देहरादून(संवाददाता)। कर्नाटका विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सरकार बनने पर बजरंग दल को प्रतिबंधित किये जाने के विरोध में राजधानी में बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने ताबूत लेकर नारेबाजी के बीच पैदल मार्च निकालकर कांग्रेस भवन घेराव करने जा रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने एस्ले हॉल चौक पर बैरीकैडिंग लगाकर सभी को रोक लिया और इस दौरान बजरंगदल कार्यकर्ताओं ने बैरीकैडिंग लांघने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उन्हें कामयाब नहीं होने दिया। इस बीच पुलिस व प्रदर्शनकारियों में तीखी नोंकझोंक हुई। इस बीच बड़ी संख्या में कांग्रेस भी एस्ले हॉल चौक पर पहुंच गये और जयश्री राम जयश्री राम, वंदे मातरम और बजरंग दल गो बैक के नारे लगाने लगे जिससे वहां पर टकराव की स्थिति हो गई लेकिन पुलिस ने बजरंग दल कार्यकर्ताओं को गांधी पार्क के समीप वापस भेज दिया लेकिन कांग्रेसी चौक पर ही प्रदर्शन करने लगे और वह भी बैरीकैडिंग लांघने लगे लेकिन पुलिस ने रोक लिया और वहीं महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला व मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसौनी बैरीकैडिंग पर चढ़ गई और बजरंग दल गो बैक के नारे लगाये और बाद में पुलिस के समझाने पर वह नीचे उतर गई। वहीं दूसरी ओर टकराव टल गया और कांग्रेस व बजरंग दल कार्यकर्ता आमने सामने नजर आये।
यहां बजरंग दल के कार्यकर्ता घंटाघर स्थित अंबेडकर पार्क में विकास वर्मा भगवा प्रांत साप्ताहिक मिलन प्रमुख बजरंग दल के नेतृत्व में इकटठा हुए और वहां से कर्नाटका विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सरकार बनने पर बजरंग दल को प्रतिबंधित किये जाने के विरोध में राजधानी में बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने ताबूत लेकर नारेबाजी के बीच पैदल मार्च निकालकर कांग्रेस भवन का घेराव करने जा रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने एस्ले हॉल चौक पर बैरीकैडिंग लगाकर सभी को रोक लिया और इस दौरान बजरंगदल कार्यकर्ताओं ने बैरीकैडिंग लांघने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उन्हें कामयाब नहीं होने दिया।
वहीं दूसरी ओर इस बीच बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता कांग्रेस के झंडे को लेकर एस्ले हॉल चौक पर पहुंच गये और जयश्री राम जयश्री राम, वंदे मातरम और बजरंग दल गो बैक के नारे लगाने लगे जिससे वहां पर टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई लेकिन पुलिस ने बजरंग दल कार्यकर्ताओं को गांधी पार्क के समीप वापस भेज दिया लेकिन कांग्रेसी चौक पर ही प्रदर्शन करने लगे और वह भी बैरीकैडिंग लांघने लगे लेकिन पुलिस ने कामयाब नहीं होने दिया और सभी को रोक लिया जिससे टकराव होने से टल गया।
इस अवसर पर बजरंग दल के विकास वर्मा ने कहा कि कांग्रेस के ताबूत में अंतिम कील बजरंग दल ही ठोकेगा। उन्होंने कहा कि याचना नहीं अब रण होगा और संघर्ष महा भीषण होगा। उन्होंने कहा कि कर्नाटका में बजरंग दल के ऊपर प्रतिबंध लगाने की घिनौनी मानसिकता, हिंदू विरोधी मेनिफेस्टो कांग्रेस पार्टी द्वारा जारी किया गया और देशभर में कहीं भी हिंदू विरोधी कांग्रेस सरकार बनेगी तो बजरंग दल पर बैन लगाएंगे। उन्होंने कहा कि सेवा, सुरक्षा, संस्कार, देश भक्ति, धर्म भक्ति, रक्तदान, गौ सेवा, गौ रक्षा, में सक्रिय रहने वाले देश के सबसे बड़े युवा संगठन बजरंग दल को पीएफआई जैसे देश विरोधी, अलगाववादी विचारधारा,गजवा ए हिंद की घिनौनी मानसिकता के साथ देश भर में दंगे कराने की योजना को क्रियान्वित करने वाले आतंकवादी संगठन के समकक्ष रखना भारत देश के बहुसंख्यक हिंदू समाज का अपमान है।
उन्होंने कहा कि बजरंग दल अपने आराध्य भगवान हनुमान के सेवा भाव को प्रेरणा मानकर कार्य करता है । उन्होंने कहा कि वैसे तो बजरंग दल कभी राजनीतिक विषयों पर मुखर होकर नहीं आया धार्मिक विषयों पर संघर्षरत रहने वाला बजरंग दल अब चुप न बैठेगा और उन्होंने कहा कि पानी सिर से ऊपर आ चुका है। उन्होंने कहा कि बजरंग दल के स्वाभिमान सम्मान की नहीं अपितु समस्त हिंदू समाज की है जो बजरंग दल की कार्यशैली पर भरोसा करता है वह मानते है। उन्होंने कहा कि आज देश में आज बजरंग दल है तो कहीं न कहीं हिंदू सुरक्षित है । उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की शुद्धि बुद्धि के लिए हनुमान चालीसा का पाठ कर गोमूत्र से कांग्रेस भवन को शुद्ध करने के लिए छिड़काव किया वहीं दूसरी ओर कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा कि कर्नाटका में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने युवक युवतियों का उत्पीडऩ कर रखा है और चाहे वह भाई बहन ही क्यों न हो लेकिन लगातार उत्पीडऩ करते हुए आ रहे है और वह पुलिस को कुछ नहीं समझते है और वह पुलिस विंग का कार्य कर रही है जनता बजरंग दल से परेशान है इसलिए कांग्रेस ने बजरंग दल को प्रतिबंधित करने की घोषणा की है जिससे जनता को राहत प्रदान कर सके।
उन्होंने कहा कि यूनान मिस्र रोम सब मिट गए जहां से बाकी मगर है अब तक नामों निशा हमारा । कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौरे जहां हमारा। उन्होंने कहा कि आज बजरंग दल के सदस्यों ने कांग्रेस मुख्यालय में गुंडागर्दी करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ललकारा कांग्रेस भवन का घेराव करने की कोशिश की, और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी मुंह तोड़ जवाब देते हुए उन्हें भागने को मजबूर कर दिया। इस अवसर पर कांग्रेस के मीडिया प्रभारी पी के अग्रवाल, महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला, महानगर अध्यक्ष डाक्टर जसविन्दर पाल सिंह गोगी, गोदावरी थापली, एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी, पूर्व अध्यक्ष व युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष मोहन भंडारी, राजेश चमोली, अमरजीत सिंह, अनिल नेगी, संदीप चमोली, अनूप कपूर, मीना रावत, विकास नेगी, मोहन काला, विनित प्रसाद भटट सहित अनेकों पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल रहे।