देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड इक्कीस सालों से एक गहरे अंधकार में डूब चुका था और राज्यवासियों के मन में बस एक ही ख्याल उभरता था कि अगर इक्कीस साल पहले राज्य को केन्द्र शासित राज्य बना दिया होता तो आज उत्तराखण्ड में भ्रष्टाचार और घोटालों का काला साया देखने को न मिलता? उत्तराखण्ड में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन रहे अधिकांश पूर्व मुख्यमंत्रियों ने सत्ता चलाने के पैमाने को जिस तरह से अपनाया वह राज्य की जनता को कभी रास नहीं आया और चंद पूर्व मुख्यमंत्री अहंकार और हिटलरशाही में सत्ता चलाने के लिए आगे आये और उनके साथ कुछ बडे अफसर व चंद पुलिस अफसरों ने सत्ता की गोद में बैठकर जिस तरह से कुछ पूर्व मुख्यमंत्रियों के इशारे पर उनके गलत कारनामों को उजागर करने वालों को एक शिकारी जानवर की तरह उनका शिकार किया उससे राज्यवासियों के मन में एक ही भय नजर आता था कि अगर राज्य के कुछ अफसर कुछ सत्ताधारियों के इशारे पर अगर कुछ भी कर गुजरने को तैयार रहेंगे तो फिर एक आम इंसान को भी हिटलरशाही का दंश सहना पडेगा? इसी बीच देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने खटीमा के पूर्व विधायक पुष्कर सिंह धामी को राजनीति का नगीना मानकर उसे जब राज्य की जनता के सामने परोसा तो पुष्कर सिंह धामी ने धरातल पर अपने आपको राज्य का नगीना साबित करने के लिए जिस तरह से सत्ता को चलाया उससे उत्तराखण्ड में भाजपा के अधिकांश बडे-बडे राजनेताओं की नींद उड गई और इक्कीस सालों से खामोश दिखाई दे रहे उत्तराखण्ड को पुष्कर सिंह धामी ने मात्र सौ दिन में जिस तरह से खिलखिलाता उत्तराखण्ड बनाने की दिशा में बडी कामयाबी हासिल की उससे राज्यवासियों को अब एक आशा की किरण दिखाई देने लगी है कि पुष्कर राज में शहीदों के सपनों का उत्तराखण्ड बनने का अब समय आ गया है।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा चुनाव से छह माह पूर्व सरकार चलाने के लिए जो पैमाना तैयार किया और उसे धरातल पर उतारते चले गये उसी का परिणाम था कि मात्र अल्प कार्यकाल में उत्तराखण्ड के खटीमा तक सीमित रहने वाले पूर्व विधायक पुष्कर सिंह धामी ने सत्ता चलाने के लिए आवाम के दिलों में घुसपैठ की और उसी का परिणाम रहा कि राज्य में भाजपा की सरकार आई। उत्तराखण्ड के इतिहास में दूसरी बार किसी सत्ता चलाने के लिए किसी मुख्यमंत्री को पुन: सत्ता मिली तो राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा चुनाव में आवाम से किये गये संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में पहले दिन से ही एक बडे विजन के तहत काम करना शुरू कर दिया था। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आवाम से किये गये संकल्प को एक-एक कर धरातल पर उतारने का जिस तरह से मिशन शुरू किया उससे उत्तराखण्ड के अन्दर पुष्कर सिंह धामी की साख का रूतबा तेजी के साथ बढता जा रहा है। पुष्कर सिंह धामी का साफ मानना है कि उनकी सरकार का पहला विजन है कि दूर दराज के इलाकों में रहने वाले अन्तिम छोर के व्यक्ति तक भी विकास का आईना सबको दिखाई दे। पुष्कर सिंह धामी ने जहां विकास को पंख लगाने शुरू किये वहीं उन्होंने अपने आवास में जनता दरबार लगाकर हर व्यक्ति के पास स्वयं पहुंचकर उसके दर्द को समझकर उसे राहत देने का जो सिलसिला शुरू कर रखा है उसी का परिणाम है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलने के लिए जब राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहुंचे तो नरेन्द्र मोदी ने उनका जबरदस्त तरीके से स्वागत किया तो उससे राज्य में भाजपा नेताओं को भी इस बात का इल्म हो गया कि पुष्कर सरकार देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नजर में शत-प्रतिशत सफलता के साथ काम कर रही है। पुष्कर सिंह धामी ने चुनाव के दौरान ऐलान किया था कि राज्य में जब भाजपा की सरकार बनेगी तो देश में समान नागरिकता संघिता लागू किया जायेगा और उस दिशा में मुख्यमंत्री ने आगे बढते हुए इसके ड्राफ्ट के लिए कमेटी का गठन किया है उससे साफ नजर आ रहा है कि पुष्कर सिंह धामी चुनाव में किये गये हर वायदे को धरातल पर उतारने के लिए आगे बढते जा रहे हैं। पुष्कर सिंह धामी का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उत्तराखण्ड को अग्रणी राज्य देखना चाहते हैं। ऐसे में हम सब मिलकर उनके सपनों को साकार करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेट केदारपुरी का पुर्ननिर्माण जिसके लिए सरकार पूरी ताकत से जल्द से जल्द उसे पूरा करने में लगी हुई है।
पुष्कर सिंह धामी का साफ कहना है कि विकास सरकार की प्राथमिकता है और ईमानदारी से इसका प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सडक, बिजली, पानी के साथ स्वास्थ्य सुविधा आमजन तक पहुंचाने की पूरी व्यवस्था की जा रही है और आने वाले समय में वह दिन दूर नहीं जब उत्तराखण्ड देश का अग्रणी राज्यों में शुमार होगा।
