देहरादून(संवाददाता)। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रोफेसर गौरव वल्लभ ने कहा है कि अमर जवान ज्योति पिछले 5० सालों से अनवरत जल रही है को केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार दूसरी जगह शिफ्ट कर रही है जिसका पूरे देश भर में कांग्रेसजन पुरजोर विरोध करेंगें। उन्होंने कहा कि अमर जवान ज्योति हिन्दुस्तान के पराक्रम व सैनिकों की वीरता का मंदिर है। यहां कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि यह हमारे शौर्य, साहस, बलिदान एवं स्वाभिमान का प्रतीक है, लेकिन आज उसे बुझा दिया जाएगा. इंडिया गेट पर 5० वर्षों से स्थापित अमर ज्योति का नया पता अब वॉर मेमोरियल होगा और जब किसी राजा के महल के निर्माण के लिए शहीदों के बलिदान और शौर्य के प्रतीकात्मक स्थान को बदल दिया जाये और अनवरत जलने वाली लौ को बुझा दी जाए, तो यह न सिर्फ उस राजा के मनमानी की कहानी कहती है बल्कि शहीदों के प्रति उसके दिल में कितना सम्मान है, यह भी बखूबी बताती है।
उन्होंने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार अब वीर जवानों के शौर्य, बलिदान व देश के धरोहरों को खत्म करने की क्रोनोलॉजी समझिए और पहले जालियावाला बाग में लेजर शो करवा कर वहां सैकड़ों शहीदों का अपमान किया गया, फिर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का देश के प्रति त्याग व सपर्मण को कम करके दिखाने के लिए अहमदाबाद के गांधी आश्रम जैसी पुरानी धरोहर को भी बदलने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि क्या इस अमर जवान ज्योति को विस्थापित करने का उद्देश्य सिर्फ सेंट्रल विस्टा (मोदी महल ) का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार किसान बिल से पहले भाजपा सरकार ने किसानों से सलाह लेना जरूरी नहीं समझा, ठीक उसी प्रकार इतने बड़े निर्णय से पहले एक बार भी शहीदों के परिजनों से विचार करना जरूरी नहीं समझा. भारतीय सेना की शौर्य, बलिदान एवं अदम्य साहस का अपमान क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 1971 के भारत-पाक युद्ध में भारतीय सेना के अदम्य साहस, शौर्य, बलिदान के प्रतीक स्वरूप इस अमर जवान ज्योति को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने वीर शहीद भारतीय सैनिकों के सम्मान में स्थापित किया था। उन्होंने कहा कि अमर जवान ज्योति की ज्योत हिंदुस्तान में करोड़ों देशभक्तों के लिए मंदिर की ज्योति की तरह है. यह बलिदानियों का मंदिर है, जिस तरह मंदिर की ज्योत को विस्थापित नहीं किया जा सकता, उसी प्रकार अमर जवान ज्योति का विस्थापन भी संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि क्या हिंदुस्तान की सरकार हमारे देश के शौर्य, बलिदान, त्याग, तपस्या, वीरता के लिए दो जगहों पर ज्योति नहीं जलवा सकती है। उन्होंने कहा कि मौजूदा केन्द्र की भाजपा सरकार ने 16 दिसंबर 2०21 को विजय दिवस के सरकारी कार्यक्रम में 1971 के भारत-पाक युद्ध के ऐतिहासिक विजय के वक्त भारत का नेतृत्व करने वाली पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी का नाम भी हटा दिया। उन्होंने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार ज्योति तो बुझा दोगे लेकिन करोड़ों भारतीयों के दिल में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी व भारतीय सेना के प्रति आदर, सम्मान, समपर्ण की लौ को कैसे बुझाओगे। इस अवसर पर सेनि कैप्टन बलबीर सिंह रावत ने कहा है कि केन्द्र की सरकार उन मानकों को बदलने व तोडने में लगी है और अमर जवान ज्योति जो सैनिकों की याद में स्थापित किया गया था को शिफ्ट करने जा रही है जिसका पुरजोर विरोध किया जायेगा। इस अवसर पर पत्रकार वार्ता में गढ़वाल मंडल मीडिया प्रभारी गरिमा महरा दसौनी, मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि, प्रवक्ता डा. प्रतिमा सिंह, हरि सिंह चौधरी, आर पी बड़थ्वाल, निधि कांत ध्यानी, मोहन सिंह रावत, मोहन काला आदि शामिल रहे।
