गढ्ढों में समाई हुई है राज्य सरकार

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देहरादून(नगर संवाददाता)। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हरीश रावत ने कहा है कि केन्द्र सरकार के इशारे पर सूरत में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर कार्रवाई हुई है और विपक्ष के नेताओं को समाप्त करने की कुचेष्ठा का कुकृत्य केन्द्र सरकार कर रही है और देशभर के सभी कांग्रेसी राहुल गांधी के साथ दृढ़ता से खडे है। उन्होंने राज्य की भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि एक साल की नहीं अपितु छह साल की हो गई है और जहां देखों सड़कों व गलियों में गढ्ढे ही गढ्ढे दिखाई दे रहे है और राज्य सरकार गढ्ढों में समाई हुई है।
यहां कांग्रेस मुख्यालय पर पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा सरकार को बने हुए छह वर्ष हो गये है और राज्य सरकार एक वर्ष का जश्न मना रही है और 6 सालों में राज्य की सरकार विफल रही है और राज्य की सड़को को लेकर लगातार चिंता व्यक्त की है लेकिन सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं है और यहां तक की राष्ट्रीय राजमार्ग में भी गढढे ही गढढे है और क्रिकेटर ऋषभ पंत के एक्सीडेंट के बाद सरकार के सर्वें में यह खुलासा हुआ है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार का अब तक का कार्यकाल निराशाजनक रहा है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को हुई दो साल की सजा को लेकर भी केंद्र सरकार पर कसा तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी को फंसाने का केंद्र सरकार ने यह काम किया है और उत्तराखंड कांग्रेस राहुल गांधी के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अदाणी को फायदा पहुंचाने के लिए यह काम किया है।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार लोकतंत्र की सुनियोजित षडयंत्रपूर्ण तरीके से धज्जियां उडा रही है और कांग्रेस न्यायपालिका का पूरा सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि षडयंत्र पूर्ण तरीके राहुल गांधी पर मुकदमा भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के इशारे पर किया गया जिसने मुकदमा कराया वह मंत्री ही नहीं शीर्ष नेताओं में से है और विपक्ष के नेतृत्व को समाप्त करने की साजिश की जा रही है और यह भाजपा के विपक्ष मुक्त नारे का क्लाईमैक्स है। उन्होंने कहा कि नेहरू सरनेम पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने क्या कुछ नहीं कहा और आरएसएस भी इससे पीछे नहीं रही और एक सत्य को सरनेम के साथ कहा तो मुकदमा दर्ज किया और उस सरनेम की मजाक उडाते है और करते है लोकतंत्र की सेवा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विदेशी दौरों का उपयोग अडानी के आर्थिक रूप से और मनी लांड्रिंग के मामले में बचाया जा रहा है और राहुल गांधी की राजनैतिक हत्या केन्द्र सरकार कर रही है।
उन्होंने कहा कि पूर्व में एक आवाज आई की हॉकम सिंह का हॉकम कौन है और अब फिर से वही आवाज आ रही है कि धारीवाल का हॉकम कौन है और भाजपा को इसका जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग ही पेपर लीक के मामले में संलिप्त है। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष व विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि राज्य के अंदर सरकार को बने छह वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है जबकि राज्य की धामी सरकार को एक साल के कार्यकाल को उत्सव के रूप में मना रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का राज्य की तरफ कोई ध्यान नहीं है और अंकिता हत्या कांड को लेकर सरकार पर साधा निशाना कहा कि सरकार ने अब तक सीबीआई की जांच नहीं की है और उन्होंने इस मामले की सीबीआई जांच की जाये और हाईकोर्ट के सिटिंग जज से भी मामले की जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि महंगाई राज्य में लगातार बढ़ रही है और सरकार महंगाई को नियंत्रित नहीं कर पा रही है और शराब को किया सस्ता जब की रोज रोजमर्रा की सामग्री को किया महंगा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में लगातार बढ़ रहे भ्रष्टाचार पर रोक लगाने में सरकार नाकामयाब हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार हर विधानसभा में एक साल पूर्ण होने का जश्न मना रही हैं और राज्य में लगातार युवा हो रहे हैं और बेरोजगार लेकिन राज्य की पुष्कर सिंह धामी सरकार युवाओं पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार जोशीमठ की ओर किसी भी प्रकार का ध्यान नहीं दे रही है और लगातार वहां के निवासी पदयात्रा निकाल रहे है।
उन्होंने कहा कि आज लोकतंत्र पर हमला हो रहा है यह बात सुप्रीम कोर्ट के जजों ने भी कही थी। इस अवसर पर पूर्व मंत्री हीरा सिंह कहा कि राहुल गांधी को संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा है और कांग्रेस की सरकार में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को सरकार का प्रतिनिधित्व करने के लिए यूएनओ भेजा गया और आज केन्द्र सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है। छह साल में चार लाख युवा राज्य से पलायन कर गये है और राज्य सरकार का एक मंत्री पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी व राजीव गांधी की शहादत को हादसा बता रहा है इसके लिए प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को माफी मांगनी चाहिए। इस अवसर पर वार्ता में पूर्व मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी, हीरा सिंह बिष्ट, मथुरादत्त जोशी, गरिमा माहरा दसौनी, शीशपाल सिंह बिष्ट, लालचन्द शर्मा, सुमित्तर भुल्लर, पूनम कंडारी, अमरजीत सिंह आदि शामिल रहे।

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