देहरादून(संवाददाता)। आयुष प्रदेश उत्तराखंड के योग प्रशिक्षितों को माध्यमिक स्कूलों में योग शिक्षकों की तत्काल नियुक्ति किये जाने की मांग को लेकर योग प्रशिक्षितों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सचिवालय कूच किया।
यहां योग प्रशिक्षित बेरोजगार महासंघ के बैनर तले योग प्रशिक्षित परेड ग्राउंड मे इकटठा हुए और वहां से अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर नारेबाजी के बीच सचिवालय कूच किया जहां और जहां पर पुलिस ने बैरीकैडिंग लगाकर सभी को रोक लिया और इस दौरान पुलिस व योग प्रशिक्षितों के बीच धक्का मुक्का व नोंकझोंक होने के बाद सभी वहीं धरने पर बैठ गये।
इस अवसर पर योग प्रशिक्षितों ने कहा कि लगातार उनके हितों की अनदेखी की जा रही है और उन्हें नियुक्तियां नहीं मिल पा रही है जो चिंता का विषय है।
इस अवसर पर योग प्रशिक्षितों ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है और विज्ञान का सबसे उत्तम विषय जो न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मि स्तर पर कार्य करता है।
उन्होंने कहा कि 23 सितम्बर 21 को योग एवं संस्कृत के शिक्षकां की माध्यमिक शिक्षा में नियुक्ति की घोषणा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की थी और आज तक इस ओर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आचार संहिता लग जायेगी और यह घोषणा एक बार फिर से घोषणा ही रह जायेगी। योग प्रशिक्षितों ने कहा कि राज्य सरकार व शिक्षा विभाग द्वारा नियुक्ति के संबंध में आज तक कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं की गई है जिससे प्रदेश के योग प्रशिक्षित बेरोजगार अपने स्वर्णिम भविष्य को लेकर काफी चिंतित हैै। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों से लेकर माध्यमिक विद्यालयों में योग विषय को अनिवार्य कर योग शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाये और प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर कार्यवाही किये जाने की मांग की गई। इस अवसर पर अनेक योग प्रशिक्षित शिक्षक शामिल रहे।
