नशा माफियाओं का काल बने पंकज

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नैनीताल/देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को माफियाराज के साथ-साथ नशा माफियाओं के गैंग विरासत के रूप में मिले और इन गैंगों को जमीदोज करने के लिए पुष्कर सिंह धामी ने एक बडा संकल्प लेकर सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को साफ संदेश दिया हुआ है कि जनपदों में जमीन, खनन, अपराध व नशा माफियाओं का अंत करने के लिए सभी अफसर अलर्ट हो जायें। पुष्कर राज में माफियाओं का अंत होना साफ नजर आ चुका था और यही कारण है कि पर्यटन नगरी के पुलिस कप्तान ने समूचे जनपद में नशा माफियाओं का नेटवर्क भेदने के लिए बडी रणनीति के तहत ऑपरेशन चला रखा है और इस ऑपरेशन में बडे-बडे नशा माफिया फंसते जा रहे हैं। मुख्य सेवक के नशामुक्त राज्य के विजन को साकार करने के लिए पुलिस कप्तान ने एक विजन के तहत बडा जाल बिछा रखा है और एक बार फिर इस जाल में बडे नशा माफिया फंस गये जिनके कब्जे से लगभग सत्तर लाख रूपये की स्मैक बरामद हुई है। बडे पैमाने पर स्मैक बरामद होने से यह बात साफ हो गई है कि नशा माफिया किस तरह से युवा पीढी को मौत के दलदल में धकेलने के लिए एक साजिश के तहत अपना नेटवर्क बडा करने के मिशन में जुटे हुये हैं। पुलिस कप्तान का साफ कहना है कि पर्यटन नगरी को नशामुक्त बनाना उनका पहला दायित्व है और राज्य के मुख्यमंत्री भी इस बात को लेकर बार-बार अपनी ंिचता जता रहे हैं कि युवा पीढी को नशा माफियाओं से बचाना उनका पहला धर्म है।
पुलिस कप्तान पंकज भट्ट ने पर्यटन नगरी को नशा और अपराधमुक्त करने की दिशा में आये दिन ऑपरेशन चला रखा है और इस ऑपरेशन की कमान एसओजी को सौंप रखी है। पुलिस कप्तान पंकज भट्ट को एक गोपनीय सूचना मिली तो उसके आधार पर नशा तस्करों को पकडने के लिए ऑपरेशन चलाया गया। पुलिस कप्तान पंकज भट्ट के बिछाये जाल में बरेली के दो कुख्यात नशा तस्कर फंस गये जिनके कब्जे से लगभग सत्तर लाख रूपये की स्मैक बरामद की है। पुलिस कप्तान पंकज भट्ट ने पत्रकारों से रूबरू होकर बताया कि एक गुप्त सूचना के आधार पर एसओजी और लालकुंआ कोतवाल के नेतृत्व में एक पुलिस टीम को वाहनों की चैकिंग में उतारा गया और जैसे ही पुराना सुभाष नगर बैरियर से बीस मीटर नगला की ओर जाने वाले रास्ते के पास पुलिस टीम को एक संदिग्ध स्कूटी डीएल 5एसबी-97०2 दिखाई दी तो उसे रोकने का प्रयास किया लेकिन संदिग्ध गाडी लेकर भाग खडे हुये लेकिन पुलिस टीम ने पीछा कर उन्हें दबोच लिया जिनके कब्जे से 6०7 ग्राम स्मैक बरामद हुई। पुलिस कप्तान ने बताया कि तस्करों ने अपना नाम बरेली निवासी साजिद व दिलशाद बताया। पूछताछ के दौरान उन्होंने खुलासा किया कि वह स्वयं स्मैक बनाते हैं और बिक्री के लिए वह हल्द्वानी, लालकुंआ, नैनीताल के आस-पास के क्षेत्रों में उसे अधिक कीमत में बेचकर पैसा कमा लेते हैं और मुनाफे को आपस में बांट लेते हैं। पकडे गये कुख्यात नशा माफियाओं के पूरे गैंग को दबोचने के लिए पुलिस टीमों को मैदान में उतार दिया गया है। इन कुख्यात माफियाओं की गिरफ्तारी पर डीआईजी कुमांऊ ने पुलिस टीम को तीस हजार रूपये और पुलिस कप्तान ने बीस हजार रूपये ईनाम देने की घोषणा की है। पुलिस कप्तान के नेतृत्व में जिस तरह से पर्यटन नगरी में नशा माफियाओं का अंत हो रहा है उससे आवाम के मन में भी पुष्कर सिंह धामी के विजन को लेकर एक बडी उम्मीद जगी हुई है कि उनके होते हुए कोई भी माफिया राज्य में पनप नहीं पायेगा।

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