कुख्यात चोर सलाखों के पीछे

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देहरादून(संवाददाता)। रायपुर के मयूर विहार इलाके में हुई लाखों की चोरी की घटना के खुलासे के लिए कई पुलिस टीमों को मैदान में उतारा गया था और एसपी सिटी के साथ सीओ रायपुर भी चोर गैंग को दबोचने के लिए पुलिस टीमों को दिशा निर्देश दे रहे थे जिसके बाद पुलिस को एक बडी लीड मिली और उसके बाद लाखों की चोरी की घटना में शामिल उत्तर प्रदेश के एक कुख्यात चोर को गिरफ्तार कर उसके पास से चोरी का सारे जेवरात और एक लाख की नगदी बरामद की है। इस घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को पुलिस कप्तान ने बीस हजार रूपये ईनाम देने की घोषणा की है। पकडा गया चोर काफी शातिर है और कई बार जेल की सलाखों के पीछे जा चुका है।
आज पत्रकारों से रूबरू होते हुए पुलिस कप्तान दलीप कुवर ने बताया कि मयूर विहार में हुई चोरी की घटना को एक चैलेंज के रूप में लिया गया और रायपुर थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर उसे चोरी की वारदात के खुलासे के लिए आदेश दिये गये थे। एसपी सिटी सरिता डोभाल और सीओ रायपुर अनिल जोशी पुलिस टीम को लीड कर रहे थे और उसी के चलते पुलिस टीम ने चोरी में शामिल गैंग को दबोचने के लिए रणनीति बनाई और सर्विलांस व सीसी टीवी कैमरों को खंगालने के बाद सहारनपुर के कुख्यात चोर शमशाद उर्फ धर्मेन्द्र को चोरी के जेवरात और एक लाख रूपये के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस कप्तान ने बताया कि कुख्यात चोर के खिलाफ हरियाणा और उत्तराखण्ड में लगभग 18 मुकदमें कायम हैं। उन्होंने बताया कि चोर से जब पूछताछ की तो उसने खुलासा किया कि वह रसूलपुर बेहट रोड थाना चिलकाना सहारनपुर उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। उसने खुलासा किया कि वह पूर्व में मयूर विहार के आस-पास किराये के मकान पर रहता था जिस कारण मुझे मयूर विहार के आने-जाने वाले सभी रास्तों की अच्छी जानकारी थी। पूर्व में भी उसके द्वारा मयूर विहार में चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था जिसमें मैं जेल गया था । कप्तान ने बताया कि चोर ने खुलासा किया कि यमुनानगर हरियाणा में भी चोरी की थी जिसमें मुझे पुलिस यमुनानगर कोर्ट में ले गयी थी , जहाँ से वह दिसम्बर 2०22 में छूटा था और उसके चार छोटे-2 बच्चे है। जेल से छूटने के बाद मैंने सहारनपुर में ही कई बार अलग-2 जगहो पर चोरी का प्रयास किया था लेकिन उन घटनाओं में मुझे सामान नही मिल पाया था । जिसके बाद उसने ०8 व ०9 फरवरी को मयूर विहार क्षेत्र में किसी बड़ी चोरी की घटना को अंजाम देने के लिए अलग- अलग स्थानो पर रैकी की इस दौरान उसेे नौ फरवरी को मयूर विहार में एक घर के बाहर से ताला लगा हुआ दिखाई दिया उसके बाद मै वही पर रुक कर उस घर की रैकी करने लगा जब रात्रि तक मुझे उक्त मकान में किसी प्रकार की कोई गतिविधि होती हुयी नही दिखाई दी तो उसने उस मकान में चोरी करने की योजना बनायी और 9/1० की रात्रि लगभग दो बजे उसने मयूर विहार स्थित उक्त मकान के दरवाजे का सेन्ट्रल लाक लोहे की छैनी से तोडकर मकान में प्रवेश किया तथा मकान के अन्दर कमरे की आलमारी में रखे हीरे, सोने के जेवरात व रूपये चुराकर मयूर विहार खाले में स्थित झाडी में छुप गया और सुबह साढे छह बजे बिक्रम से आईएसबीटी के रास्ते अपने घर सहारनपुर उत्तर प्रदेश चला गया । चोर ने खुलासा किया कि लोहे की छैनी को आशारोडी के जंगल में फेंक दिया था। चूँकि मै पूर्व में हरियाणा में रहा था इसलिए चोरी की उक्त ज्वैलरी व पैसो को छुपाने के लिए मै हरियाणा जा रहा था, जिससे यदि पुलिस मुझे चोरी की घटना में गिरफ्तार भी कर ले तो माल की बरामदगी ना हो सके तथा मै जेल से बाहर आकर अपनी जरुरत के हिसाब से धीरे- धीरे उक्त ज्वैलरी को बेच सकू। पुलिस कप्तान ने बताया कि 11 फरवरी को मयूर विहार निवासी पूजा राठी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वह अपने रिश्तेदार की शादी में नौ फरवरी को हरियाणा गये थे और जब वापस आये तो देखा कि घर की अलमारी में रखे हीरे सोने व चांद के जेवर चोरी हो रखे थे जिसके बाद चोर को पकडने के लिए ऑपरेशन चलाया गया।

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