मंत्री ने सड़क पर दिखाया बाहुबल!

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देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड में पुष्कर सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल का लम्बे समय से विवादों से नाता रहा है जहां विधानसभा में बैकडोर से हुई भर्तियों में उनके इस्तीफे को लेकर कांग्रेस और विपक्ष ने बार-बार सरकार पर हल्ला बोला तो वहीं कैबिनेट मंत्री ने अपने सुरक्षाकर्मियों और साथ के एक व्यक्ति के साथ मिलकर ऋषिकेश के एक व्यक्ति को दौडा-दौडाकर पीटा और उसके बाद दो व्यक्तियों के खिलाफ उनके सुरक्षाकर्मी ने संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया वह पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा गया कि जो पुलिस मामूली धाराओं में आम इंसान का मुकदमा दर्ज करने के लिए आगे नहीं आती उसने मंत्री की हनक के आगे दो व्यक्तियों पर जिस तरह से संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और उसके बाद क्रास एफआईआर में मंत्री का नाम शामिल न करना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खडे कर गया? हैरानी वाली बात है कि मंत्री ने मीडिया को जो अपने ऊपर हुये कथित हमले की कहानी बयां की उस कहानी को एक नये वीडियो ने झूठ का पुलिंदा बना दिया है? इस वीडियो में जिस तरह से कैबिनेट मंत्री मुक्केबाज पहलवान की तरह इलाके के एक व्यक्ति को अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ मिलकर जिस बेदर्दी के साथ पीटते हुए दिखाई दे रहे है उससे साफ संदेश जा रहा है कि उत्तराखण्ड में कुछ राजनेता किस तरह से सत्ता के अहंकार में एक आम इंसान को अपनी ताकत दिखाने से बाज नहीं आ रहे हैं?
दो दिन पूर्व ऋषिकेश में पुष्कर सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल और उनके एक सुरक्षाकर्मी तथा उनके साथ एक-दो लोगों ने एक व्यक्ति को जिस तरह से दौडा-दौडाकर पीटा उसकी वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई और मंत्री की यह सरेआम फाइटिंग देश और विदेश में भी खूब देखी गई ऐसी चर्चाएं आम हो रखी हैं? इस फाइटिंग के बाद जब प्रेमचंद अग्रवाल धिरते हुए नजर आये तो उन्होंने मीडिया के सामने अपने ऊपर हुये कथित हमले की जो स्टोरी सुनाई उसे सुनकर कोई भी यह समझ सकता था कि यह स्टोरी एक सोची समझी रणनीति के तहत सुनाई जा रही है? हैरानी वाली बात है कि एक आम आदमी सुरक्षा के घेरे में मौजूद मंत्री पर भी हमला करने की कोशिश करता है और उनका कुर्ता फाडकर उनकी जेब से पैसे और सामान भी लूटता है और तो और सुरक्षाकर्मी का हथियार छीनने की भी वह कोशिश करता है जिसे सुनकर हर दूसरा आदमी इस स्टोरी को काल्पनिक स्टोरी करार दे रहा था? मंत्री के सुरक्षाकर्मी ने सुरेन्द्र सिंह नेगी और उसके साथ मौजूद धर्मवीर के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया लेकिन जब सुरेन्द्र नेगी की क्रास एफआईआर दर्ज की गई तो उसमें मंत्री का नाम कहीं दिखाई नहीं दिया जिससे पुलिस की कार्यशैली पर भी एक सवालिया निशान लग गया कि मित्र पुलिस किस तरह से अपने कर्तव्य का निर्वाहन कर रही है? आज इस हमले का एक नया वीडियो सामने आया और इस वीडियो में कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल और उनके दो वर्दीधारी सुरक्षाकर्मी सुरेन्द्र नेगी को जमकर सडक के बीचो-बीच कार के साथ सटाकर पीटते हुए नजर आ रहे हैं। मंत्री जिस तरह से सुरेन्द्र नेगी को सडक पर पीट रहे थे उसे देखकर लोग यह कहने से भी नहीं चूक रहे थे कि एक आम इंसान को कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल किस तरह से मुक्केबाज पहलवान बनकर उसे पीट रहे थे। हैरानी वाली बात है कि एक ओर दिल्ली में महिला पहलवानों ने न्याय की लडाई के लिए केन्द्र सरकार का सिरदर्द कर रखा है वहीं ऋषिकेश की सडक पर जिस तरह से प्रेमचंद अग्रवाल मुक्केबाज पहलवान बनते हुए दिखाई दे रहे हैं उससे पुष्कर सरकार भी आवाम के निशाने पर आ गई है? अब सवाल खडे हो रहे हैं कि जब पुलिस एफआईआर में मंत्री का नाम नहीं लिख पा रही तो वह कैसे इस मामले की निष्पक्ष जांच करेगी यह अपने आपमें एक बडा सवाल राज्य के अन्दर खडा हो गया?

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