पतंजलि संजीवनी की खोज करके लायेगे
उत्तरकाशी(चिरंजीव सेमवाल)। पतंजलि योगपीठ ,निम आईएमएफ के संयुक्त अभियान दल को गंगोत्री धाम से रक्तवन ग्लेशियर के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं योग गुरू बाबा रामदेव ने फ्लैग ऑफ किया। गंगोत्री धाम पहुंचे सूबे के मुख्यमंत्री सीएम धामी ने गंगोत्री धाम पूजा अर्चना करने के बाद मां गंगा का आशीर्वाद लिया।
मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में कहा कि रामदेव की उपस्थिति ने हम सभी को ऊर्जा अनुभूति की है। पतंजलि ने जो अन्वेषण का अभियान प्रारम्भ किया है यहां उत्तराखंड ही नही पूरे देश के लिए मिल का पत्थर साबित होगा। में गंगा जी से प्रार्थना करता हूं कि जिस शोध के लिए आचार्य ‘रक्तवन’ ग्लेशियर पर निकले हैं उसमें सफलता मिले। उन्होंने कहा कि पतंजलि दुनिया भर में आयुर्वेद बढ़ाने का काम कर रही है, योग भारत का ही नही पूरी दुनिया को योग को अपनाया है। सीएम ने कहा कि में गौरवांवित महसूस कर रहा हूँ। पतंजलि संजीवनी की खोज करके लायेगे। पतंजलि ने संकल्प लिया है उत्तराखण्ड को जड़ी-बूटी में क्षेत्र में विश्व पटल तक पहुंचायेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को विश्व की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक राजधानी बनाने की दिशा में हम आगे बढ़ रहें है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने संकल्प लिया है कि हम उत्तराखंड को विश्व की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक राजधानी बनाएंगे, उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदार की भूमि से 21वी सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का बताया, जिस संकल्प को पूर्ण करने हेतु हम दिन-रात प्रयासरत हैं। इस बार चार धाम यात्रा में अभी तक 32 लाख ( रजिस्टर्ड ) श्रद्धालुओं ने यात्रा की है, मां गंगा एवं बाबा केदार के आशीर्वाद से यात्रा सुगम एवं सुरक्षित चल रही है। कावड़ यात्रा के दौरान करीब 4 करोड कावड़िए शिव भक्त उत्तराखंड आए। पहली बार हमारी सरकार ने कावड़ यात्रा में बजट का प्रावधान किया। चारधम याटा सड़क मार्ग चौड़ीकरण हो न्यालय ने उसकी अनुमति दे दी गई है। हिंदी दिवस की भी शुभकामनाएं दी। उन्होंने आयोजित कार्यक्रम में मां गंगा की निर्मलता,अविरलता और स्वच्छता को लेकर शपथ दिलाई। इस दौरान आचार्य बालकृष्ण ने कहा इस अभियान के तहत हमारे द्वारा प्रकृति को संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जा है। उन्होंने कहा निश्चित ही इस अभियान से हम सभी नया आयाम व मुकाम लेकर लौटेंगे, इस ट्रैक के माध्यम से ऐसी वनस्पतियां औषधियां जो किसी सूची में नही है, उन्हें खोजने का काम करेंगे, उन्हें इस यात्रा ट्रैक को शोध आधारित यात्रा बताया।
उल्लेखनीय है कि नेहरू पर्वतारोहण संस्थान, उत्तरकाशी तथा पतंजलि आयुर्वेद, हरिद्वार और भारतीय पर्वतारोहण संस्थान के संयुक्त रूप से गंगोत्री के रक्तवन ग्लेशियर क्षेत्र में पर्वतारोहण तथा अन्वेषण अभियान 15 दिन तक आचार्य बालकृष्ण के नेतृत्व में किया जा रहा है। इस संयुक्त अभियान के दौरान अनाम तथा अनारोहित पर्वत शिखरों का आरोहण तथा हिमालय के इस दुर्गम क्षेत्र में अन्वेषण का कार्य सम्पन्न किया जायेगा।
