पुष्कर बोलेः पाताल से खोज निकालो अपराधी

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पुलिस की आंखों में उतर आये डकैत
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य को शत-प्रतिशत अपराधमुक्त करने के मिशन में आगे बढते जा रहे हैं और उन्होंने जहां चंद दिन पूर्व उधमसिंह नगर मंे हुये दो कत्ल को लेकर पुलिस कप्तान के सामने अपनी बडी नाराजगी दिखाई थी वहीं राज्य के सभी पुलिस कप्तानों को संदेश दे दिया था कि किसी भी जनपद में अगर अपराध हुआ तो वहां के पुलिस कप्तानों को ही इसका खामियाजा भुगतना पडेगा। चौबीस घंटे पूर्व डोईवाला में कैबिनेट मंत्री के भाई के आवास पर दिन दहाडे हुई डकैती की घटना की खबर सुनते ही मुख्यमंत्री काफी नाराज हुये और उन्होंने डकैतों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए जब पुलिस अफसरों के सामने सख्ती दिखाई और उन्हंे अल्टीमेटम दिया कि डकैती की वारदात में शामिल अपराधियों को पाताल से भी खोज निकाले तो उसके बाद से गढवाल रेंज के डीआईजी व पुलिस कप्तान ने डकैतों के चेहरों को खंगालने के लिए ऑपरेशन चलाया और उसके बाद उन्होंने सीसीटीवी कैमरों को खंगाला तो उसमें सभी डकैतों के चेहरे और उनके ठिकानों का पुलिस को पता चल गया जिसके बाद पुलिस की काफी टीमें उन्हें दबोचने के मिशन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक-दो जनपदांे मंे डेरा डाले हुये हैं और यह भी संभावना व्यक्त की जा रही है कि मुख्यमंत्री के तलख तेवरों को देखते हुए पुलिस की टीमें जल्द ही वारदात में शामिल डकैतों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा देगी।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बारे में एक ही विचार राज्य की जनता के मन में आ चुका है कि अगर मुख्यमंत्री फ्लावर है तो वह फायर भी हैं। मुख्यमंत्री किसी भी कीमत पर राज्य के अन्दर अपराधियों को पनपने न देने का संकल्प ले चुके हैं और उन्होंने स्पष्ट आदेश दे रखे हैं कि अगर किसी भी जनपद मंे कोई संगीन वारदात हुई तो उसका खामियाजा पुलिस कप्तानों को भुगतना पडेगा। उधमसिंहनगर में चंद दिन के भीतर दो कत्ल की वारदातें हुई तो मुख्यमंत्री ने पुलिस कप्तान को अपने सामने बंद कमरे में तलब किया और इन वारदातों को लेकर उन्होंने जिस तरह से अपनी नाराजगी दिखाई वह यह बताने के लिए काफी है कि राज्य के मुख्यमंत्री हर इंसान के जीवन को सुरक्षित रखने के लिए वचनबद्ध हैं। वहीं बीते रोज डोईवाला में जब कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के भाई के घर में दिन-दहाडे परिवार की महिला और दो नौकरानियों को बंधक बनाकर वहां घंटो लूटपाट कर काफी उत्पात मचाकर जेवरात व नकदी लूटकर फरार हुये तो उससे समूची राजधानी में हडकंप मच गया था। दिन दहाडे मंत्री के भाई के आवास में हुई डकैती की इस वारदात की गंूज जब राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी के कानो में गंूजी तो वह काफी नाराज दिखाई दिये और उन्होंने पुलिस के आला अफसरों को साफ अल्टीमेटम दिया कि इस वारदात में जो भी डकैत शामिल हैं उन्हें पुलिस टीमें पाताल से भी खोजकर बाहर लाये। डकैती की वारदात पर मुख्यमंत्री का सख्त रूख देखकर पुलिस महकमें के अन्दर एक बडा हडकम्प मच गया और गढवाल रेंज के डीआईजी तथा पुलिस कप्तान ने घटना स्थल का रात्रि में भी दौरा कर वहां लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला और उसके बाद आपातकालीन बैठक कर कुछ पुलिस टीमों को वारदात में शामिल डकैतों को पकडने का ऑपरेशन शुरू किया गया। सीसीटीवी कैमरों में डकैतों के चेहरे बेनकाब हो गये और उसके बाद इन डकैतों के लोकेशन को खंगालने के लिए पुलिस टीमें धरातल पर काम करने के लिए आगे आ गई और यह भी चर्चा है कि पुलिस टीमों के सामने सभी डकैतों के चेहरे उजागर हो चुके है और इसी के चलते उन्हें पकडने के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के दो जनपदांे मंे चर्चा है कि पुलिस ने अपनी फिल्डिंग बिछा रखी है? चर्चा यहां तक है कि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद भी इस डकैती की वारदात की मॉनिटीरिंग कर रहे हैं और यह सम्भावना जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री के सख्त रूख के चलते जल्द से जल्द वारदात मंे शामिल डकैत सलाखों के पीछे होंगे।

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