हर हर महादेव की गूंज से गुंजायमान हुई द्रोणनगरी

0
151

देहरादून(नगर संवाददाता)। राजधानी व आसपास के क्षेत्रों में महाशिवरात्रि का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया और लोगों ने मंदिरों में पूजा-अर्चना की तथा व्रत रखा, वहीं गढ़ी कैंट स्थित टपकेश्वर मंदिर में मध्य रात्रि से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई और हर हर महादेव व बम-बम भोले की गूंज से द्रोणनगरी गुंजायमान हो गई और श्रद्धालुओं ने शिवालय पर जलाभिषेक कर पुण्य कमाया और पूजा अर्चना की गई। वहीं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने भी टपकेश्वर मंदिर में जलाभिषेक किया। इस अवसर पर टपकेश्वर मंदिर में रिकार्ड तोड़ श्रद्धालु पहुंचे और लंबी लंबी कतार लगी रही। वहीं दूसरी ओर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की गई।
यहां राजधानी के अनेक मंदिरों में मध्य रात्रि से सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगनी शुरू हो गई थी और टपकेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुुओं की रिकार्ड तोड़ भारी भीड़ देखी गई और मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए लंबी कतार लगी रही और पुलिस का खासा इंतजाम किया गया। इस अवसर पर पुलिस के उच्च अधिकारी सुरक्षा पर नजर गढाये हुए दिखाई दिये। महाशिवरात्रि के दृष्टिगत नगर के विभिन्न शिवालियों को आकर्षक ढंग से सजाया गया और मध्य रात्रि से ही श्रद्धालुओं का तांता विभिन्न शिवालियों में लगने लगा और भीड़ प्राचीन टपकेश्वर महादेव मंदिर में रही । इस अवसर पर महाशिवरात्रि पर्व पर दूनघाटी शिवमयी हो गयी और श्रद्धालुओं ने टपकेश्वर मंदिर में जलाभिषेक करते हुए पूजा-अर्चना की। टपकेश्वर महादेव मंदिर में आधी रात से ही लोगों का तांता लगना शुरू हो गया।
इस अवसर पर राजधानी के अनेक मंदिरों पर सुबह से ही भक्तगणों ने मंदिरों में पहुंचकर जलाभिषेक करते हुए वातावरण को शिवमय बना डाला। दून नगरी में देर रात से ही पूरी तरह भक्तिरस में डूब गई वहीं शिवालयों में विशेष श्रंगार कार्यक्रम भी देर रात तक जारी रहा। रात 12 बजते ही श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के शिवलिंग पर जल चढाकर अपनी मनोकामनाओं के लिए प्रार्थना की और मंदिरों में भक्तगणों की लंबी कतारें देर रात से ही लगनी शुरू हो गयी थी जो आज प्रात: तक जारी रही।
वहीं दूसरी ओर मणिमांई मंदिर सहित अनेक मंदिरों में भी लोगों ने शिवलिंग पर जल चढाया और पूजा अर्चना की तथा मनोकामना के लिए प्रार्थना की गई। महाशिवरात्रि पर अनेक मंदिरों में भक्तगणों की भीड दिखाई दी और अपने बारी के लिए लाईनों में लगे रहे। वहीं मंदिरों को भी आकर्षक ढंग से सजाया गया और सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किये हुए थे।

LEAVE A REPLY