धामी को दिल्ली में मंत्रियों से मिल रहा विकास का तोहफा

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देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड के अन्दर पुष्कर सिंह धामी पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गये हैं जो दिल्ली दौरों में विकास का नया गिफ्ट उत्तराखण्ड के लिए किसी न किसी मंत्री से लेकर ही राज्य में वापस लौटते हैं। पुष्कर सिंह धामी के इस जज्बे से साफ दिखाई दे रहा है कि राज्य रजत जयंती से पहले ही आदर्श राज्य बनने की कगार पर आकर खडा हो जायेगा क्योंकि उनके मन में विकास को लेकर जो एक बडा जोश देखने को मिलता आ रहा है उसी का परिणाम है कि केन्द्र के नेता हर बार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को कोई न कोई विकास का गिफ्ट देने के लिए आगे आ जाते हैं और इस विकास की सारी रूपरेखा पहले से ही मुख्यमंत्री की किचन टीम के अफसर बना लेते हैं और दिल्ली में जाते ही केन्द्रीय नेताओं से वह उन योजनाओं को हरी झण्डी दिला लेते हैं जिसकी उन्हें लम्बे समय से चाहत बनी होती है।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का अब तक का इतिहास रहा है कि वह जब भी दिल्ली में किसी बैठकों को लेकर गये तो उन्होंने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर केन्द्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर उनसे उत्तराखण्ड के विकास के लिए कोई न कोई योजना जरूर स्वीकृत करा ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विकास को लेकर जो पैमाना बना रखा है उस पैमाने को धरातल पर उतारने के लिए उन्होंने बडी रणनीति के तहत अपने विजन को अपनी किचन टीम के साथ मिलकर धरातल पर उतारने का ऑपरेशन चला रखा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जब भी दिल्ली जाने का कार्यक्रम होता है तो वह उससे काफी दिन पहले अपनी किचन टीम के साथ मिलकर ऐसी योजनाओं की सूची तैयार करते हैं जिससे राज्य का विकास तेजी के साथ हो सके और उसके चलते राज्यवासियों को एक आशा की किरण दिखाई दे कि उनका राज्य अब उस दिशा में आगे बढने लगा है जहां पहुंचने के लिए वह इक्कीस सालों से एक बडा अरमान लेकर सरकारों की ओर टकटकी लगाये बैठे थे। पुष्कर सिंह धामी ने नीति आयोग की बैठक के बाद जिस तरह से दिल्ली में चंद केन्द्रीय मंत्रियों से उत्तराखण्ड के विकास के लिए योजनाओं को पूरा करने के लिए हरी झण्डी कराई उससे साफ नजर आ रहा है कि अब वह दिन दूर नहीं जब उत्तराखण्ड की राजधानी में भी जाम का तांडव खत्म हो जायेगा।

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