देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड के पहाड़ी जनपदों में रहने वाले लोगों के मन में इस बात को लेकर बडा दर्द राज्य बनने के बाद से ही दिखाई देता आ रहा है कि विकास का पहिया सिर्फ चंद मैदानी जिलों तक ही सिमट कर रह गया है और आज भी अधिकांश पहाडी जनपदों में रहने वाले लोग इलाके के विकास की राह देख रहे हैं लेकिन अब राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपना विजन साफ करते हुए कहा है कि विकास का पहिया अब इतनी तेजी से पहाड चढेगा कि जहां पलायन पर ब्रेक लगेगा वहीं राज्य के युवा भी अपने पहाडी जनपदों में विकास की राह में आगे बढते हुए वहां अपना व्यापार करने के लिए डेरा डालेंगे।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मानना है कि जब राज्य अपनी पच्चीसवीं जयंती मनोयगा तो वह दशक उत्तराखण्ड का होगा और इसी के चलते पुष्कर सिंह धामी मैदान व पहाड़ को एकसाथ विकास की राह पर आगे बढाने का बडा प्लान तैयार कर उसे धरातल पर उतारने के लिए संकल्प ले चुके हैं। पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि पहाडी राज्य होने के कारण रोप-वे सरकार के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, वर्तमान में सात रोप-वे परियोजनायें चल रही हैं और पैंतीस नई परियोजनाओ ंकी योजना बनाई जा रही है। उन्होने कहा कि सरकारी योजनाओं की डोरस्टेप डिलीवरी के लिए एक योजना शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस बात का इल्म है कि पहाडी राज्यों में रोजगार न होने से युवा पीढी किस तरह से पलायन कर चुकी है इसलिए पहाड की युवा पीढी को फिर उनके घरों तक वापस लाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहाडी जनपदों में विकास के पहिये को आगे बढाने के लिए एक बडा प्लान तैयार किया है जिसके चलते सरकार जहां पहाडों से पलायन रोकने में सफल होगी वहीं बाहरी राज्यों में रोजगार कर रहे युवा भी अपने घरों में वापसी कर अपने इलाके में रोजगार की नैय्या पर सवार हो जायेंगे।
