देहरादून(संवाददाता)। आज प्रात: सात बजे मंदिर प्रांगण में गुरु पूर्णिमा का कार्यक्रम प्रारंभ हुआ जिसमें सर्वप्रथम महाराज के गुरु ब्रह्मलीन अद्वैत प्रकाश का पूजन भक्त समाज द्वारा किया गया। प्रात: आठ बजे मां काली का यज्ञशाला में मंदिर के पुजारी चंद्रप्रकाश ममगई द्वारा दैनिक यज्ञ के साथ विष्णुसहस्रनाम वह गीता के पन्द्रह अध्याय की आहुतिया दी गयी। मां काली का सत्संग भवन में परम पूज्य महाराज का चित्र व चरण पादुका को गद्दी पर विराजमान कर पूजा अर्चना की गई सभी भक्तो ने अश्रुपूर्ण सुमन अर्पित किये। समिति के प्रधान द्वारा पधारे हुए सभी भक्तों को यह संदेश दिया गया कि महाराज का निराकार स्वरूप हमारे बीच में विद्यमान है हम सभी को महाराज के बताए हुए मार्ग जरूरतमंद की सहायता व समाज कल्याण हेतु कार्य को और बढ़ाना है। गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष में प्रमोद श्रीवास्तव एवं साथियों द्वारा भजन कीर्तन का कार्यक्रम किया गया जिसमें अनेक भजन गाकर सभी भक्तों को भाव विभोर व रोने पर मजबूर कर दिया जिसमें गुरुदेव तुम्हारी जय होवे हे नाथ तुम्हारी जय होवे। मुझे तो सहारा मेरे गुरुदेव का था। मेरे सतगुरु तेरी नौकरी सबसे बढिय़ा सबसे खरी, मेरी आंखों में सतगुरु नजारा हो तो तेरा हूं। गुरु मेरे मन मंदिर में रहियो नाथ मेरे मन मंदिर में रहियो, प्रमोद श्रीवास्तव ने अंतिम भजन गाकर सभी को रोने को मजबूर कर दिया वह दिल कहां से लाऊं जो तेरी याद को भुला दे। यह कार्यक्रम प्रात: आठ बजे से बारह बजे तक चलता रहता पश्चात सदगुरुदेव भगवान की आरती हुई वहां पधारे हुए संतों महात्माओं व अपारभक्त समाज ने भंडारा ग्रहण किया। इस अवसर गगन सेठी रमेश साहनी दयाल धवन जय किशन कक्कड़ केवल आनंद कमल स्वरूप गुप्ता अशोक लांबा हरीश भाटिया संजय आनंद नरेश मैनी मुरली चांदना मोहित बांग्ला, विजय मलिक, देवेंदर साहनी, अशोक मित्तल, रमेश बींकीं, नन्द कुमार आनंद,आशीष सूरी हिमांशु अरोड़ा नीरज जिंदल शशि तलवार जगमोहन अरोड़ा विजय अरोड़ा सतीश मेहता उमेश मारवा प्रदुमन मेनी अनिरुद्ध गुप्ता,अभिषेक वादवा, नरेश मैनी, सतीश कक्कर,(अनिल आनंद सहायक प्रचार मंत्री.) उपस्थित थे।