कोश्यारी से पनाह मांगने पहुंचे हरक

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विकासनगर(संवाददाता)। जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने आरोप की झडी लगाते हुए कहा कि कल पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने अचानक महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की चौखट पर (घर ) पहुंच कर अपने गुनाहों, महा घोटालों एवं अपनी बेहद करीबी श्रीमती दमयंती रावत( तत्कालीन सचिव कर्मकार कल्याण बोर्ड) की प्रतिनियुक्ति मामले में हुए फर्जीवाड़े एवं कर्मकार कल्याण बोर्ड में सचिव रहते हुए लगभग 1०० करोड़ के महा घोटाले में गर्दन फंसती देख पनाह मांगी। जनसंघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष ने जिस तरह से हरक सिंह रावत पर आरोपों की बौछार करते हुए उन्हें कटघरे में खडा किया है उससे उत्तराखण्ड की राजनीति में एकाएक हरक सिंह रावत फिर चर्चाओं में आ गये हैं।
जनसंघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष रधुनाथ सिंह नेगी ने मीडिया में बयान जारी करते हुए हरक सिंह रावत पर आरोप लगाते हुए जिस तरह से कहा कि हरक सिंह रावत ने महाराष्ट्र के राज्यपाल की चौखट पर जाकर उनसे पनाह मांगी है इससे प्रतीत होता है कि इनके एवं इनके इनके संगियों की नींद उड़ी हुई है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि हरक मामले में दावा तो राजनीतिक घटनाक्रम बताया जा रहा है, जबकि मामला बिल्कुल इसके उलट है। नेगी ने आरोप लगाते हुए कहा कि तत्कालीन श्रम मंत्री हरक सिंह रावत के कर्मकार कल्याण बोर्ड में हुए लगभग 1०० करोड रुपए की खरीद एवं वितरण घोटाले की जांच एवं तत्कालीन सचिव कर्मकार कल्याण बोर्ड दमयंती रावत की प्रतिनियुक्ति मामले एवं इनके द्वारा किए गए महा घोटाले, जिसमें साइकिल, सिलाई मशीन, वेल्डिंग मशीन, टूल किट आदि करोड़ों रुपए की खरीद एवं वितरण घोटाला, खाद्यान्न किट घोटाला, शंकरपुर ,सहसपुर में लगभग 1०7 बीघा भूमि फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए हथियाने का मामला तथा इसी क्रम में कर्मकार कल्याण बोर्ड के माध्यम से करोड़ों रुपया अपने मेडिकल कॉलेज (डीआईएमएस) एवं अन्य प्राइवेट अस्पतालों को इलाज के नाम पर बंदरबांट किए जाने एवं अन्य कई घोटालों का दाग है। नेगी ने यह भी आरोप लगाया कि हरक द्वारा निजी स्वार्थ के चलते निजी आयुष महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्रों की फीस वृद्धि मामले में न्यायालय के आदेश को दरकिनार करने का भी दाग है, जिसके द्वारा गरीब छात्रों को लूटा गया। गौरतलब है कि चंद दिन पूर्व रधुनाथ ंिसह नेगी ने हरक सिंह रावत की सहसपुर के शंकरपुर में स्थित एक सौ सात बीघा जमीन प्रकरण में मामले की जांच कराने की मांग करते हुए इस जमीन को सरकार में निहित करने की मांग उठाई है उससे हरक सिंह रावत एक बार फिर राज्य के अन्दर चर्चा का केन्द्र बन गये हैं। वहीं इस सम्बन्ध में जब पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक ंिसह रावत से सम्पर्क करने की कोशिश की गई तो उनसे सम्पर्क नहीं हो पाया।

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