टिकट बटवारे में धामी का चलेगा सिक्का
फ्री-हैंड मुख्यमंत्री ने मिशन 2022 में झोंकी ताकत
प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से मात्र चंद माह पूर्व ही भाजपा हाईकमान ने युवा विधायक पुष्कर सिंह धामी को सत्ता सौंपी और धामी ने भी सत्ता कबूल करते हुए मिशन 2022 को फतेह करने के लिए अपनी समूची ताकत राज्य में झोंक दी है क्योंकि 2022 की जीत-हार पुष्कर सिंह धामी का राजनीतिक भविष्य तय करेगी। भाजपा हाईकमान ने पुष्कर सिंह धामी को 2022 का चुनावी रण विजय करने के लिए फ्री-हैंड कर रखा है और यही कारण है कि पुष्कर सिंह धामी समूचे राज्य में गोपनीय रूप से इस बात को खंगाल रहे हैं कि कौन-कौन राजनेता जिताऊ हो सकते हैं जिन्हें चुनाव मैदान में उतारा जाये? साफ दिखाई दे रहा है कि पुष्कर सिंह धामी अपने कार्यकाल में जिताऊ उम्मीदवारों को ही टिकट बांटकर उनसे अपने इलाके में जीत का वचन लेंगे। विधानसभा चुनाव में अकसर कुछ बडे राजनेता अपने चहेते राजनेताओं को पार्टी का टिकट दिलाकर उन्हें मैदान में उतारते हैं लेकिन इस बार टिकट बटवारे में धामी का सिक्का चलेगा इसके संकेत साफ दिखाई दे रहे हें। प्रधानमंत्री का आधा दर्जन बार पुष्कर ंिसह धामी को खुले मंच से आर्शीवाद देना इस बात का प्रमाण है कि राज्य के अन्दर लम्बे अर्से तक पुष्कर के राजनीतिक जीवन का कोई बाल भी बांका नहीं कर पायेगा।
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को चुनावी रणभूमि में जाने के लिए मात्र कुछ माह का ही समय मिला है और इस कार्यकाल में उन्हें राज्यवासियों का दिल और विश्वास जीतना है जिसके मिशन में पुष्कर ंिसह धामी लगभग पांच माह से लगे हुए हैं। पुष्कर सिंह धामी ने 2022 का चुनाव जीतने के लिए अपनी सारी ऊर्जा उत्तराखण्ड के सभी जिलों मंे लगा रखी है फिर भी पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के कार्यकाल से आवाम के मन में चली आ रही नारजागी अभी भी भाजपा के लिए एक संकट बनी हुई है। इस नाराजगी को अपनी दरियादिली व उदार भाव से दूर करने के लिए पुष्कर सिंह धामी हर छोटे-बडे को गले से लगाकर उनका दर्द समझकर उन्हें सरकार पर विश्वास करने का वचन ले रहे हैं। पुष्कर सिंह धामी किस अंदाज में सत्ता चला रहे हैं इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जो कि उत्तराखण्ड के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सार्वजनिक मंच से लगभग आधा दर्जन बार अपना खुला आर्शीवाद दे चुके हैं। केदारनाथ से लेकर परेड ग्राउण्ड में हुई विशाल रैली में नरेन्द्र मोदी का पुष्कर ंिसह धामी को हजारों की भीड में आर्शीवाद मिलना इस बात का गवाह बन गया कि पुष्कर सिंह धामी को 2022 के चुनावी रण में जीत का सेहरा उनके सिर पर बंधवाने के लिए नमो चुनावी महासंग्राम में विपक्ष के खिलाफ खूब दहाडेंगे। पुष्कर ंिसह धामी ने अपने कार्यकाल में जिस तरह से बडे-बडे फैसले लेने शुरू किये हैं उससे राज्यभर में साफ संकेत चला गया कि भाजपा हाईकमान ने पुष्कर ंिसह धामी को हर फैसला लेने के लिए खुली छूट दे दी है। सवाल यह भी उठ रहा है कि पुष्कर सिंह धामी जिन्होंने चुनाव से मात्र कुछ माह पूर्व ही सत्ता संभाली और उनका समूचा राजनीतिक भविष्य दाव पर लगा हुआ है इसलिए वह राज्य के अन्दर अल्प कार्यकाल में ही एक ऐसे मुख्यमंत्री के रूप में अपने आपको प्रस्तुत करते हुए आगे बढ रहे हैं कि शासन लोकतंत्र से चलता है न कि हिटलरशाही से? देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखण्ड के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों से कभी इतना संवाद नहीं किया जितना संवाद वह राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी से करते आ रहे हैं और आश्चर्यचकित बात यह है कि जब-जब देश के प्रधानमंत्री ने उत्तराखण्ड की धरती पर अपने कदम रखे तो नरेन्द्र मोदी ने हर बार पुष्कर की पीठ व सिर पर अपना आर्शीवाद का हाथ रखा। प्रधानमंत्री का आर्शीवाद ही पुष्कर सिंह धामी के लिए एक बडी ऊर्जा बना हुआ है और इस ऊर्जा के साथ वह समूचे राज्य में आवाम के दिलों में मोदी के शासनकाल में आगे बढ रहे उत्तराखण्ड का संदेश देते हुए दिखाई दे रहे हैं।
