दर्जनों क्षेत्रों के हजारों लोग समस्याओं से हैं ग्रस्त

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ऋषिकेश(संवाददाता)। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त धार्मिक एवं पर्यटन नगरी ऋषिकेश में हरिद्वार रोड़ पर पुरानी चुंगी के समीप बारिश होने पर जलभराव की समस्या ना सिर्फ स्थानीय दुकानदारों बल्कि इस मार्ग से रोजाना विभिन्न क्षेत्रों में आने जाने वाले लोगों के लिए नासूर बन गई है।
शहरी विकास मंत्री के क्षेत्र में इस वी आई पी सड़क की खस्ताहालत और बारिश होते ही भंयकर जलभराव से आये दिन यहां गड्ढों में गिरकर लोग चोटिल हो रहे हैं लेकिन इसके बावजूद मंत्री जी की नजरें इस और इनायत नही हो रही? हैरत की बात यह भी है कि स्थानीय विधायक प्रेमचन्द अग्रवाल उत्तराखंड की पुष्कर धामी सरकार में सबसे कद्दावर मंत्री हैं वित्त एवं शहरी विकास मंत्री के साथ उनको कई अन्य विभाग भी सौंपे गये हैं। विडंबना यह भी है कि इसके बावजूद हजारों लोगों को बारिश होने पर यहां से सिर्फ भगवान भरोसे सुरक्षित अपने घरों की और निकलने की प्रार्थना करनी पड़ती है। गौरतलब है कि हरिद्वार जाने वाला यह मुख्य मार्ग है। एम्स,आवास विकास ,उग्रसेन नगर, आईडी पी एल श्यामपुर ,रायवाला सहित विभिन्न क्षेत्रों के हजारों लोग जिन्में स्कूली बच्चे, कामकाजी महिलाएं एवं पुरूष दिनभर यहीं से अपने गंतव्यों की और रवाना होते हैं।
आसमान में घने बादल छाते ही पुरानी चुंगी से होकर गुजरने वालों के दिल बेठने शुरू हो जाते हैं।बारिश होने से चंद मिनटों में ही यहां जलभराव की समस्या सिर चढ़कर बोलने लगती है। इस वर्ष मानसून के दौर के प्रराम्भ होने के बाद दर्जनों बार खासतौर पर दुपहरिया वाले लोगों को ऐसे हालातों का सामना करना पड़ा हैं जहाँ बामुश्किल ही वह सुरक्षित यहां से होकर गुजरने के बाद अपने घर पहुंचे हैं।ऐसा नही है कि यहां जलभराव की समस्या सिर्फ इसी वर्ष लोगों को झेलनी पड़ रही हो।
हर साल यह समस्या उभरती है। लोग इस समस्या के चलते घरों में कैद होने को विवश हो जाते हैं। हालात तब अधिक बिगड़ जाते हैं जब लगातार बारिश का दौर जारी रहता है। गौरतलब है कि इस वर्ष जल भराव की समस्या ज्यादा गहराने की बड़ी एन एच द्वारा यहां सड़क के चौड़ीकरण के लिए किए गये नाले.निर्माण को भी माना जा रहा है।जिसको लेकर मचे जबरदस्त हो हल्ले के बाद नगर निगम महापौर द्वारा संबधित विभागों की ज्वांइट बैठक ली गई थी। उक्त बैठक के बाद कयास लगाये जा रहे थे कि शायद शहरवासियों के लिए नासूर बन चुकी इस समस्या के निस्तारण के लिए धरातल पर कोई कोई ठोस पहल हो जायेगी लेकिन फिलहाल तो ऐसा होता कुछ दिखाई नही दे रहा। इन सबके बीच इस समस्या से जूझ रहे हजारों लोगों के जेहन में बस यही सवाल कौंध रहा है कि नगर विकास मंत्री के गृह क्षेत्र में ही नारकीय जीवन जीने को लोग विवश क्यूं हैं? इस सम्बन्ध में जब नगर विकास मंत्री से जलभराव से हो रही समस्या को लेकर उनसे सम्पर्क करने की कोशिश की गई तो उनसे सम्पर्क नहीं हो पाया।

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