सीएम ने राजनीतिक पिच पर दिखाया गजब का हुनर

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देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक साल की राजनीति में अपने ऊपर एक भी दाग नहीं लगने दिया जिससे कुछ सफेदपोश और उनके इशारे पर किसी का भी चीरहरण करने वाले कुछ मीडियाकर्मियों के संगठित गु्रप ने विधानसभा में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के कार्यकाल में हुई भर्तियों को लेकर जिस तरह से बेदाग मुख्यमंत्री को निशाने पर लेने का एक बडा षडयंत्र रचा उस षडयंत्र से राज्य के अन्दर चंद दिनों तक अस्थिरता का वातावरण बनाया गया लेकिन राजनीति के महानायक और देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सखा पुष्कर सिंह धामी ने पोलिटिकल पिच पर गड्ढे डालने की साजिश रचने वालों ने जब उनके सामने खतरनाक गेंदबाजी करने का चक्रव्यूह रचा तो पुष्कर सिंह धामी ने राजनैतिक पिच पर धुंआधार बेटिंग कर षडयंत्रकारियों को बाउण्डरी के बाहर फेंक दिया उससे साफ नजर आ गया कि दिल्ली में भाजपा के दिग्गज नेताओं की आंखों के तारे बन चुके पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ साजिश का कोई तांडव मोदी राज में तो किसी भी कीमत पर नहीं चल पायेगा? पुष्कर सिंह धामी ने जिस तरह से विधानसभा में हुई सभी भर्तियों की जांच को लेकर विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा है उससे साफ नजर आ गया कि अभेद बन चुके पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ षडयंत्र रचने वाला हर चेहरा बेनकाब होता जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि पिछले एक हफ्ते से उत्तराखण्ड की राजनैतिक पिच पर विधानसभा एण्ड की ओर से हो रही बेहतरीन गेंदबाजी सत्ता के गलियारे एण्ड से शुरू हुई जोरदार बेटिंग की वजह से अब कुंद पड गई है। दरअसल पोलिटिकल पिच पर गड्ढे डालने की कोशिश तो जरूर हुई थी लेकिन पुष्कर सिंह धामी की सधी हुई राजनैतिक बल्लेबाजी ने अनाप-शनाप तरीके से हो रही गेंदबाजी की सुर और ताल बिगाड कर रख दी है। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राजनीति के ऑल राउण्डर बन चुके हैं और विधानसभा चुनाव में उन्होंने जिस तरह से अपनी धुंआधार बेटिंग और बॉलिंग से विपक्ष को धूल चटा दी और राज्य में सरकार बनने के उनके सपनों को धडाम कर दिया था उसी समय से ही पुष्कर सिंह धामी दिल्ली में भाजपा नेताओं की आंखों के तारे बन गये थे और यही कारण है कि दिल्ली के अधिकांश कैबिनेट मंत्री पुष्कर सिंह धामी को खुद दिल्ली बुलाकर उन्हें एक के बाद एक उत्तराखण्ड के विकास के लिए बडे-बडे तोहफे दे रहे हैं। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्यवासियों का अपनी सौम्यता और खुशमिजाजी से दिल जीत रखा है और इससे बडी बात क्या हो सकती है कि राज्य की जनता उन्हें पन्द्रह साल तक राज्य का मुख्यमंत्री बनने का आशीर्वाद दे रही हैं। वह अब राज्य के काफी सफेदपोशों और मीडिया के एक संगठित ग्रुप को चुभने लगा है और यही कारण है कि वह राज्य के मुख्यमंत्री को किसी न किसी बहाने अपने निशाने पर लेने की योजना को अमलीजामा पहना रहे थे लेकिन वह उसमें सफल नहीं हो पा रहे थे क्योंकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भर्ती घोटालों को लेकर उसकी जांच एसटीएफ और विजिलेंस को सौंपकर जो मास्टर स्ट्रोक खेला था उससे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का इकबाल उत्तराखण्ड से लेकर दिल्ली तक और बुलंद हो गया है। इसी बीच षडयंत्रकारियों ने विधानसभा में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के कार्यकाल में हुई नियुक्तियों पर भूचाल मचा दिया और कहीं न कहीं सरकार को अस्थिर करने की बडी साजिश रचकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को निशाना बनाने का जो राजनीतिक पिच पर तांडव रचा गया उस तांडव को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चूर-चूर कर दिया। राजनीतिक पिच पर गड्ढे डालकर जिस तरह से मुख्यमंत्री को क्लीन बोल्ड करने का खुली आंखों से सपना देखा उस सपने को पुष्कर सिंह धामी ने राजनीतिक पिच पर ही नेस्तनाबूत कर दिया और गड्ढे वाले पिच पर भी उन्होंने जिस तरह से हर बॉल को बाउण्ड्री से बाहर किया उससे साजिशकर्ताओं के चेहरे एक-एक कर बेनकाब हो गये और उन्हें उस समय 44० बोल्ट का करंट लगा गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा में हुई आज तक की सभी भर्तियों की जांच विधानसभा अध्यक्ष से कराने के लिए उन्हें पत्र लिखकर उन सभी के मुंह पर ताला लगा दिया जो इस भर्ती में सीएम को निशाना बनाने का खेल खेल रहे थे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नेे इस मास्टर स्ट्रोक से राजनीतिक पिच पर साजिशभरी गेंदबाजी करने वाले सभी गेंदबाजों को अपनी धाकड बल्लेबाजी से औधे मुंह गिराकर यह साबित कर दिया कि उत्तराखण्ड में पुष्कर सिंह धामी अभेद है।

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