देहरादून(नगर संवाददाता)। प्रथम नवरात्र नव सवस्तर 2०8० के दिन 7० वां वार्षिक ध्वजारोहण महोत्सव की प्रथम बेला में आज मां कालिका मंदिर का अभिषेक प्रात: पांच बजे प्रारंभ हुआ जिसमें दूध, दही, घी, शक्कर इत्यादि जल से मां को पंचामृत बनाकर स्नान कराया गया व हरे रंग के नवीन वस्त्र धारण कराए गए।
इस अवसर पर मंदिर के मुख्य पुजारी द्वारा मंदिर में घट स्थापना किया गया व सभी देवी देवताओं को आमंत्रित कर उनका पूजन किया गया और जिसमें घंटी पूजन, शंख पूजन, सूर्य पूजन, गणेश पूजन, लक्ष्मी पूजन व नवग्रह पूजन अनादि देवताओं का पूजन पुजारी द्वारा किया गया। इस अवसर पर तत्पश्चात मां दुर्गा की ढोल बाजे के साथ अपार भक्तों द्वारा मां की सामूहिक आरती हुई, इस अवसर पर मंदिर समिति द्वारा आमंत्रित किए गए उत्तराखंड से विद्वान 54 ब्राह्मणों को तिलक किया गया। इस अवसर पर तत्पश्चात सभी ब्राह्मणों ने स्वस्तिवाचन व संकल्प लेकर मां दुर्गा सप्तशती का पाठ व माँ दुर्गा का जाप प्रारंभ किया और 54 ब्राह्मणों द्वारा दुर्गा सप्तशती का पाठ व जाप प्रात: एवं सायकल दोनों समय चलता रहेगा। इस अवसर पर मंदिर के पुजारी चंद्र प्रकाश ममगांई द्वारा आज नव संवत्सर सुनाया गया उन्होंने पिंगल नाम का नव संवत्सर है जिसका राजा बुध और मंत्री शुक्र है नव संवत्सर का घर इस वर्ष धोबी के घर होगा फलस्वरूप वर्षा विपुल एवं उत्तर मात्रा में होगी धान्य गेहूं चने, गन्ना, ईख, मक्खी, हरी सब्जियां, वृक्ष व फलों का उत्पादन अच्छा होगा और लोगों में सुख एवं ऐश्वर्य के साधन बनेंगे पूरे तालाब, नदी, नाले, बावढिय़ा, दरिया आदि जलापूरित रहेंगें और नव संवत्सर बुध होने के कारण संवत्सर का वाहन गीदड़ होने से देश के विभिन्न भागों में खासकर दक्षिण उत्तरी प्रांतों में शासन परिवर्तन विग्रह एवं राजनीतिक उथल-पुथल होगी।
उन्होंने कहा कि राजा बुध होने के कारण पृथ्वी पर वर्षा अच्छी होगी घर-घर में वैवाहिक मांगलिक कार्य तथा उत्सव अधिक होंगे लोगों में दान दया एवं धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और लोगों में स्वास्थ्य संबंधी चेतना एवं जागरूकता बढ़ेगी तथा विशेष वर्ग के लोगों में धन-धान्य सुख साधन एवं समृद्धि बढ़ेगी व्यापारी शिल्पी लेखक तथा डॉ लोगों के लिए विशेष लाभ लाभ वाले होंगें। उन्होंने कहा कि मंत्री शुक्र होने से इस वर्ष खेती-बाड़ी के लिए चूहे जंगली सूअर अन्य वन्यजीवों सांड आदि से खड़ी फसलों को हानि पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि कहीं जगह वार्षिक वर्षा अधिक होगी जिससे कहीं अतिवृष्टि भूख स्थल बार इत्यादि प्राकृतिक प्रकोप से कृषि धन आदि आदि होगी नदियों का जल गांव बस्तियों में प्रविष्ट होने से भय होगा यद्यपि दाने चावल की फसल अच्छी होगी परंतु खानदान के बाजार में अकारण उछाल आ जाएगा रुई कपास दाने चावल अलसी तेल अरणी आदि के व्यापारी अच्छा मुनाफा उठा पाएंगे राजा बुध तथा मंत्री शुक्र होने से राजनीति सामाजिक आर्थिक आदि सभी क्षेत्रों में चालाकी कपट एवं बौद्धिक बूटियों का प्रयोग होने लगेगा। उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष भर भी ऐसे अनेक राजनीति समीकरण देखने को मिलेंगे जिनमें पर्यंत दोगलापन पीठ पर छुरा घोंप ना आदि के उदाहरण मिलेंगे देश में गीतकार संगीतकार अभिनेता विद्वानों राजनीतिज्ञों की गैर कानूनी एवं देश विरोधी गतिविधियों उजागर होगी। इस अवसर पर मन्दिर के पुजारी कविन्दर सेमवाल जी ने मां कालिका यज्ञशाला में दैनिक यज्ञ के साथ आज दुर्गा सप्तशती गायत्री मृत्युंजय, विष्णु सहस्रनाम, नवग्रह अनादि मंत्र के माध्यम से समस्त विश्व कल्याण हेतु उपद्रव शांति हेतु आहुतियां प्रदान की गयी जो कि दैनिक हवन के साथ के राम नवमी तक जारी रहेगी।
इस अवसर पर श्री सिंदुरिया हनुमान मंदिर में मंदिर के ही मुख्य पुजारी के नेतृत्व मे श्री राम चरित्र मानस का नवहन पाठ प्रारंभ हुआ जिसमें भी घट स्थापन, गणेश पूजन, लक्ष्मी पूजन,भगवान शंकर पूजन, सूर्य पूजन, नवग्रह पूजन अनादि देव का पूजन मंदिर के पुजारी द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रात: 9.3० बजे से मां अन्नपूर्णा में सर्वप्रथम पधारे हुए 54 ब्राह्मणों व संत समाज ने जलपान प्रसाद ग्रहण किया और तत्पश्चात अपार भक्तों द्वारा जलपान किया गया और दोपहर 12.3० बजे मंदिर प्रांगण में विशेष भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सांयकल 5.०० बजे मंदिर खुलने के पश्चात 54 ब्राह्मणों द्वारा दुर्गा सप्तशती का पाठ प्रारंभ हुआ जो कि 7.०० बजे तक चला और तत्पश्चात मां जगदंबा की सामूहिक आरती 54 ब्राह्मण व अपार भक्तों द्वारा की गई. आरती से पूर्व सर्वप्रथम दुर्गा चालीसा दुर्गा कवच का पाठ हुआ तत्पश्चात मां की आरती हुई आरती के पश्चात प्रसाद वितरण हुआ। इस अवसर पर मंदिर समिति के मंत्री भारत भूषण शर्मा ने बताया कि 54 ब्राह्मणों द्वारा दुर्गा सप्तशती का पाठ प्रात: एवं सायकल दोनों ही समय चलेगा तथा सिंदुरिया हनुमान मंदिर में रामचरित मानस का पाठ चलेगा। इस अवसर पर समिति के ट्रस्टी गगन सेठी, दयाल धवन, रमेश सहानी, नरेश मैनी, उमेश मिनोचा, भारत भूषण शर्मा, हरीश कक्कड़, संजय आनंद, विजय अरोड़ा, सतीश मेहता, रामस्वरूप भाटिया, जय किशन कक्कड़, संजय चांदना, मुरली, मोहित बांगा,, नीरज जिंदल, प्रतीक मैनी, नंद कुमार आनंद, शैंकी डोरा, शशी तलवार, महेश डोरा, श्याम अरोरा, संजीव शर्मा, साहिल आहूजा, अभिषेक वाधवा व अपार भक्त समाज उपस्थित रहे।