देहरादून(नगर संवाददाता)। राजधानी में एक बार फिर से उत्तराखंड बेरोजगार संघ के भर्ती घोटालों की सीबीआई से जांच कराये जाने की मांग को लेकर बेरोजगारों ने सत्याग्रह शुरू कर दिया है और संघ के सत्याग्रह से पूर्व ही नगर निगम प्रशासन ने गांधी पार्क को धरना प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबंधित कर वहां पर बैनर व सूचना पटट लगाये जाने की तीखी प्रतिक्रिया के बीच कांग्रेस नेता व अधिवक्ता पंकज क्षेत्री ने सूचना पटट व बैनर को वहां से हटा कर नगर निगम स्थित मेयर कार्यालय पहुंचा दिया गया है और उन्होंने मेयर कार्यालय पर धरना भी दिया।
इस अवसर पर कांग्रेस नेता व अधिवक्ता पंकज क्षेत्री ने कहा है कि नगर निगम प्रशासन ने गांधी पार्क को धरना प्रदर्शन प्रतिबंधित क्षेत्र बताने वालो बैनर व सूचना पटट को उखाडकर मेयर के कार्यालय में पहुंचा दिया है और उन्होंने कहा कि आंदोलनों से बने राज्य में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम के पार्क में धरने प्रदर्शन पर रोक सरासर अलोकतांत्रिक है और ऐसे फरमान को उत्तराखंड की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के फरमान का व्यापक स्तर पर विरोध किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि आजादी हमारा संविधान व लोकतंत्र देता है और यहां नगर निगम प्रशासन ने मजाक बनाकर रख दिया है और चार बेरोजगार यहां पर गांधीजी की प्रतिमा पर सत्याग्रह करने से सरकार हिल जाती है और यह मुख्यमंत्री, लोकतंत्र, संविधान व उत्तराखंड के शहीदों का अपमान है और शहीदों की शहादत व आंदोलनकारियों की बदौलत बना है और मेयर इस तरह का बोर्ड लगायेंगें जो गलत है और इस प्रकार अधिकार मेयर को नहीं है और यहां पर इस प्रकार किसी भी कोई नोटिस नहीं लगाया जा सकता है और मेयर अपने को तथाकथित आंदोलनकारी बताते है और शायद वह आंदोलनकारी की पेंशन ले रहे हों और उन्हें इस प्रकार के सूचना पट्ट लगाने का कोई अधिकार नहीं है और वह यहां पर अकेले आये है और अपने अधिकारों व संविधान के अधिकारों को पूरी तरह से जानते है। उन्होंने कहा कि मेयर के इस प्रकार के नोटिसों व आदेशों का पुरजोर विरोध किया जायेगा। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता पंडित मनीष कुमार गौनियाल भी शामिल रहे।