हाथों में थाली व कटोरा लेकर बर्खास्त कार्मिकों ने जताया विरोध

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देहरादून(नगर संवाददाता)। विधानसभा से निर्दोष बर्खास्त कर्मियों का धरना 42वें दिन भी जारी रहा इस दौरान कर्मचारियों ने विधानसभा पर भेदभाव पूर्ण कार्रवाई करने का आरोप लगाया है और इस दौरान सभी कर्मचारियों ने हाथ में थाली व कटोरा लेकर अपना विरोध दर्ज किया और कहा कि उनके समक्ष रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया है।
यहां विधानसभा के पास न्याय की मांग को लेकर विधानसभा से बर्खासत कर्मचारियों का धरना व प्रदर्शन 42वें दिन जारी रहा और इस दौरान कार्मिकों का कहना है कि विधान सभा सचिवालय के लोक सूचना अधिकारी से विधानसभा में नियुक्तियों के परीक्षक के सम्बन्ध में विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट व इस पर कार्यवाही की सूचना मांगी थी। पहले तो इस सूचना का जवाब ही नहीं मिला जब आरटीआई अपील की गयी तो विशेषज्ञ समिति की 217 पृष्ठों की रिपोर्ट विधानसभा की वेबसाइट पर अपलोड की गई। इस अवसर पर कार्मिकों का कहना है कि विधानसभा की वेबसाइट से मिली सूचना के अनुसार डी के कोटिया कमेटी की रिपोर्ट के अध्ययन के बाद यह सनसनीखेज बात प्रकाश में आयी है कि विधानसभा सचिवालय में कार्मिकों की नियुक्तियों के विधि विरूद्ध होने न होने सम्बन्धी आख्या के पैरा 12 में सभी 396 तदर्थ नियुक्तियों को एक समान प्रक्रिया के अधीन माना है। इस अवसर पर कर्मचारियों ने कहा कि इसमें स्पष्ट उल्लेख किया है। कि विधानसभा सचिवालय में वर्ष 2००1 से 2०22 तक की गयी तदर्थ नियुक्तियों एक ही प्रक्रिया के अधीन माना गया है।
इस अवसर पर कर्मचारियों ने कहा कि अब सवाल यह उठता है कि केवल 2०16 से लेकर 2०22 तक ही क्यों कार्रवाई की गई यह किस को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। बर्खास्त कार्मिकों का कहना है कि अगर एक ही प्रक्रिया के तहत सभी भर्तियां हुई है तो उन्हे किस आधार पर बर्खास्त किया गया।
इस अवसर पर कार्मिकों ने विधानसभा अध्यक्ष पर आरोप लगाए कि समानता का अधिकार सभी के लिए है, समान प्रक्रिया वाले कोई अंदर कोई बाहर यह कैसा आधा अधूरा न्याय है। उनका कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता है तब तक आंदोलन को जारी रखा जायेगा। इस अवसर पर सभी बर्खास्त कर्मचारी शामिल रहे।

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