कांवडियों में कप्तान के साथ फोटो खिंचवाने की दिखी होड़

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देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड का इतिहास गवाह है कि कुछ पूर्व मुख्यमंत्रियों के कार्यकाल में कुछ आईपीएस अफसर जिलों में तैनाती पाने के लिए सफेदपोशों के घरों की परिक्रमा करते थे और कुछ आईपीएस ऐसे थे कि जो सत्ता के इशारे पर कुछ भी कर गुजरने को तैयार दिखते थे जिसके चलते त्रिवेन्द्र सरकार में राजधानी के पूर्व पुलिस कप्तान अरूण मोहन जोशी ने जब कुछ पत्रकारों के खिलाफ फर्जी राजद्रोह का मुकदमा कायम किया था तो उस मुकदमें के झूठ को उच्च न्यायालय ने बेनकाब कर दिया था इससे त्रिवेन्द्र सिंह रावत की उत्तराखण्ड से लेकर दिल्ली तक में खूब फजीहत हुई थी और उसी के चलते उनके खिलाफ उच्च न्यायालय ने सीबीआई जांच करने के आदेश दिये थे और अभी यह मामला देश की सबसे बडी अदालत सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। वहीं उत्तराखण्ड की कमान सम्भालने वाले हृदय सम्राट बन चुके पुष्कर सिंह धामी के राज में पुलिस कप्तान सेवाभाव में लीन होकर काम कर रहे हैं और धामी युग में पुलिस का सौम्य रूप देखकर आस्था के पथ पर आने वाले शिवभक्त भी गद्गद् नजर आ रहे हैं और ऐसा ही एक नजारा आज दोपहर उत्तरकाशी में देखने को मिला जहां के पुलिस कप्तान खुद शिवभक्तों के सम्मान में सडक पर उनका स्वागत करते हुए दिखे और कांवडियों के मन में कप्तान की सौम्यता देखकर उनके साथ फोटो खिंचाने की जो होड देखने को मिली उससे साफ नजर आ रहा है कि पुष्कर राज में खाकी का स्वरूप बदल चुका है और उनके राज में न तो पुलिस कप्तानों की तैनाती में कोई सिफारिश चल रही है और न ही किसी जिले के पुलिस कप्तान में इतना साहस है कि किसी मीडिया के खिलाफ फर्जी मुकदमा लिखकर उसे आतंकित करने का दुसाहस कर सके? ऐसे राज में हर इंसान अपने आपको भयमुक्त पा रहा है तो इसका श्रेय राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जाता है क्योंकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का साफ मानना है कि मीडिया समाज का आईना है और उसे सुरक्षित रखना उनकी जिम्मेदारी है। यही कारण है कि उत्तरकाशी के पुलिस कप्तान का कांवडियों के साथ आदर भाव से मेल यह दिखाता है कि निजाम की राह पर सभी पुलिस कप्तान चल रहे हैं।

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