पलायन आयोग का सीएम ने बदला नाम

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देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड के पहाडों में पलायन का मुद्दा सरकारों के लिए एक चिंता का विषय बना रहा और पहाडों में गांव के गांव खाली होने से वहां की सुरक्षा को लेकर हमेशा एक बडी ंिचता दिखाई देती रही लेकिन किसी भी सरकार ने पहाडों के हो रहे पलायन पर धरातल पर काम करने की दिशा में कोई पहल नहीं की। वहीं उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पहाडों से हो रहे पलायन को लेकर पलायन आयोग का गठन कर एक कमेटी भी बनाई लेकिन यह पलायन आयोग लम्बे अर्से से राज्य के अन्दर एक सफेद हाथी बनकर रह गया? पहाडों से हो रहे पलायन रोकने का कोई बडा प्लान पलायन आयोग नहीं बना पाया जिसके चलते आज भी पहाडों से युवा पीढी पलायन करने के लिए मजबूर है। पहाडों में पलायन रोकने के लिए सरकार को किस रणनीति पर काम करना चाहिए यह भी आयोग ने सम्भवत: सरकार को ज्ञान नहीं दिया? यही कारण है कि राज्य में पलायन आयोग सिर्फ एक दिखावा मात्र बनकर रह गया और उसमें वो जज्बा देखने को नहीं मिला जिससे यह साबित हो सके कि पलायन आयोग ने युवा पीढी को वापस पहाडों में लाने के लिए किस रणनीति के तहत काम किया है। अब उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहाडो से हो रहे पलायन को लेकर एक बडी ंिचता दिखाते हुए आयोग को नसीहत दी है कि पलायन आयोग के गठन का उद्देश्य सार्थक व पूरा होना चाहिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पलायन आयोग को यह नसीहत यह बताने के लिए काफी है कि पलायन आयोग ने धरातल पर अभी तक वो प्लान तैयार नहीं किया जिसके लिए उसका गठन किया गया था? पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखण्ड को राज्य की रजत जयंती पर देश में अग्रणी राज्यों में शुमार करने का मनसूबा साफ कर रखा है ऐसे में अगर पहाडों से पलायन नहीं रूकेगा तो फिर आदर्श राज्य का सपना कैसे पूरा होगा?
प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में ग्राम विकास एवं पलायन आयोग की बैठक को भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पलायन आयोग के गठन का उद्देश्य सार्थक व पूरा होना चाहिए। पलायन आयोग को अपनी उपयोगिता भी साबित करनी होगी। पलायन आयोग को निराकरण आयोग के रूप में काम करना होगा। उन्होंने आयोग के सदस्यों के अलावा अधिनस्थ अधिकारियों को गांव का कायाकल्प योजना बनाने के निर्देश भी दिए। जिससे गांव मे रहने वाले ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके। उन्होंने पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए ठोस कार्य योजना बनाए जाने पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उत्तराखंड के समग्र विकास की दिशा में कुछ योजना बनाने के साथ विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रही है। पर्वतीय दुरुस्त इलाकों में नेटवर्क कनेक्टिविटी बढ़ाए जाने के साथ अन्य संसाधनों को भी विकसित किए जाने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आयोग के सदस्यों के सुझाव भी आमंत्रित किए।

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