देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन हंगामेंदार रही और नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने बेरोजगारी के मसले पर सदन में सरकार को घेरा और कहा कि सरकार द्वारा सदन में पेश किए जा रहे रोजगार के आंकडें गुमराह करने वाले है और रोजगार के आंकड़ों को लेकर सत्ता पक्ष ओर विपक्ष में नोकझोंक हुई और बाद में सरकार के जबाब से विपक्ष असंतुष्ट हो गया और सदन से विपक्ष ने वाक आउट किया।
इससे पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार ने 2०2० में 1० लाख लोगों को रोजगार देने की बात कही, मार्च 2०21 में 7 लाख लोगों को रोजगार देने की बात कही है और आज वर्तमान में फिर 7 लाख लोगों को रोजगार देने की बात कही है। विपक्ष ने कहा पीठ इस प्रश्न को स्थगित करें की मांग की गई।
इस अवसर पर विपक्ष ने जनहित को देखते हुए कानून व्यवस्था पर नियम 31० में चर्चा की मांग की, पीठ ने इसे नियम 58 में स्वीकार की, इस अवसर पर कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने रोजगार और बेरोजगारी दर को लेकर प्रश्न पूछा और श्रम मंत्री डॉ हरक सिंह रावत ने दिया जबाब, श्रम मंत्री का जबाब 7 लाख को नौकरी दी, 1 लाख 15 हजार से ज्यादा आउटसोर्स में नौकरी दी, उद्योगों में 5 लाख से ज्यादा नोकरी दी, आठ लाख से ज्यादा बेरोजगार रजिस्टर्ड है, उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने कोविड काल के बाद ज्यादा नौकरियां दी, श्रम मंत्री का जबाब और बेरोजगारी बाद मुद्दा है, एक रूपये में 88 पैसा नॉन प्लान में खर्च हो रहा है सेलरी , भत्ते आदि में स्वरोजगार की दिशा में बेहतर कार्य किये, कई योजनाएं संचालित की, 1856 सहायता समूह में रोजगार दिया, 2691 लोगो को ई-रिक्शा उपलब्ध कराया, 78588 लोगो को कौशल विकास में प्रशिक्षित किया।
उन्होंंने कहा कि 169०० कृषि के क्षेत्र में लाभ दिया। उपनल के माध्यम से 34०० से ज्यादा युवाओं को रोजगार दिया गया। विधायक खजान दास के प्रश्न पर संसदीय कार्यमंत्री ने सदन में जवाब दिया और शून्य काल शुरू हुआ और नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि यह दलबदल कानून का उल्लंघन है। दोनों विधायक सदन की कार्रवाई में शामिल नहीं हो सकते है और दोनों विधायकों की सदस्यता रद्द की जाए और केंद्रीय कानून का उल्लंघन न किया जाए। नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने नियमावली के नियमों का उल्लंघन न किया जाए। इस अवसर पर प्रीतम सिंह ने ब्यवस्था का प्रश्न उठाया है। विधानसभा उपाध्यक्ष ने कहा कि यह मामला विधानसभा अध्यक्ष के कार्यक्षेत्र का है। संसदीय कार्य मंत्री बंशीधर भगत ने कहा सरकार हर ब्यक्ति तक राशन पहुँचाने के लिए प्रयासरत है और हर जरूरतमंद का राशन कार्ड बनाया जा रहा है। केंद्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि चीनी सस्ती दरों पर 15 से 22 किलो के मूल्य के हिसाब से राशन की दुकानों पर उपलब्ध कराया गई है और दालें सस्ते दामों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राशनकार्ड में आ रही दिक्कतों को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लापरवाह अधिकारियों पर की कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष ने सदन में राज्य में चल रही विभन्न हड़तालों, आंदोलनों व धरने-प्रदर्शनों का मुद्दा उठाया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा सरकार के पास कर्मचारियों की मांगों को सुनने का समय नहीं है। कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर सरकार गम्भीर नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल के समय में संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण किया और सरकार विभिन्न संगठनों की मांगों की तदर्थ नियुक्ति पर फैसला जल्द करें।
