कहां फ रार हो गये अय्याशी और रेव पार्टी के खिलाडी?

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विकासनगर(सतपाल धानिया)। सहसपुर के संजीवनी रिजॉर्ट में गुप्त सूचना के बाद पुलिस टीमों ने वहां बडी कार्यवाही करते हुए जिस तरह से रेव पार्टी में नशे और अय्याशी के खेल को नेस्तनाबूत किया तो फिर वो कौन महकमें का लंका भेदी था जिसने रिजॉर्ट के संचालक और चंडीगढ से लाई लडकियों के दलाल को भगाने के लिए उनके लिए मुखबरी का खेल खेला था? हैरानी वाली बात है कि बार-बार संजीवनी रिजॉर्ट में अवैध धंधे हो रहे हैं लेकिन रिजॉर्ट को सील कर उसके संचालक के खिलाफ बडी कार्यवाही करने का पुलिस महकमा क्यों साहस नहीं कर पाता यह उसकी मंशा पर बडा सवाल खडा कर रहा है? सवाल यह भी खडा हो रहा है कि अभी तक पुलिस के हाथ गुनाहगारों की गिरेबॉ तक क्यों नहीं पहुंच पाये? क्यों अब तक इनके ऊपर ईनाम घोषित नहीं किया गया? क्यों अब तक इस रिजॉर्ट को सील करने की दिशा में सिस्टम ने अपनी सख्ती नहीं दिखाई? ऐसे में उत्तराखण्ड की राजधानी में कैसे अवैध धंधे करने वालों पर नकेल लग पायेगी यह अपने आपमें कई सवाल खडे कर रहा है?
सहसपुर विधानसभा के होरावाला गांव में संजीवनी रिजॉर्ट में एसएसपी देहरादून के निर्देश पर अनैतिक देह व्यापार और मादक पदार्थों की तस्करी मामले में अभी तक रिजॉर्ट के संचालक अमित गर्ग व संजय फरार है फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है उक्त प्रकरण में पुलिस ने संजीवनी रिजॉर्ट से पंद्रह युवतियों को बरामद किया था जिन्हे रिजॉर्ट संचालक अमित गर्ग व संजय के द्वारा डांस करने के लिए बुलाया था पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ था कि रिजॉर्ट में लड़कियों को काम दिलाने के बहाने बुलाया जाता है और बाद में उन्हें देह व्यापार में धकेल दिया जाता है संजीवनी रिजॉर्ट में दिल्ली हरियाणा चंडीगढ़ पंजाब आदि राज्यों से लड़कियों को बुलाया जाता था और उनसे जबरन देह व्यापार कराया जाता था साथ ही रिजॉर्ट में अवैध नशा भी ग्राहकों को परोसा जाता था पूर्व में भी संजीवनी रिजॉर्ट में बड़े पैमाने पर जुआ खिलाने का खुलासा हुआ था उस दौरान बाहरी राज्यों के कई अपराधिक किस्म के व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया था बावजूद इसके उस दौरान भी रिजॉर्ट को सीज नही किया था और संचालक तब भी बच निकला था देह व्यापार और मादक पदार्थ बरामद होने के बाद से ही संचालक व एक अन्य फरार है तो वही उक्त प्रकरण की विवेचना विकासनगर कोतवाल शंकर सिंह बिष्ट को सौंपी गई है उनका कहना है कि छापे की कार्यवाही के बाद से ही थानाध्यक्ष सहसपुर गिरिश नेगी द्वारा संजीवनी रिजॉर्ट को सील किया है जिससे कि साक्ष्यों से छेड़छाड़ ना की जा सके कहा कि पूरे प्रकरण की बारीकी से जांच की जा रही है दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा साथ ही बताया कि रिजॉर्ट को सीज करने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया जाएगा कहा कि प्रकरण के सभी पहलुओं पर गंभीरता व मुस्तैदी से कार्य किया जा रहा है ओर तमाम सबूत जुटाए जा रहे हैं साथ ही साक्ष्यों से किसी भी तरह के छेड़छाड़ ना हो उसे ध्यान में रखते हुए पूरे रिजॉर्ट को सील कर दिया गया है और रिजोर्ट पुलिस की निगरानी में है रिजॉर्ट के गेट पर ताला लगा दिया गया है वर्तमान में रिजोर्ट में किसी भी तरह की गतिविधि संचालित नही हो रही है।

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