किरन शर्मा
देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक कुशल राजनीतिज्ञ की तरह अपनी सत्ता को आगे बढा रहे हैं और आज वह सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के आवास पर पहुंचे और उनके साथ बंद कमरे में डेढ़ घंटे से ज्यादा का राजनीतिक मंथन किया और उसके बाद तीरथ सिंह रावत ने दावे के साथ ऐलान किया कि उत्तराखण्ड के अन्दर भाजपा की सरकार दो तिहाई से अधिक बहुमत से सत्ता में आ रही है और वह यहां तक बोले कि पुष्कर सिंह धामी पांच साल नहीं बल्कि पन्द्रह साल तक राज्य के मुख्यमंत्री रहेंगे। तीरथ ंिसह रावत का पुष्कर सिंह धामी को यह आशीर्वाद देना कहीं न कहीं भाजपा के उन दिग्गज नेताओं का बीपी बढा गया जो चुनाव के बाद से ही अपने आपको मुख्यमंत्री बनने की चाहत में एक राजनेता से दूसरे राजनेता के घर तक का रास्ता तय करने में गोपनीय रूप से जुटे हुये हैं। पुष्कर सिंह धामी को जिस तरह से सांसद ने अपना खुला आशीर्वाद और साथ देने का वायदा किया उससे साफ झलक गया कि राज्य के अन्दर भाजपा की सरकार आने के बाद पुष्कर ंिसंह धामी के सिर पर ही मुख्यमंत्री का ताज सजेगा।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखण्ड में साढे चार साल तक भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत व सांसद तीरथ सिंह रावत ने मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली लेकिन वह अपने शासनकाल में राज्यवासियों का दिल नहीं जीत पाये जिसके चलते उत्तराखण्ड में भाजपा के खिलाफ एक बडा माहौल तैयार हो चुका था और इसकी भनक भाजपा हाईकमान को भी लग चुकी थी कि अगर उन्होंने एक बार फिर प्रदेश के अन्दर नेतृत्व परिवर्तन न किया तो राज्य में भाजपा की सरकार सत्ता में किसी भी कीमत पर वापस नहीं आ पायेगी? यही कारण था कि भाजपा हाईकमान ने राज्य के अन्दर तीसरी बार नेतृत्व परिवर्तन करने के लिए बडा फैसला लिया और इस बार उन्होंने युवा विधायक पुष्कर सिंह धामी पर एक बडा दाव खेलते हुए उन्हें मुख्यमंत्री की कमान सौंप दी थी। मुख्यमंत्री की कुर्सी मिलने के बाद पुष्कर ंिसह धामी को इस बात का इल्म तो जरूर हो गया था कि उनके सिर पर कांटो भरा ताज रख दिया गया है और वह राज्य में छह माह के भीतर अगर आवाम के मन में भाजपा को लेकर दिख रही बडी नाराजगी को भेदने में कामयाब न हुये तो उनकी राजनीति पर एक बडा ग्रहण लग जायेगा? इसी कारण था कि पुष्कर सिंह धामी ने बडी रणनीति के तहत सत्ता चलाने के लिए अपने कदम फूंक-फूंककर आगे बढाने का मिशन चलाया और उन्होंने चाणक्य नीति से आवाम के दिलों को जीतने का हौसला धरातल पर दिखाना शुरू किया तो उससे राज्यवासियों के मन में पुष्कर की इस सफल राजनीति के किस्से शुरू हो गये और उसी से पुष्कर सिंह धामी को आभास हो गया कि वह सही दिशा में अपनी राजनीति को आगे बढा रहे हैं। पुष्कर ंिसह धामी ने सत्ता चलाने के दौरान गढवाल व कुमांऊ को सामान रूप से साधने का जो जज्बा दिखाया उससे उत्तराखण्ड में गढवाल व कुमांऊ की वर्षों से चली आ रही लडाई का भी अंत होते हुए दिखाई दिया? कांग्रेस ने जब पुष्कर सिंह धामी की धाकड बल्लेबाजी के किस्से आवाम से सुनने शुरू किये तो उनके मन में भी एक चिंता की लकीर दिखाई देने लगी कि वह जिस तरह से विधानसभा चुनाव में भाजपा को हल्का आंक कर चल रहे थे वह पुष्कर सिंह धामी के सत्ता संभालने के बाद बदल गई हैं? पुष्कर सिंह धामी ने जिस तरह से समूचे चुनाव में हर जिले के अन्दर अपने प्रत्याशी की जीत का सफर बडा करने के लिए अपने कदम आगे बढाये उससे पुष्कर सिंह धामी को विश्वास है कि एक बार फिर राज्य में भाजपा सत्ता में वापस लौटेगी। चुनाव परिणाम आने में अभी कुछ समय बाकी है लेकिन जिस तरह से पुष्कर सिंह धामी ने त्रिवेन्द्र रावत के घर पर दस्तक देने के बाद भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और आज सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के घर पर दस्तक देकर उन्हें पुष्प और शॉल पहनाई उससे कहीं न कहीं यह साफ नजर आ रहा है कि पुष्कर सिंह धामी मिशन कुर्सी के लिए आगे बढ रहे हैं?
