पेपर लीक घोटाले की सीबीआई जांच को लेकर प्रदर्शन

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उत्तरकाशी(संवाददाता)। उत्तराखंड में यूकेएसएसएससी पेपर ही लीक नहीं हुआ बल्कि तमाम भर्तियों में भ्रष्टाचार हुए हैं जिनकी सरकार जांच भी करवा रही है। ताजा मामले विधानसभा अध्यक्षों व पूर्व शिक्षा मंत्रियों द्वारा जो अपने बच्चों व रिश्तेदारों को नौकरी बांटी उससे प्रदेश के युवाओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार की पनौती जड़ों से नाराज युवाओं में तहसील बड़कोट में जमकर प्रदर्शन किया है। तय कार्यक्रम अनुसार भर्ती परीक्षा घोटाले को लेकर बेरोजगार युवाओं ने आक्रोश रेली निकालकर बड़कोट में प्रदर्शन किया। वहीं उत्तरकाशी में भी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने नारेबाजी करते हुए जिला मुख्यालय डीएम कार्यालय पहुंचे जहां उन्होंने नारेबाजी करते हुए भ्रष्टाचारियों की जांच सीबीआई से कराने की मांग उठाई। एक यूपी के युवाओं नेप्रदेश के मुख्यमंत्री से सीबीआई जांच की मांग उठाई है। वहीं युवा वर्ग ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा।राज्य सरकार पर बैठे राजनेताओं ने अपने रिश्तेदारों को बैक डोर से सरकारी नौकरियां बांटी है। साथ ही ऑन लाइन ऑफ लाइन पेपर कराकर अंदर खाने पैसे लेकर भर्तियां कराई है। जिस युवा के पास नौकुरी के लिए पैसे की सीढिय़ां नहीं थी उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया है।
प्रदेश के युवाओं ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए कहा राज्य सरकार को सीबीआई जांच पर विचार करना चाहिए। यदि सीबीआई जांच नहीं होती है तो सभी युवा मुख्यमंत्री आवास कुच करेंगे । इधर उत्तरकाशी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने डीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन प्रेषित कर कहा कि वर्तमान में उत्तराखंड राज्य की सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचार के मामले आ रहे हैं यह विषय हजारों युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है, युवा सरकारी नौकरी पाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं लेकिन धनबल से अयोग्य: अभ्यर्थी नौकरियां पा रहे हैं, एवं उत्तराखंड में न्ज्ञैैैब् व विधानसभा नियुक्तियों में गंभीर भ्रष्टाचार और घोटाले की शिकायतें पाई गई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भ्रष्टाचार के इस मुद्दे को लेकर यह मांग करती है कि इसकी निष्पक्ष सीबीआई जांच करके जो दोषी पाए जाते हैं, उनके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्यवाही की जाए। ज्ञापन में मांग की गई है कि उत्तराखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक व धाधलीयों से प्रदेश का बेरोजगार युवा अपने को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। इन सभी भर्तियों की सीबीआई जांच होनी चाहिए, जिससे दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही हो सके। जिन परीक्षाओं में पेपर लीक व गड़बड़ी की पुष्टि हुई है उन विवादित परीक्षाओं को रद्द कर दो माह के अंतर्गत परीक्षा दुबारा करवाई जाय। आगामी होने वाली विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून बनाया जाय। विवादित परीक्षाओं के समय पदासीन रहे सचिवों व अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाय। जिससे भविष्य में होने वाली परीक्षाएं निर्विवाद रूप से सम्पन्न करवाई जा सके। विधानसभा व अन्य विवादित भर्तियों में संलिप्त नेताओं, मंत्रियों व अधिकारियों को तत्काल बर्खास्त किया जाय।

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