संवाददाता
देहरादून। उत्तर प्रदेश चुनाव के आखिरी चरण के प्रचार में बनारस में जिस प्रकार मोदी के रोड शो में जनता का हुजूम उमड़ा और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर केंद्र के एक दर्जन से ज्यादा मंत्री व कई प्रदेशों के मुख्यमंत्री शिरकत करने पहुंचे थे। वहीं उत्तराखंड के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी राज्य का नेतृत्व कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मेगा शो में पुष्कर सिंह धामी की धमक ने उन्हें राज्य का सबसे पॉवरफुल नेता बना दिया है और अगर पुष्कर सिंह धामी की खटीमा सीट पर अपनों ने भीतरघात का जहर न उगला होगा तो उनकी जीत के बाद उनके सिर पर मुख्यमंत्री का ताज सजना तय है।
प्रधानमंत्री मोदी के रोड शो को मजबूत बनाने के लिए जिस प्रकार से भारतीय जनता पार्टी के जिन प्रभावकारी मंत्रियों व मुख्यमंत्रियों को जिम्मेदारी दी गई उसमें छोटा राज्य होने के बाद भी युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी आगे रखा गया। वैसे तो अभी चुनाव परिणाम 1० मार्च को आएंगे लेकिन चुनावों से पूर्व ही पूरे देश के अंदर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिस प्रकार से अपनी छवि बनाई है और युवाओं के बीच में अपनी पहचान बनाई है। उससे मोदी के दिल में भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लिए अलग छवि स्थापित हो गयी है। युवाओं को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश की राजनीति से राज्य की राजनीति में स्थापित हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का लाभ प्रधानमंत्री मोदी ने लेना उचित समझा। क्योंकि उत्तर प्रदेश चुनाव में बनारस लोकसभा क्षेत्र से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सांसद होने के नाते भी साख लगी है। इसलिए वहां किस प्रकार अधिक से अधिक सीटों पर भाजपा का कब्जा हो, कितने अधिक भाजपा के विधायक बने। इस को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने केंद्र के कई मंत्रियों के साथ साथ विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों की भी जिम्मेदारियां अलग-अलग विधानसभा में लगाई है। विशेष रुप से बनारस के अंदर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का प्रभाव छात्र राजनीति से ही है। कितने ही छात्र नेता जो आज उत्तर प्रदेश की राजनीति में स्थापित हो चुके हैं। उन सभी का कहीं ना कहीं जुड़ाव मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रहा है। इसलिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पूरा प्रयोग बनारस के अंदर प्रधानमंत्री द्वारा किया गया।
वही यह इस बात का भी संदेश है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गुड बुक में शामिल हैं। राज्य के नेता भले ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लेकर किसी भी प्रकार की भूमिका बनाने का प्रयास करते रहे लेकिन प्रधानमंत्री मोदी धामी की काबिलियत एवं कार्यशैली पर अपनी मोहर लगा चुके हैं व राज्य के नेताओं को भी दर्शा चुके हैं की जो उत्तराखंड की राजनीति को सिर्फ अपने इर्द-गिर्द ही बने रहना देना चाहते थे। अब उत्तराखंड की राजनीति में युग परिवर्तन हो चुका है। धामी के नेतृत्व में युवा नेतृत्व राज्य की राजनीति में स्थापित हो रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री की करीबीयत लगातार धामी की बेहतर होती छवि से राज्य के नेताओं में हलचल है। जैसा कि उत्तराखंड दौरे पर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुष्कर सिंह धामी कि जिस प्रकार से बार-बार पीठ थपथपाई वो सीधा संदेश था की जिस प्रकार के कार्यकौशल पूर्ण व्यक्तित्व की जरूरत नरेंद्र मोदी को थी। उन सारी उम्मीदों पर पुष्कर सिंह धामी पूरी तरीके से खरा उतरे हैं। मात्र 6 माह के कार्यकाल में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य ही नहीं अपितु पूरे देश के अंदर ऊर्जावान युवा नेता के रूप में अपनी फैन फॉलोइंग बड़ी की है। कई राज्यों के नेता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का उदाहरण देते हैं। यही नहीं भारतीय जनता पार्टी के साथ-साथ अन्य राजनीतिक दलों के लोग भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यकुशलता का लोहा मानते हुए उनका उदाहरण विभिन्न मंचों पर देते हैं। देश के बड़े मीडिया हाउसेस जिनके लिए उत्तराखंड के नेताओं की छवि बहुत ज्यादा धूमिल थी। उन्होंने भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्य कुशलता पर अपनी मोहर लगाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बयान, उनकी कार्यशैली एवं उनके व्यक्तित्व को सरहाने में पीछे नहीं रहे। जिसका संदेश सीधे तौर पर प्रधानमंत्री मोदी के पास तक पहुंचा। प्रधानमंत्री मोदी जानते हैं की ऐसे ही सैकड़ों प्रतिभावान युवाओं को स्थापित नेता आगे आने नहीं देना चाहते। एक समय प्रधानमंत्री मोदी भी इन्हीं हालातों का शिकार हुए थे और जब उनको मौका मिला तो आज विश्व भी प्रधानमंत्री मोदी की शख्सियत को सलाम करता है। इसीलिए मौका मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अपने विशेष अभियानों से जोड़ते रहे हैं।
