हरदा करेंगे जल तप!

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून/रूड़की। उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री हरदा ने सिविल लाईन रूडकी में कमर तक हो रखे जलभराव से नाराज होकर वहां का आंखों देखा हाल ट्रैक्टर में सवार होकर किया और उन्होंने साफ अल्टीमेटम दे दिया कि अगर प्रशासन ने शाम पांच बजे तक इलाके में पानी कम न किया तो वह मजबूरी में पानी में बैठेंगे और यह भी साफ किया कि वह किसी को नीचा नहीं दिखाना चाहते लेकिन जिस तरीके की एक सम्पूर्ण लापरवाही यहां पानी निकासी के विषय में हो रही है वह यहां के लोगों का उपहास है। हरदा ने जिस तरह से जल तप करने का सिस्टम को अल्टीमेटम दिया है उससे प्रशासन में हडकम्प मच गया है और हरदा ने अब अपने इस अल्टीमेटम को अपने फेसबुक एकांउट पर फोटो और वीडियो के साथ शेयर भी किया है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हुई हैं कि क्या सिस्टम के अफसर शाम पांच बजे तक रूडकी सिविल लाईन में पानी का जल स्तर कम करने में कामयाब होंगे या फिर हरदा जल तप करने के लिए आगे आयेंगे?
आज उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत हरिद्वार के साउथ सिविल लाईन रूडकी पहुंचे। जहां वह एक ट्रैक्टर ट्राली में सवार होकर इलाके में हो रखे जल भराव के नजारे को देखने के लिए निकल पडे। हरदा ने जल भराव वाले इलाके में लोगों से भी मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया कि वह उनके साथ खडे हैं और वह जल भराव के इस भयवीय नजारे से सिस्टम को रूबरू करायेंगे और जब तक जल भराव का यह नजारा उनके आगे से विलुप्त नहीं हो जायेगा तब तक वह खामोश नहीं बैठेंगे। हरदा ने सिविल लाईन रूडकी के इलाकों में कमर तक हो रखे जल भराव के नजारे को देखने के बाद अपने फेसबुक एकांउट पर उन्होंने एक पोस्ट साझा की जिसमें उन्होंने कहा कि मैं साउथ सिविल लाईन रूडकी में हंू। यहां करीब कमर-कमर तक पानी भरा हुआ है, लोगों के लिए घरो से निकलना तो असम्भव है और लोगों को अच्छा पानी भी नहीं मिल पा रहा है, सब्जियां नहीं मिल पा रही हैं, मेरे सामने कुछ लोग अपना घर छोडकर चले गये हैं, और जगह-जगह पानी उतरा है लेकिन यहां पानी के उतार की कोई व्यवस्था नहीं हो रही है, लोगों में बडा गुस्सा है। हरदा ने लिखा है कि उन्होंने एसडीएम, एमएनए और डीएम तीनो से बातचीत की है। यदि आज शाम पांच बजे तक यह पानी नहीं उतरा तो उनके लिए यह मजबूरी होगी कि मैं पानी में बैठूंगा, डूबने लायक तो नहीं लेकिन मैं पानी में बैठूंगा। मैं किसी को नीचा नहीं दिखाना चाहता, लेकिन जिस तरीके की एक सम्पूर्ण लापरवाही यहां पानी के निकासी के विषय में हो रही है, वो यहां के लोगों का उपहास है और मैं इस क्षेत्र में आया हंू तो मेरा दायित्व है कि मैं इसकी गंभीरता को सब लोगों के सामने रखूं। हरदा ने आज जिस तरह से जिला प्रशासन को शाम पांच बजे तक जल भराव की समस्या से आवाम को निजात दिलाने का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर ऐसा न हुआ तो वह जल तप करेंगे तो इससे प्रशासन के भी हाथ-पांव फूले हुये नजर आ रहे हैं?
उल्लेखनीय है कि हरिद्वार जनपद में बारिश के पानी से आई बाढ़ को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी काफी चिंतित नजर आये और उन्होंने चंद दिन पूर्व हरिद्वार में बाढ़ इलाकों का दौरा ट्रैक्टर और बोट में सवार होकर खुद किया था। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अफसरों को साफ संदेश दिया था कि वह बाढ़ में फंसे लोगों को पहले सुरक्षित स्थान पर पहुंचाये और उनका सामान भी वह सुरक्षित करें उसके बाद वहां बिजली आपूर्ति की जाये। मुख्यमंत्री लगातार हरिद्वार के कुछ इलाकों में आई बाढ़ पर अपनी पैनी निगाहें रखे हुये हैं और लगातार वह वहां बचाव व राहत कार्य की समीक्षा भी कर रहे हैं।

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