उत्तराखंड के कॉर्बेट में ‘भ्रष्टाचारÓ

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देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य को भ्रष्टाचारमुक्त के ऑपरेशन को जैसे ही शुरू किया उससे भ्रष्टाचारियों में हडकम्प मचा हुआ है और अब उत्तराखण्ड के कार्बेट में हुये भ्रष्टाचार की परतें खोलने के लिए शासन ने विजिलेंस को मुकदमा दर्ज करने की हरी झण्डी दे दी है।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड सरकार ने कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के पाखरो रेंज में हुए भ्रष्टाचार मामले में मुकदमा दर्ज करने की अनुमति विजलेंस विभाग को दे दी है। इस मामले में आईएफएस और अन्य वन विभाग के उच्च अधिकारी, जांच में भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए थे। गौरतलब है कि पाखरों रेंज, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में टाइगर सफारी बनाई जानी थी, वन विभाग के अधिकारियों ने इसे पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट बता कर झूठा प्रचार किया और यहां बिना वित्तीय स्वीकृति के सरकारी धन को ठिकाने लगा दिया और अवैध रूप से पेड़ो का कटान भी किया, जिसपर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने नोटिस लिया और वन विभाग के अधिकारियों का जवाब तलब किया,साथ ही सरकार ने भी इस प्रकरण की विभागीय जांच करवाई। जिस जिसके बाद कई आईएफएस अधिकारियों को नोटिस भी जारी हुए और तबादले भी हुए। भ्रष्टाचार और आपराधिक कृत्यों के आरोप पर उत्तराखंड सरकार ने विजलेंस विभाग से जांच करवाई और आखिकार इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए विजलेंस विभाग को दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की इजाजत दे दी। ये मुकदम्मा हल्द्वानी विजिलेंस कार्यालय में दर्ज किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में तीन अन्य आईएफएस आरोपी बनाए गए है और अन्य विभागीय अधिकारियों पर धन गबन के आरोप तय किए गए है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जो संकल्प लिया है उसे विजिलेंस अब धरातल पर उतारने लगी है।

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