देहरादून(नगर संवाददाता)। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के कांग्रेसियों को लेकर दिए गए के विरोध में कांगेसजनों ने राजधानी में रैली निकालकर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी का पुतला फूंका और मुख्यमंत्री से ऐसे मंत्री के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की गई और कहा कि ऐसे मंत्री की जुबान पर मुख्यमंत्री लगाम लगायें।
यहां महानगर कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में कांग्रेसजन राजीव भवन में इकटठा हुए और वहां से कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया और पुतले को आग के हवाले कर दिया। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने कहा है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ऐसे मंत्री गणेश जोशी के लगातार बयान देने पर लगाम लगानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री लगातार अनर्गल बयानबाजी करते हुए आ रहे है और इससे पहले वह शक्तिमान घोडे के बयान पर घिरे और फिर पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी की शहादत पर अनर्गल बयानबाजी की और अब इस प्रकार से कांग्रेस पर टिप्पणी कर रहे है और उन्हें पता नहीं है कि देश को नौ रत्न देने व विकसित देशों की श्रेणी में कौन लाया।
इस अवसर पर महानगर अध्यक्ष डा. जसविन्दर सिंह गोगी ने कहा कि गणेश जोशी के बयानों से ऐसा प्रतीत होता है की बढ़ती उम्र के साथ वह अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता के अहंकार में जोशी अपनी सुध बुध खो चुके हैं, पहले गणेश जोशी सिर्फ शक्तिमान घोड़े के हत्यारे के रूप में चर्चित थे, परंतु फिर कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को बंटी बबली के नाम से पुकारने पर उन्होंने अपनी निचली सोच प्रदर्शित की और हाल ही में कभी पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी और स्वर्गीय राजीव गांधी की शहादत को हादसे का नाम देकर गणेश जोशी बैकफुट पर दिखाई दिये और वह अपना मानसिक संतुलन खो बैठे है और तब वह इस प्रकार की बयानबाजी करते हुए आ रहे है जिसकी जितनी निंदा की जाये वह कम है।
इस अवसर पर अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा, पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल, महानगर अध्यक्ष जसविन्दर सिंह गोगी, मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसौनी, मोहन भंडारी, विनित प्रसाद भटट, संग्राम सिंह पुंडीर, नजमा खान, आशा मनोरमा डोबरियाल शर्मा, आशा टम्टा, मोहन काला, अनिल नेगी सहित अनेकों कार्यकर्ता शामिल रहे।