अवैध प्लाँटिग पर सरकार का डंडा

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देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री राज्य में भ्रष्टाचार मुक्त सरकार देने का ऐलान करते आ रहे हैं और साफ संदेश दे रहे हैं कि राज्य जब अपनी पच्चीसवीं वर्षगांठ बनायेगा तो राज्य देश के अग्रणी राज्यों में शुमार होगा लेकिन हैरानी वाली बात है कि राजधानी के कैनाल रोड में जहां से रात-दिन वीआईपी लोगों का आवागमन रहता है उस वीआईपी इलाके में एक बडा पहाड काटकर उसे समतल करने का खेल चलता रहा और सारा सिस्टम घृतराष्ट्र बना रहा? गजब की बात तो यह है कि जिस इलाके से सुबह से रात तक काफी अफसर और वीआईपी लोगों का आना जाना लगा रहता है वहां आखिर कैसे अवैध प्लाटिंग का खेल सबके सामने चलता रहा यह सिस्टम की मंशा पर सवालिया निशान लगा रहा है? कैनाल रोड में अवैध प्लाटिंग की गूंज जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कानो में गूंजी तो उन्होंने अवैध प्लाटिंग पर प्रहार करने के लिए जो संदेश दिया उसी का परिणाम है कि आज अवैध प्लाटिंग पर सिस्टम ने चाबुक चलाया। गजब की बात तो यह है कि जो एमडीडीए एक जरा से निर्माण में ईंट इधर से उधर लगने पर वहां धमक जाती है ओर मकान मालिक को नोटिस पकडाकर उसे डराने का खेल खेलती है उसे वीआईपी इलाके कैनाल रोड में यह अनाधिकृत प्लाटिंग क्यों नजर नहीं आई यह उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल खडे कर रहा है? अब एमडीडीए ने इस जमीन पर अवैध प्लाटिंग का बोर्ड लगाकर उस पर नोटिस चस्पा कर दिया। वहीं आज पहाड को काटकर जमीन पर मिलाने के मामले में प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और चर्चा है कि वहां अवैध निर्माण के ध्वस्तिकरण को लेकर खनन विभाग की टीम ने भी नपाई का काम शुरू कर दिया। हैरानी वाली बात है कि कैनाल रोड की इस अवैध प्लाटिंग पर जब भूचाल मचा तो सिस्टम वहां दौड पडा लेकिन राजपुर के कई इलाकों में इसी तरह से पहाडों को काटकर अवैध प्लाटिंग करने का जो खेल बडी सेटिंग के साथ खेला जा रहा है उस पर आखिर कौन अपनी आंखे खोलेगा यह एक बडा प्रश्न खडा हो चुका है?
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में भ्रष्टाचार पर प्रहार करने के लिए बडा संकेत दे रखा है और उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी जंग शुरू भी कर दी है लेकिन इसके बावजूद भी सिस्टम के कुछ अफसर मुख्यमंत्री के सपनों पर ग्रहण लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी राज्य के अन्दर अपनी सरकार का एक नया संदेश देने के मिशन में आगे बढ रहे हैं और अपराधी और माफियाओं पर नकेल लगाने का वह खुला अल्टीमेटम दे चुके हैं। वहीं राजधानी के वीआईपी इलाके कैनल रोड में सडक के किनारे एक लम्बे पहाड को लम्बे समय तक काटकर उसे समतल किये जाने का खेल चलता रहा और समूचा सिस्टम घृतराष्ट्र बनकर बैठा रहा? गजब की बात तो यह है कि इस मार्ग से सुबह से रात तक काफी अफसर और वीआईपी लोगों का आना जाना रहता है लेकिन किसी ने भी इस पहाड को चीरने वालों की ओर अपनी निगाह क्यों नहीं डाली यह हैरान करने वाली बात है? सवाल यह उठ रहा है कि एमडीडीए नक्शा पास मकानों में भी एक ईंट इधर से उधर लगने पर मकान मालिक को नोटिस थमाने से नहीं चूकते तो वहीं वीआईपी रोड पर काट दिया गया पहाड किसी भी अफसर को क्यों दिखाई नहीं पडा यह उनकी मंशा पर सवालिया निशान लगा रहा है? गजब की बात है कि पहाड को काटकर वहां अवैध प्लाटिंग करने का चक्र शुरू हो रहा था और जब इसको लेकर सोशल मीडिया में सरकारी सिस्टम पर उंगलियां उठनी शुरू हुई तो घृतराष्ट्र बन चुके सिस्टम को याद आया कि कैनाल रोड पर पहाड काटकर अवैध प्लाटिंग हो रही है? एमडीडीए विभाग ने सोशल मीडिया में इस पहाड को काटकर समतल किये जाने का शोर मचना शुरू हुआ तो एमडीडीए की टीम मौके पर पहुंची और उन्होंने इस जमीन पर बोर्ड लगाया कि सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि प्रश्नगत स्थल पर अनाधिकृत भू विनास (प्लाटिंग) का मानचित्र मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण से स्वीकृत नहीं है अत: सम्बन्धित स्थल पर भू, प्लाट क्रय-विक्रय करने से पूर्व मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण से जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें अन्यथा की स्थिति में आप स्वयं जिम्मेदार होंगे। गजब की बात तो यह है कि इस जमीन को लेकर सोशल मीडिया पर शोर मचा तो एमडीडीए हरकत में आ गया लेकिन राजपुर के कुछ इलाकों में पहाड काटकर जिस तरह से वहां अवैध प्लाटिंग करने का खुला तांडव चल रहा है उस पर समूचा सिस्टम क्यों मौन धारण किये हुये हैं यह उसकी मंशा पर सवालिया निशान लगा रहा है? ऐसे में देखने वाली बात होगी कि क्या राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ऐसी अवैध प्लाटिंग के खिलाफ अपनी कोई विशेष टीम बनाकर उन्हें सबके खिलाफ कार्यवाही करने के लिए हरी झण्डी देंगे?

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