लोग नकली जनेऊ पहनकर हिन्दू धर्म का चौला ओढ़ते हैं

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हरिद्वार(संवाददाता)। आज हरिद्वार पहुंचने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद द्वारा किये जा रहे सम्मान समारोह में बोलते हुए कहा कि धर्म और कर्म में कोई अंतर नही है। जो हिन्दू परिवारों में जन्मा है उसका कर्म धर्मानुसार ही होता है। धामी ने ये बात कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर छींटा करते हुए कहा। धामी ने कहा कि वो बाल्यकाल से जनेऊधारी हैं उन्हें लोगो की तरह नकली जनेऊ प्रदर्शन करने की जरूरत नही है। दरसल संतों को एक किस्सा सुनाते हुए धामी ने इस बात का जिक्र किया।
आज अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद द्वारा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सम्मान समारोह देवस्थानम बोर्ड भंग करने पर आयोजित किया गया। धामी ने संतों का आशीर्वाद लिया और जब धामी समारोह को संबोधित कर रहे थे तो उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धि भी बताई लेकिन संतो के सामने धर्म पर बोले हुये उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी छींटा कसने के मौका नही छोड़ा। धामी ने कहा मोदी जी के आने के बाद देश की राजनीति बड़ी तेजी से बदली है लोगो को जबरन नकली जनेऊ डालकर अपने को हिन्दू धर्म का हितेषी सिद्ध करना पड़ रहा है। अभी देश जिस और कैद था अब नेता मंदिर मंदिर चक्कर काट रहे हैं संतों के आगे नतमस्तक हैं। उन्होंने एक जिक्र करते हुए कहा कि एक बार एक धर्मिक कार्यक्रम में मुझे जनेऊ निकाल कर संकल्प करना था तो तभी पीछे से किसी ने कहा कि जनेऊ ये असली है या नकली, मतलब ये अभी पूजा के लिए पहना है या पहले से पहनते हो। इसिपर उन्होंने कहा कि जबसे यज्ञोपवीत संस्कार हुआ है उसी दिन से मैंने कभी जनेऊ उतारा भी नही है। उन्होंने आगे कहा कि नेता आजकल वोट को साधने के लिए नकली तौर पर जनेऊ धारण करके दिखाते है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस बयान के बाद जमकर तालिया भी बजी और चर्चा शुरू हो गयी कि उत्तराखंड में भी भाजपा हिन्दू वोटो पर पकड़ छोडऩा नही चाहती हैं। भाजपा को पता है गैर हिन्दू वोट भाजपा को न के बराबर पड़ता है और हिन्दू वोट को पकड़कर रखने से भाजपा मजबूत बनी रहेगी इसीलिए कभी जुमे की छुट्टी वाला बयान तो आज जनेऊ वाले बयान पर जमकर बहस छिड़ी हुई है। धामी वैसे तो 2०22 में अपने व केंद्र के कामों को लेकर ही जाने वाले है लेकिन महंगाई व किसान का मुद्दा अभी पेचीदा चल रहा है ऐसे में हिंदुत्व बयानों से वोटों का ध्रुवीकरण करना भी राजनीति का सफल अंदाज है।

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