देहरादून(नगर संवाददाता)। सिख पंथ के दसवें गुरु श्री गुरु गोविन्द सिंह महाराज का 355 वां पावन प्रकाश पर्व श्रद्धा पूर्वक कथा, कीर्तन के रूप में सरकारी गाइड लाइन्स का पालन करते हुए मनाया गया।
इस अवसर पर प्रात: नितनेम के पश्चात हजूरी रागी भाई चरणजीत सिंह ने आसा दी वार का सअद वह प्रगटयो पुरख भगवन्त रूप गुर गोविन्द सूरा, भाई सतवंत सिंह ने सबद तहि प्रकाश हमारा भयो, पटना शहर बिखे भव लयो, भाई गुरदियाल सिंह ने सबद देव देव राजन के राजा, दीन दयाल गरीब नवाजा, काका मनप्रीत सिंह ने सबद देहो दरस सुख दातिया, मैं गल विच लेहों मिलाये जियों, काका गुरजोत सिंह ने सबद देह शिवा वर मोहें इहे, शुभ करमन ते कबहुँ न टरों बच्ची परम सु:ख कौर एवं बच्ची इश्मीत कौर ने सबद जोबन के जाल हो कि काल हूं के काल हो का गायन कर संगत को निहाल किया।
इस अवसर पर हैड ग्रंथी भाई शमशेर सिंह ने गुरु गोविन्द सिंह जी की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि परउपकारी साहिब श्री गुरु गोविन्द सिंह 9 वर्ष कि आयु में गुरु गद्दी पर विराजमान हुए एवं बहुत अच्छे ढंग से कोम कि अगुआई की। उन्होंने कहा कि गुरुजी ने खालसा पंथ की सृजना की, गुरुजी ने जीवन में कर्मवीर धर्म वीर, युद्धवीर, ज्ञानवीर, प्रेमवीर विद्वायावीर एवं क्षमावीर आदि गुणों से भरा हुआ जीवन था।
इस अवसर पर भाई जगजीत सिंह ने सबद वाह वाह गोविन्द सिंह आपे गुर चेला एवं भाई साहिब जसविंदर सिंह, चंडीगढ़ वालों ने सबद सचा अमर गोविन्द दा सुन गुरु प्यारे का गायन कर संगत को निहाल किया।
इस अवसर पर जनरल सेक्रेटरी गुलजार सिंह ने कहा कि कोविड के चलते रेस कोर्स के खुले पंडाल में प्रकाश पर्व नहीं मनाया गया। इस अवसर पर मंच का संचालन सेवा सिंह मठारु ने किया। इस अवसर पर व्यवस्था बनाने में प्रधान गुरबक्श सिंह राजन, जनरल सेक्रेटरी गुलजार सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगमिंदर सिंह छाबड़ा, उपाध्यक्ष चरणजीत सिंह चन्नी, कोषाध्यक्ष मनजीत सिंह, सचिव अमरजीत सिंह छाबड़ा, सतनाम सिंह, राजिंदर सिंह राजा, दलबीर सिंह कलेर, गुरप्रीत सिंह जौली, एडवोकेट वाधवा, नरेंद्र सिंह, मेजर सिंह, हरजीत सिंह,देविंदर सिंह मान, संरक्षक गुरदीप सिंह टोनी, ईश्वर सिंह आदि उपस्थित थे। इस अवसर पर कार्यक्रम के पश्चात संगत ने गुरु का लंगर छका।
