विकासनगर(सतपाल धानिया) हिमाचल ओर उत्तराखंड प्रदेश के बीच प्रस्तावित चकराता विधानसभा के संभर मैलोत क्वानू में बनने वाले एशिया की दूसरी सबसे बडी जल विद्युत परियोजना का कार्य जल्द ही प्रारंभ होने वाला है जिसे लेकर धामी सरकार ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है लेकिन किशाऊ बांध परियोजना के बनने से स्थानीय ग्रामीणों की लगभग पांच हजार बीघा भूमि व कई गांव जलमग्न हो जाएंगे जिससे ग्रामीणों की आजीविका प्रभावित होगी हालाकि सरकार सभी प्रभावितों को उचित मुआवजा भी देगी लेकिन जिस स्थान पर परियोजना बननी है वह स्थान चकराता विधानसभा का सबसे उपजाऊ स्थान हैं यहां उगाई जाने वाली फसले दुनिया भर में विख्यात है ओर खेती बाड़ी कर किसान अपनी आजीविका चलाते हैं आज जिला पंचायत अध्यक्षा देहरादून मधु चौहान के नेतृत्त्व में ग्रामीणों के एक प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गुहार लगाई है कि इस बांध को आठ किलोमीटर आगे बनाए जिससे ग्रामीणों का नुकसान ना हो ओर ना ही विद्युत परियोजना में बाधा आए ग्रामीणों ने इस परियोजना का स्वागत किया है ग्रामीणों का कहना है कि उनके द्वारा परियोजना का कोई विरोध नहीं किया जा रहा है ग्रामीण चाहते हैं कि परियोजना का दुबारा सर्वे कर बांध को आठ किलोमीटर आगे बनाया जाए साथ ही ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि जिस स्थान पर किशाऊं बांध परियोजना को बनाया जाना है वह स्थान उपयुक्त नहीं है अगर उस स्थान पर बांध बना तो भविष्य में परियोजना को खतरा हो सकता है मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार कर परियोजना का कार्य आरंभ किया जाएगा इस दौरान मुन्ना सिंह राणा,गुमान सिंह तोमर, मातवर सिंह चौहान,वीरेंद्र सिंह चौहान,भगत राम जोशी,सरदार सिंह चौहान,मोहर सिंह चौहान,श्याम सिंह राणा, सुरेंद्र सिंहतोमर बलवीर सिंह चौहान आदि मौजूद रहे