कटघरे में मेयर गामा!

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून। एक ओर तो उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार और घोटालों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद किये हुये हैं और उन्होंने साफ अल्टीमेटम दे रखा है कि भ्रष्टाचार करने वाले किसी भी राजनेता या अफसर को बक्शा नहीं जायेगा वहीं अधिवक्ता और आरटीआई एक्टिविस्ट ने राजधानी के मेयर को कटघरे में खडा करते हुए खुली दहाड लगाई है कि उन्होंने पंाच साल में अपनी दस गुना सम्पत्ति की है और इन सम्पत्तियों की जांच के लिए उन्होंने देश के प्रधानमंत्री व राज्य के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है साथ ही विजिलेंस में भी शिकायत दी है और अगर विजिलेंस ने कुछ अवधि तक मेयर के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम में मामला दर्ज न किया तो वह न्यायालय में वाद दाखिल करेंगे और भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लडाई अब रूकेगी नहीं। अधिवक्ता ने यह भी दावा किया कि जल्द वह मेयर की कुछ और बडी सम्पत्तियों को लेकर भी खुलासा करेंगे। अधिवक्ता की इस दहाड से भाजपा के लिए मेयर एक सिरदर्द बनते हुए दिखाई दे रहे हैं? अब देखने वाली बात होगी कि क्या जो मेयर मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों में अकसर दिखाई देते आ रहे हैं क्या उन पर लगे आरोपों के चलते मुख्यमंत्री उन्हें अपने कार्यक्रमों से दूर रखने का आदेश देंगे या नहीं यह देखने वाली बात होगी?
उल्लेखनीय है कि काफी समय पूर्व खानपुर के विधायक उमेश कुमार ने मेयर गामा की सम्पत्तियों को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी टिप्पणियां लिखी थी और कुछ सम्पत्तियों को लेकर उन्होंने यह सवाल भी दागे थे कि आखिरकार यह सम्पत्तियां किसकी हैं? हालांकि मेयर ने उमेश कुमार के किसी भी आरोप पर अपना स्पष्टीकरण नहीं दिया था। अब राजधानी के अधिवक्ता व आरटीआई एक्टिविस्ट विकेश सिंह नेगी ने मेयर सुनील गामा को कटघरे में खडा करते हुए उनके खिलाफ आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में विजिलेंस में शिकायत की है। विकेश सिंह नेगी का आरोप है कि मेयर बनने के बाद उन्होंने ग्यारह सम्पत्तियां खरीदी जिसका मूल्य बाजार में बीस करोड है। विकेश सिंह नेगी ने मेयर पर पद का दुरूपयोग कर आय से अधिक सम्पत्ति जुटाने का आरोप लगाया है। विकेश सिंह के इस आरोप से भाजपा और सरकार के माथे पर चिंता की लकीरें पड गई हैं? मेयर सुनील गामा के खिलाफ आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने का आरोप उस शासनकाल में लगा है जहां राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य में पनपते आ रहे भ्रष्टाचार व घोटालों के खिलाफ कार्यवाही करने का खुला ऐलान कर चुके हैं। विकेश सिंह नेगी ने मेयर पर जिस तरह से आरोपों की झडी लगाई है उसकी गूंज देश के प्रधानमंत्री से लेकर राज्य के मुख्यमंत्री तक भी पहुंच चुकी है ऐसे में भाजपा संगठन जो कि 2०24 की लोकसभा तैयारियों में जुटने लगा है उन्हें मेयर पर लगे आरोपों को लेकर जरूर ंिचता का दौर शुरू हो गया होगा क्योंकि उत्तराखण्ड पर देश केे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लगातार नजर बनी रहती है और उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखण्ड में फैले भ्रष्टाचार व घोटालों पर प्रहार करने का खुला संदेश दे रखा है। ऐसे में अब सबकी नजरें राज्य के मुख्यमंत्री पर जा टिकी हैं कि वह किस रणनीति के तहत भ्रष्टाचार का सफाया करेंगे? विकेश सिंह नेगी ने ‘क्राईम स्टोरीÓ से बातचीत करते हुए कहा कि अगर कुछ दिनों के भीतर विजिलेंस ने मेयर सुनील गामा के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया तो वह विजिलेंस न्यायालय में मेयर के खिलाफ 156/3 में भ्रष्टाचार अधिनियम का मुकदमा डालेंगे और अब उनकी भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुई जंग रूकेगी नहीं। उन्होंने कहा कि मेयर की कुछ और बडी सम्पत्तियों को लेकर वह जल्द खुलासा करेंगे।
विकेश सिंह नेगी ने जिस तरह से निकाय चुनाव व 2०24 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले राजधनी के मेयर सुनील गामा की सम्पत्तियों को लेकर बडा खुलासा किया है उससे सरकार और संगठन के सामने भी एक बडा संकट खडा हुआ दिखाई दे रहा है? आवाम के मन में यह बात भी उभर रही है कि अगर राज्य के अन्दर लोकायुक्त होता तो अब तक राज्य में बेनामी सम्पत्तियों का साम्राज्य खडा करने वालों के खिलाफ बडी कार्यवाही अभी तक देखने को मिलती लेकिन राज्य में भ्रष्टाचार और घोटालों का अंत करने के दावे के बीच लोकायुक्त का गठन न करना भी सरकार को कटधरे में खडा कर रहा है?

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