शेर-ए उत्तराखण्ड अभिनव के सीने पर सजा राष्ट्रपति पदक

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किरन शर्मा

देहरादून। पुलिस में शेर-ए उत्तराखण्ड के नाम से बडी पहचान बनाने वाले आईपीएस अभिनव कुमार को आज गणतंत्र दिवस पर राज्यपाल ने उनके सीने पर राष्ट्रपति का पुलिस पदक लगाया तो अभिनव कुमार ने साफ कहा कि राष्ट्रपति का पुलिस पदक मिलना उनके लिए एक बडे गौरव की बात है और वह हमेशा पुलिस की आन-बान-शान की रक्षा करने के लिए संकल्पबद्ध हैं और उन्होंने अपने कार्यकाल में आईटीबीपी व बीएसएफ में भी अपनी तैनाती दी है और हमेशा उन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने कदम आगे रखे हैं।
यहां परेड ग्राउंड में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि यह परिवार के लिए गौरव की बात है कि राष्ट्रपति ने गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति पदक 2०22 का पदक मिला है और देश के स्वतंत्र होने के बाद चौथी पीढ़ी पुलिस में अपनी सेवायें दे रही है और उत्तराखंड पुलिस, आईटीबीपी व बीएसएफ में भी उन्होंने सेवायें दी है यह उनके लिए गौरव की बात है। उन्होंने विभाग के सभी अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है। उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड पुलिस में अपनी सेवा देने वाले अभिनव कुमार ने हमेशा निष्पक्ष तरीके से काम किया और उन्होंने हमेशा वर्दी की आन, बान, शान पर तिनका भर भी कोई आंच नहीं आने दी, यही कारण है कि जब उन्हें हरिद्वार में पुलिस कप्तान के रूप में तैनाती मिली थी तो उन्होंने जनपद को अपराध मुक्त करने का अपना संकल्प शत प्रतिशत पूरा किया था और उन्होंने अपने कार्यकाल में किसी भी प्रकार का साम्प्रदायिक दंगा नहीं होने दिया जिसने भी हरिद्वार की फिजां को खराब करने का मंसूबा पाला उसे अभिनव कुमार ने पुलिस की ताकत दिखाई थी। कुमायूं में जब एक बार दंगे की आग भड़की तो सरकार ने उन पर बड़ा विश्वास जताकर उन्हें हैलीकॉप्टर से सीधा ऊधम सिंह नगर भेजा था जहां जाते ही उन्होंने कुमायूं का माहौल शांत करा दिया था।
वहीं आईटीबीपी व बीएसएफ में अपनी तैनाती के दौरान उन्होंने जिस बहादुरी के साथ देश के दरिंदों के खिलाफ आपरेशन चलाया उसने श्रीनगर में शांति बहाल हुई और आज तक के अपने कार्यकाल में उन्होंने कभी भी किसी भी तरह के दवाब में काम नहीं किया और आईपीएस बनने के बाद वर्दी पहनते हुए उन्होंने जो शपथ ली थी उस शपथ पर वह आज भी कायम है।

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