उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने के मिशन में पुष्कर

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देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री कल अपनी सरकार के सौ दिन पूरे करने जा रहे हैं और इन सौ दिनों में उन्होंने जिस तरह से विकास को लेकर एक बडा खाका धरातल पर उतारने का जज्बा दिखाया है उससे साफ नजर आ रहा है कि धामी ने एक नया उत्तराखण्ड बनाने की चाहत मन में समा रखी है जिसमें न कहीं भ्रष्टाचार होगा और न ही कहीं पुलिसिया उत्पीडन से किसी को उसका सामना करना पडेगा। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गये हैं जो मीडिया से मधुर सम्बन्ध बनाकर राज्य को विकास की राह पर आगे ले जाने की चाहत पाले हुये हैं। मीडिया व सरकार के बीच जिस तरह से सूचना सचिव एक बडे सेतु का काम कर रहे हैं उससे साफ झलक रहा है कि उत्तराखण्ड में अब मीडिया के साथ वह तांडव कोई पुलिस अफसर नहीं कर पायेगा जो तांडव इक्कीस सालों से काफी मीडियाकर्मी सहते आ रहे हैं।
उत्तराखण्ड का इतिहास रहा कि अधिकांश पूर्व मुख्यमंत्री ऐसे रहे जिनके हाथों से एक बार सत्ता फिसली तो उन्हें दुबारा कभी भी मुख्यमंत्री की कुर्सी नसीब नहीं हो पाई चाहे उन्होंने कितना ही ऐडी-चोटी का जोर क्यों नहीं लगा लिया लेकिन उन्हें पुन: मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने का कभी मौका नहीं मिला। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को छह माह के लिए मुख्यमंत्री बनाया गया तो उन्होने भाजपा को सत्ता में वापसी लाकर अपनी काबिलियत दिखाई लेकिन उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी से दूर रखने के मिशन के चलते खटीमा में उन्हें चुनाव यह सोचकर हरवाया गया था कि उनकी हार के बाद पुन: मुख्यमंत्री नहीं बनाया जायेगा लेकिन ऐसी सोच रखने वालों को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा हाईकमान जेपी नड्डा ने आईना दिखा दिया और पुष्कर सिंह धामी ऐसे राजनेता बन गये जिन्हें भाजपा हाईकमान ने हार के बाद भी उन्हें मुख्यमंत्री का ताज पहना दिया। उससे साफ झलक गया था कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बताये रास्ते पर किस तरह से आगे बढते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के रूप में दुबारा शपथ लेने वाले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार कल सौ दिन पूरे करने जा रही है और इन सौ दिनो में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उत्तराखण्ड को एक नया उत्तराखण्ड बनाने के रास्ते पर ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं पहली बार ऐसा देखने को मिल रहा है जब मीडिया के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आवास के दरवाजे हमेशा खुले हुये हैं।मुख्यमंत्री व मीडिया के बीच मधुर सम्बन्ध बनाये रखने के लिए ईमानदार अफसर माने जाने वाले सूचना सचिव अभिनव कुमार एक सेतु के रूप में काम कर रहे हैं और यही कारण है कि दस माह के अन्दर कभी भी ऐसा दिखाई नहीं दिया कि मीडिया एक एजेंडे के तहत सरकार को अपने निशाने पर ले रही हो? मुख्यमंत्री व मीडिया के बीच आपसी तालमेल से ही पुष्कर सिंह धामी एक नये उत्तराखण्ड की नीवं रखे हुये हैं और यही कारण है कि उनके अब तक के कार्यकाल को देखकर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उन्हें राज्य को विकास की राह पर ले जाने के लिए उनकी पीठ थपथपा रहे हैं।

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