डरावनी बारिश का तांडव

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प्रमुख संवाददाता
देहरादून। आकाश से लगातार बरस रही बारिश में डरावना रूप धारण किया और ऐसा तांडव मचाया कि उत्तराखण्ड के देहरादून, टिहरी, पौडी में बादल फटने से पांच लोगों की मौत की खबर सामने आई है वहीं अस्थाई राजधानी से लेकर चंद जिलों में तबाही मच गई और उसके हाहाकार से सरकार भी सहम गई। डरावनी बारिश के तांडव की खबर से उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बचाव राहत कार्य के लिए खुद मोर्चा संभाला और रायपुर इलाके में मची तबाही का मंजर देखने के लिए वह जेसीबी पर बैठ गये और वहीं से उन्होंने तबाही का मंजर देखा। धामी ने जेसीबी पर बैठकर जिस तरह से मोर्चा संभाला उससे सिस्टम भी अलर्ट मोड में आ गया। मुख्यमंत्री ने रायपुर विधायक के साथ सरखेत और सौंग नदी के टूटे पुल का नजारा देखने के लिए खुद मौके पर पहुंचे और उन्होंने अफसरों को साफ निर्देश दिया कि पुल व सडक मार्ग टूटने से आवागमन पर लगे ब्रेक को देखते हुए तत्काल वैकल्पिक मार्ग से आवाम को आने जाने के लिए पहल करें। रायपुर इलाके में आई डरावनी बारिश के तांडव से काफी नुकसान और कुछ ग्रामीणों के घायल होने की खबर से मुख्यमंत्री काफी आहत दिखे और उन्होंने घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने को सरकार का हैलीकाप्टर मुहैया कराया जिसके बाद हैलीकाप्टर से कुछ घायल मरीजों को अस्पताल ले जाया गया। वहीं टपकेश्वर मन्दिर के पीछे बहने वाली तमसा नदी भी उफान पर थी और सौ साल के इतिहास में पहली बार ऐसा देखने को मिला जब नदी का पानी टपकेश्वर मन्दिर में नहर की तरह बहता हुआ दिखाई दिया। तमसा नदी में आये पानी का रूप देखकर हर कोई डरा हुआ महसूस कर रहा था क्योंकि उसका बहाव इतना तेज था कि उस बहाव में मन्दिर के आसपास के गेट और पुश्ता भी टूट गया लेकिन जिस तरह से मुख्यमंत्री ने बचाव व राहत के लिए खुद मोर्चा संभाल रखा था उससे साफ नजर आ रहा था कि राज्य के मुख्यमंत्री अपनी जनता को हर मुश्किल में उन्हें अकेला नहीं छोडते और उनके साथ वह कंधे से कंधा मिलाकर हर मोर्चे पर खडे रहते हैं।
आज तडके जैसे ही राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सूचना मिली कि भारी बारिश से काफी जगह नुकसान हुआ है तो उन्होंने उन स्थानों पर आपदा प्रबंधन की टीम और प्रशासन की टीम को बचाव व राहत कार्य के लिए मैदान में डटे रहने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को खबर मिली कि रायपुर प्रखण्ड के सरखेत गांव में बादल फटने से काफी नुकसान हुआ है और रायपुर के सौंग नदी का पुल भी टूट गया है तो उन्होंने आनन-फानन में टैऊकसूट पहनकर ही मौके पर पहुंचने में तेजी दिखाई और वहां मौजूद रायपुर के विधायक उमेश शर्मा उर्फ काऊ के साथ उन्होंने आपदा स्थल का निरीक्षण किया और यह देखा कि बारिश के पानी से कहां-कहां नुकसान हुआ है। सडक पर चल रहे तेज पानी के कारण पैदल चलना मुश्किल था इसलिए मौके पर पहुंचे जेसीबी पर सवार होकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और विधायक उमेश शर्मा ने मौके का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने देखा कि किस तरह से रायपुर में काफी जगह मलवा और पानी आने के कारण काफी नुकसान हुआ है। पानी का बहाव इतना तेज था कि रायपुर में स्थित सौंग नदी पर बना पुल बह गया है जिस कारण यातायात मार्ग पर ब्रेक लग गया और उसके कारण इस मार्ग से आने जाने वाले लोगों के सामने एक बडा संकट आकर खडा हो गया। मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी ने अफसरों को आदेश दिये कि वह पुल टूटने के कारण यातायात में कोई बाधा न आये इसके लिए आवाम को किसी वैकल्पिक मार्ग से आने जाने का रास्ता बनाये। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद एक्शन में आ रखे थे और उन्होंने मोर्चा संभाला हुआ था तथा पहाड के जिन जनपदों में बारिश के कारण हालात खराब हुये थे वहां के अफसरों को आदेश दिया कि वह मौके पर जाकर बचाव व राहत कार्य को अपनी आंखों के सामने करायें और जिनके सामने घर में रहने का संकट आ खडा हुआ है उन्हें फौरी तौर पर ठहराया जाये और उनके खाने-पीने और रहने की व्यवस्था की जाये। मुख्यमंत्री ने साफ ऐलान कर दिया था कि अगर बारिश से मची तबाही के कारण बचाव व राहत कार्य के लिए उन्हें सेना की जरूरत पडेगी तो वह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बात करके सेना की सहायता लेंगे। वहीं उन्होंने रायपुर में मची तबाही से घायल हुये कुछ लोगों को सरकारी हैलीकाप्टर से लिफ्ट कराकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में बारिश के कारण जहां-जहां भी नुकसान हुआ है उस पर उनकी पूरी नजर है और वह लगातार उन सभी इलाकों पर अपनी नजर बनाये हुये हैं जहां बारिश के कारण आवाम को काफी नुकसान पहुंचा है।

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