में मेरठ पौड़ी राजमार्ग सेलालपुर कलालघाटी पुराना कोटद्वार हरिद्वार मार्ग का सुदृढ़ीकरण, सिगड्डी नगरीय पेयजल योजना के तहत पाइपलाइन विस्तार, मालन फीडर व नहर की मरम्मत व सुरक्षात्मक कार्य, ग्राम बिशनपुर की बाढ़ सुरक्षा योजना, विशेष उपलब्धिरू मालन पुल का आधुनिक पुनर्निर्माण, 1976-198० के बीच निर्मित कॉजवे का स्थान लेने वाला यह पुल 2००8दृ2०1० में बना था, जो उस समय जनरल भुवन चंद्र खण्डूडी द्वारा बनाया गया था जो 13 जुलाई 2०23 की भीषण आपदा में क्षतिग्रस्त हो गया था।
इस अवसर पर बताया गया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर इसकी मरम्मत हेतु रूपये 26.75 करोड़ की स्वीकृति 24 फरवरी 2०24 को मिली। 12 अप्रैल 2०24 से पुनर्निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ और 15 मई 2०25 को यह पूर्ण हुआ। इस तकनीकी पुनर्निर्माण में पूर्व निर्मित स्लैबों का उपयोग कर रूपये 13 करोड़ की संभावित बचत की गई कृ यह राज्य में अपनी तरह का पहला उदाहरण है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष की विकास मांगों में प्रमुख रूप से मवाकोट कण्वघाटी के मध्य एक और पुल, बिशनपुर (खोह नदी) में सुरक्षा दीवार, लालढांग चिल्लरखाल मार्ग का विस्तार, नींबूचौड़ लालबत्ती चौराहा चौड़ीकरण, कौडिय़ा दुगड्डा मार्ग का डामरीकरण का कार्य शामिल है। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में पारदर्शिता, सुशासन और त्वरित विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि कोटद्वार इस परिवर्तन का अग्रदूत बन रहा है। इस अवसर पर समारोह में भाजपा जिलाध्यक्ष राज गौरव नौटियाल, प्रदेश प्रवक्ता बिपिन कैंथोला, मेयर शैलेन्द्र सिंह रावत, राज्य मंत्री राजेन्द्र अन्थवाल, मंडल अध्यक्ष आशीष रावत, जिलाधिकारी डॉक्टर आशीष चौहान, नगर आयुक्त वैभव गुप्ता, उपजिलाधिकारी सोहन सिंह सैनी सहित कई गणमान्य व्यक्ति और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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