हरीश का ऐलान मुझे बनाओ सीएम

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संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में हुये विधानसभा चुनाव के बाद जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पार्टी की जीत का खुला ऐलान कर चुके हैं और इस बार साठ पार का फिर दावा किया है तो वहीं कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी दम भरा है कि विधानसभा में कांग्रेस 48 सीटें जीतने जा रही है। उत्तराखण्ड में मतदाताओं की खामोशी से भले ही दोनो राजनीतिक दलों की धडकनें बडी हुई हों लेकिन दोनो राजनीतिक दल राज्य में अपनी सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं। इसी बीच हरीश रावत के मन में एक बार फिर सीएम प्रेम जागा है और उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा है कि यह तो वह सीएम बनेंगे या घर बैठेंगे क्योंकि उन्हें अपने हिसाब से उत्तराखण्ड राज्य को आगे बढाना है। चुनाव परिणाम से पूर्व ही जिस तरह हरीश रावत ने खुद को सीएम बनने का दम भरा है उसे उत्तराखण्ड की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है? चुनाव से पूर्व भी हरीश रावत ने खुद को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किये जाने की मांग की थी लेकिन कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें सिर्फ चुनाव संचालन समिति का अध्यक्ष बनाया था। अब मतदान के बाद हरीश रावत का मुख्यमंत्री बनने की चाहत कांग्रेस के अन्दर कहीं एक नया संग्राम न खडा कर दे इसको लेकर अब कांग्रेस में चुनावी परिणाम से पहले ही हलचल मचनी शुरू हो गई है?
विधानसभा चुनाव से पूर्व कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत व उनके कुछ समर्थक पूर्व विधायकों ने कांग्रेस हाईकमान से मांग की थी कि हरदा को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किया जाये लेकिन कांग्रेस के अन्दर मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किये जाने को लेकर जब बवाल शुरू हुआ और इसकी तपिश कांग्रेस हाईकमान के पास दिल्ली तक पहुचंी तो कांग्रेस हाईकमान ने साफ संदेश दिया था कि चुनाव में किसी को भी मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं किया जायेगा और चुनाव संचालन समिति की बागडोर हरीश रावत के हाथों में सौंपकर उन्हें चुनाव लीड करने का आदेश दिया गया था। हरीश रावत ने अपनी लालकुंआ सीट पर जीत हासिल करने के लिए पार्टी प्रत्याशियों के लिए हर विधानसभा सीट पर प्रचार करने से अपने कदम रोके और वह सोशल मीडिया पर ही कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में जिताने की बार-बार मार्मिक अपील करते रहे। उत्तराखण्ड में हुये विधानसभा चुनाव के ठीक बाद हरीश रावत ने दावा किया कि उत्तराखण्ड के अन्दर कांग्रेस की 48 सीटें आ रही हैं और कांग्रेस ही राज्य में सरकार बनायेगी। उत्तराखण्ड में हुये चुनाव के बाद जहां सरकार के मुखिया पुष्कर सिंह धामी चुनाव में जीत का दावा कर रहे हैं और इस बार साठ के पार का नारा दे रहे हैं वहीं हरीश रावत भी कांग्रेस की सरकार बनने का हर दिन दावा कर रहे हैं। अभी चुनाव परिणाम आने में भले ही कांग्रेस व भाजपा को एक लम्बा इंतजार करना पडेगा लेकिन दोनो बडे राजनीतिक दल अभी से ही अपनी पार्टी की जीत का खुले मंच से ऐलान करने में डटे हुये हैं। कंाग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एक बार फिर राजनीतिक दांव खेलते हुए दम भर दिया कि यह तो वह मुख्यमंत्री बनेंगे या फिर घर बैठेंगे। हरीश रावत के इस दावे से एक बार फिर उत्तराखण्ड की राजनीति में एक नई हलचल मचती हुई दिखाई दे रही है। सवाल यह है कि जब मुख्यमंत्री का चुनाव कांग्रेस हाईकमान के हाथों में रहता है तो फिर हरीश रावत कैसे दम भर रहे हैं कि वह या तो मुख्यमंत्री बनेंगे या फिर घर बैठेंगे? उनके इस बयान से कांग्रेस के अन्दर भी एक हलचल मचती हुई दिखाई दे रही है। सवाल यह भी खडे हो रहे हैं कि चुनाव से पूर्व हरीश रावत ने दम भरा था कि वो एक दलित को राज्य का मुख्यमंत्री के पद पर देखना चाहते हैं। वहीं अब उन्हें राज्य में कांग्रेस की दिख रही जीत को लेकर मुख्यमंत्री बनने की ललक फिर जाग गई है जिससे कांग्रेस के अन्दर हरीश रावत के इस बयान को लेकर एक नई सुगबुगाहट शुरू हो गई है?

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