सीएम साहब: उत्तराखण्ड को अपराधियों से दिलाओ आजादी!

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड की जनता बाइस सालों से अपने आपको अपराधियों से आजादी दिलाने का सपना पाले हुये है लेकिन आज तक किसी भी सरकार ने राज्यवासियों की इस इच्छा को परवान नहीं चढाया जिसके चलते कुछ जिलों में रहने वाले लोगों के मन में हमेशा अपराधियों को लेकर एक बडा डर बना रहता है। अपराध होने के बाद उसका खुलासा होना कोई मायने नहीं रखता क्योंकि जिस परिवार के साथ हादसा होता है वह तो उसकी पीडा जानता है लेकिन जिस अपराधी को अपराध के बाद सलाखों के पीछे पहुंचाया जाता है उसे उस अपराध का कोई रंज नहीं रहता? उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने जिस तरह से समूचे राज्य में अपराधियों की नाक में नकेल डाल दी है उसी तर्ज पर राज्य के मुख्यमंत्री कब उत्तराखण्ड में अपराध और दहशत फैलाने वालों की नाक में नकेल डालकर आवाम को इन अपराधियों से आजादी दिलायेंगे इसकी राज्यवासियों को बेसब्री से प्रतिक्षा है?
उल्लेखनीय है कि उत्तराखण्ड का जन्म होने के बाद से ही राज्य के अन्दर आतंकवाद, माओवाद, आईएसआई, अंडरवल्र्ड की धमक से आवाम को डर के साये में जीने के लिए मजबूर होना पडा है और तो और जिस तरह से कुछ जेलों में बंद कुख्यात बदमाशों ने वहीं से अपने गैंग का संचालन कर व्यापारियों व उद्यमियों से फिरौती मांगी वह हमेशा आवाम को डराती रही और हर सरकार में आवाम यही ख्वाब देखती है कि कब राज्य अपराधमुक्त बनेगा। कुख्यात बदमाशों व जमीन माफियाओं के आतंक से आज भी राज्य के कई जिलों में आम इंसान अपने आपको डरा हुआ महसूस करता है और उसे हमेशा यह भय सताता रहता है कि अगर उसने किसी भी कुख्यात द्वारा मांगी गई फिरौती व धमकी के आगे अपने घुटने नहीं टेके तो उनके प्राणों पर कभी भी संकट के बादल मंडरा जायेंगे। उत्तराखण्ड को बाइस सालों से राज्य की सरकारें अपराधमुक्त करने के दावे तो करती रही लेकिन कभी भी वह अपने संकल्प को धरातल पर नहीं उतार पाई जिसके चलते आज भी राज्य के कई जिलों में अपराधियों के खौफ से आवाम डरा और सहमा हुआ नजर आता है। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समूचे राज्य में अपराधियों को साफ चेतावनी दे रखी है कि अगर उन्होंने अपराध करने का दुसाहस किया तो उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा यही कारण है कि उत्तर प्रदेश में आज तक चला आ रहा अपराधियों का राज अब खामोश हो गया है और वहां सिर्फ पुलिस का राज चलता है जहां अपराधी छोटे से छोटा करने का अपराध करने का भी दुसाहस नहीं कर रहा है। उत्तर प्रदेश में पुलिस का इकबाल इतना बुलंद हो चुका है कि वहां बडे से बडा अपराधी भी अपराध करने से तौबा कर चुका है या फिर वह अपनी जमानतें तुडवाकर जेल जाने में ही अपनी भलाई समझ रहा है क्योंकि जिस हुंकार के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हर मंच से अपराधियों व माफियाओं को ललकारते आ रहे हैं उसी का परिणाम है कि आज वह उत्तर प्रदेश जो वर्षों तक अपराध की जननी माना जाता था वहां योगीराज में अपराध होना ही बंद हो गये हैं। वहीं उत्तराखण्ड को राज्य के मुख्यमंत्री अपराधमुक्त करने का तो संकल्प ले चुके हैं लेकिन कुछ जिलों में पुलिस का इकबाल अपराधियों और माफियाओं के आगे नहीं टिक पा रहा है। अपराध होने के बाद उसका खुलासा होना कोई मायने नहीं रखता क्योंकि अपराध तो हो चुका होता है और उसका दंश उस परिवार को झेलना पडता है जिसके साथ कोई हादसा हुआ होता है। उत्तराखण्ड में अपराध, जमीन माफिया आज भी आवाम के मन में एक बडा डर पैदा किये हुये हैं और जिस तरह से कुछ जिलों में अपराध का ग्राफ देखने को मिल रहा है उससे यह संदेश जा रहा है कि अपराधियों के मन में पुलिस का कोई भय नहीं है? वहीं राज्यवासी उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जिनके पास गृह महकमा है उन पर टकटकी लगाये बैठे हैं कि वह कब उत्तराखण्ड को अपराधियों से आजादी दिलायेंगे?

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