बाबा के राज में नील गाय भी सुरक्षित

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देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड के सपूत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के शासनकाल में जहां भ्रष्टाचारियों और अपराधियों के मन में बाबा का बडा खौफ देखने को मिल रहा है वहीं योगी राज में दर्जनों नील गाय भी वाराणसी मार्ग से साठ किलोमीटर पहले हाई-वे के समीप के एक खेत में भाजपा के एक नेता की नजर जब इस मनमोहक दृश्य पर पडी तो उनसे रहा नहीं गया और उन्होंने अपनी गाडी रोककर एक वीडियो शूट किया और कहा कि बाबा योगी आदित्यनाथ के राज में किस तरह से दर्जनों नील गाय भयमुक्त होकर खेत में चारा खा रही हैं लेकिन ऐसा उत्तराखण्ड में देखने को नहीं मिला। हालांकि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिस जुुगलबंदी के साथ अपनी सीमाओं पर एकसाथ संदिग्धों और अपराधियों पर पैनी निगाह रखी हुई है उसी का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश से अपराध कर अकसर उत्तराखण्ड में डेरा डालने वाले अपराधियों के मन में भी दोनो मुख्यमंत्रियों की जुगलबंदी से एक बडा भय बना हुआ है इसलिए अब उत्तराखण्ड के पुलिस महकमें को भी गौ को अपना निशाना बनाने वाले लोगों पर पैनी निगाह बनाकर उन पर बडा चाबुक चलाना पडेगा जिससे राज्य के कुछ जिलों में हो रही गौकशी की घटनाओं को रोका जा सके। योगी आदित्यनाथ को देशभर में युग पुरूष के रूप में एक पहचान मिल चुकी है और जिन जनपदों के हाई-वे से आम आदमी निकलने में भी डर महसूस करता था उन रास्तों पर रात-दिन गाडियां दौडती हुई नजर आ रही हैं जिससे साफ नजर आ रहा है कि बाबा योगी के रौद्र रूप से भ्रष्टाचारी, अपराधी और माफियाओं में कितना बडा डर बन चुका है।
उत्तराखण्ड के पौडी जनपद में जन्म लेने वाले बाबा योगी आदित्यनाथ का मुख्यमंत्री पद पर तैनात होने के बाद देश-विदेश में डंका बजेगा इसकी किसी ने भी कल्पना नहीं की थी क्योंकि उत्तर प्रदेश एक ऐसा प्रदेश बन चुका था जहां अपराधी, माफियाओं ने अपने तांडव से आवाम को डर में जीने के लिए मजबूर कर रखा था और वहां गौकशी की घटनायें भी आम हुआ करती थी इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के काफी जिलों में दंगे होना एक आम बात हो रखी थी लेकिन जैसे ही योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया तो उन्होंने शुरूआती दौर में ही समूचे राज्य के अन्दर साफ संदेश भिजवा दिया था कि अगर राज्य में किसी ने भी दंगा और अपराध करने का दुसाहस किया तो उसका अंजाम उसे भुगतना पडेगा। शुरूआती दौर में योगी आदित्यनाथ के इस अल्टीमेटम को दंगाईयों और अपराधियों ने मजाक में उडा दिया था लेकिन जब बाबा योगी आदित्यनाथ ने ऐसे तत्वों को अपना रौद्र रूप दिखाया तो जो पुलिस बदमाशों की गोलियों का जवाब देने में हिचकिचाती थी उसने बदमाशों के साथ आमना-सामना करना शुरू किया और उत्तर प्रदेश की पुलिस ने राज्य में अपराध का तांडव कर रहे सैकडों बदमाशों को अपनी वर्दी का खौफ दिखाया जिसमें काफी संख्या में ईनामी बदमाश मारे गये और जिसने भी पुलिस पर गोली चलाने का दुसाहस किया वह मुठभेड में पुलिस की गोली से घायल हो गया और उसने अपराध से तौबा कर दी। अपराधियों में बाबा योगी आदित्यनाथ का इतना खौफ है कि अगर किसी ने भी दंगा या अपराध करने का दुसाहस किया तो सिस्टम ने उसके आवास पर बुलडोजर चला दिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखण्ड को अपना छोटा भाई मान रखा है और यही कारण है कि योगी आदित्यनाथ और पुष्कर सिंह धामी एक साथ मिलकर अपनी सीमाओं को सुरक्षित रखने के मिशन में आगे बढे हुये हैं जिसके चलते अपराधी और माफियाओं में दोनो राज्यों के मुख्यमंत्रियों के एकसाथ आने के कारण उनमें खौफ बना हुआ है।
उत्तराखण्ड भाजपा के एक नेता वाराणसी जा रहे थे तो हाई-वे के साथ एक खेत में उन्होंने दर्जनों नील गाय चारा खाते हुए देखी तो उन्होंने ‘क्राईम स्टोरीÓ से वीडियो साझा की कि उत्तर प्रदेश में बाबा योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में नील गाय भी भयमुक्त होकर हाई-वे के समीप खेत में खामोशी के साथ चारा खा रही थी और उनमें तिनकाभर भी भय देखने को नहीं मिल रहा था जिसके लेकर भाजपा नेता ने बाबा योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए कहा कि उनके राज में नील गाय तक भी अपने आपको भयमुक्त समझ रही हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उत्तर प्रदेश में बाबा का कितना खौफ है और जब उत्तराखण्ड और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एकसाथ आकर राज्य को आगे बढाने के मिशन में काम कर रहे हैं तो इससे साफ समझा जा सकता है कि उत्तराखण्ड भी आने वाले समय में जरूर अपराधमुक्त की दिशा में आगे बढेगा और आवाम अपने आपको राज्य में भयमुक्त मानकर शांत भाव से रह सकेंगे?

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