सरकार महिला शक्ति को प्रोत्साहित करने को वचनबद्ध

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देहरादून(संवाददाता )। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, उत्तराखण्ड के अन्तर्गत राज्य स्त्री शक्ति तीलू रौतेली पुरस्कार (2०22-23) एवं आंगनवाड़ी कार्यकत्री पुरूस्कार (2०22-23) समारोह का आयोजन आईआरडीटी सभागार, सर्वे चौक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मानित किया। इस अवसर पर कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की मंत्री रेखा आर्या , राजपुर विधायक खजान दास के कर कमलों से हुआ। उत्तराखण्ड की 14 महिलाओं ने राज्य स्त्री शक्ति तीलू रौतेली पुरूस्कार तथा 35 महिलाओं ने राज्य स्तरीय आंगनवाड़ी कार्यकत्री पुरूस्कार प्राप्त किये। विजेताओं के बैंक खातों में पुरस्कार की धनराशि ऑनलाइन जारी की गई।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुरस्कार विजेताओं को शुभकामनाएं ज्ञापित करते हुए कहा कि पुरस्कार प्राप्त करने वाली महिलाओं के साथ खडे होकर वह स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उत्तराखण्ड सरकार महिला शक्ति को प्रोत्साहित करने के लिए सभी आवश्यक प्रयास करेगी। उन्होने बताया कि तीलू रौतेली व आंगनवाडी कार्यकत्री दोनों पुरस्कारों की धनराशि रुपये 51 हजार करते हुए मुख्यमंत्री घोषणा पूर्ण कर ली गई है। इस अवसर पर व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि उनके दोनों बच्चों की स्कूल पूर्व शिक्षा की नींव आंगनवाडी केन्द्र पर ही पढी है। अत: वह आंगनवाडी कर्मियों के साथ परिवार जैसा महसूस करते है। तीलू रौतेली के साहस का प्रतीक हमारी सभी बहीनें है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 3० प्रतिशत आरक्षण देने में किये गये प्रयासों में सरकार की प्राथमिकता झलकती है।
उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों की महिला परक योजनाओं की प्रगति बतातें हुए मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों से आहवान किया है कि सरकारी योजनाओं की सही जानकारी प्राप्त कर अन्य महिलाओं तक पहुचॉई जाये। महिलाओं की प्रगति का संकल्प विकल्प रहित है जिसे पूर्ण करने में राज्य वासियों को अपनी पूरी क्षमता से योगदान देना है। इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास की मंत्री रेखा आर्या ने समारोह में आंगनवाडी कार्यकत्री की पोशाक धारण कर प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि आंगनवाडी की पोशाक पहनकर वह स्वयं को उनके समान मेहनती और अनुशासित महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड की परिकल्पना में तीलू रौतेली व आंगनवाडी कार्यकत्री जैसा जीवट, सीखने की इच्छा व साहस के गुण सन्निहित है। उन्होंने कहा कि महिलायें अपने अन्दर की क्षमता को पहचान कर समाज को आगे बढायें। उन्होंने कहा कि तीलू रौतेली के जन्मदिवस के अवसर पर आधुनिक तीलू रौतेली व आंगनवाडी कार्यकत्रियों का सम्मान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री महिलाओं के परम हितैषी है व लगातार उनके उत्थान की योजनायें ला रहे है। उन्होंने कहा कि दोनों पुरस्कारों की धनराशि मुख्यमंत्री के आर्शीवाद से ही बढी है। उन्होंने ही आंगनवाडी कर्मियों का मानदेय देश में सबसे ज्यादा करने की ओर कदम बढायें है।
उन्होंने कहा कि तीन तरह के भेदभाव समाप्त कर ही समाज में महिलाओं की तरक्की सुनिश्चित हो सकती है। उन्होंने तीलू रौतेली एवं आंगनवाड़ी पुरस्कार प्राप्त करने वाली महिलाओं को बधाई देते हुए आशा प्रकट की, कि आने वाले समय में खेल जगत में उत्तराखण्ड की महिला खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर नये कीर्तिमान स्थापित करेंगीं। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री के “मेरी माटी मेरा देश” अभियान सेें सभी लोग जुडकर उसे सफल बनायें। इस अवसर पर राजपुर विधायक खजान दास ने मुख्यमंत्री एवंमंत्री, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित सभी महिलाओं को तीलू रौतेली जन्मदिवस की बधाई देते हुए कहा कि सरकार महिलाओं व बालिकाओं के सशक्तिकरण हेतु लगातार सार्थक प्रयास कर रही है। उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता लागू होना महिलाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
उन्होंने कहा कि राज्य की विषम परिस्थितियों में शिक्षा, समाज सेवा, साहसिक कार्य, खेल, कला क्राफ्ट, संस्कृति, पर्यावरण एवं कृषि आदि क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला एवं किशोरियों को राज्य स्त्री शक्ति ÓÓतीलू रौतेलीÓÓ पुरूस्कार प्रतिवर्ष वीरांगना तीलू रौतेली के जन्म दिवस को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, द्वारा प्रदान किया जाता है। योजना के अन्तर्गत चयनित महिलाओं को प्रशस्ति पत्र, रूपये 51 हजार की धनराशि ऑनलाईन जारी करते हुए, प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिन्ह् प्रदान किया जाता है। इस अवसर पर राज्य स्तरीय आंगनवाड़ी कार्यकत्री पुरूस्कार हेतु राज्य में न्यूनतम ०5 वर्ष से निरन्तर कार्यरत् आंगनवाड़ी कार्यकत्री, मिनी आंगनवाड़ी कार्यकत्री जिनके केन्द्र पर ग्रामीण क्षेत्रों में 3 से 6 वर्ष के न्यूनतम ०8 एवं शहरी क्षेत्रों मे न्यूनतम 18 बच्चें पंजीकृत हो एवं समस्त लाभार्थी पोषण ट्रेकर एप में पंजीकृत हो। आंगनवाड़ी केन्द्रों का संचालन, केन्द्रों में अभिलेखों का उचित रख-रखाव, अनुपूरक पोषाहार का नियमित वितरण एवं जनसमुदाय को योजनाओं के प्रति जागरूक किया हो। इस अवसर पर कहा गया कि कुपोषण उन्मूलन हेतु विशेष प्रयास किया हो एवं वर्ष में ग्रामीण स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस का नियमित आयोजन किया हो, आगंनवाड़ी केन्द्र व केन्द्र के आस-पास की साफ सफाई पर विशेष ध्यान दिया हो, उनकी कार्यप्रणाली में बेहतर परिणाम एवं प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ाने के उद्देश्य से इस पुरूस्कार में कार्यकत्री को रूपये 51 हजार रूपय ेकी धनराशि ऑनलाईन, प्रमाण पत्र तथा स्मृति चिन्ह प्रदान किया जाता है।

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