देहरादून(संवाददाता)। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ही विजन था कि उन्होंने कश्मीर से धारा 37० खत्म कर वहां शांति बहाल करने की दिशा में बडा काम किया था और देश के अन्दर उन्होंने जिस तरह से हर मोर्चे पर देश को आगे ले जाने का काम किया है उससे समूचा विश्व भारत की ओर देख रहा है। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने कार्यकाल में जिस तरह से उत्तराखण्ड को सजाने संवारने के लिए हमेशा अपना साथ दिया है उसी का परिणाम है कि आज राज्य विकास की ऊंचाईयों पर आगे बढता जा रहा है और आने वाले समय में 18 हजार करोड की योजनाओं से उत्तराखण्ड का चहुमुखी विकास होगा और राज्य में चारो ओर खुशहाली दिखाई देगी।
उन्होंने कहा कि नमामि गंगह्य, वन नेशन, तीन तलाक, जीएसटी, वन रैंक वन पेंशन का लाभ, श्री राम भारत के शिखर पुरूष के मंदिर के निर्माण कार्य किया जा रहा है और वह भव्य रूप ले रहा है। उन्होंने कहा कि कश्मीर में धारा 37० को हटाने का काम, कोविड में भारत ने विश्व में कोरोना मेडिसीन देकर विश्वगुरू होने का फर्ज निभाया। उत्तराखंड विकास की राह पर अग्रसर है और शीघ्र ही भारत में सर्वश्रेष्ठ राज्य बनेगा उत्तराखंड, एक लाख हजार करोड हजार की अनेकों योजनायें 18 हजार करोड की योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया गया है और दिल्ली से देहरादून की दूरी मात्र दो घंटे में की जायेगी। उन्होंने कहा कि कनेक्विटी को विकास का आधार माना है। 2०15 में प्रभावी प्रशासन के लिए एक मंत्र दिया है और सरकार इस मंत्र पर कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है और प्रदेश में आई आपदा से निपटने के लिए हम प्रोएक्टिव मोड में काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि केदारपुरी का निर्माण एवं अन्य योजनाओं का निर्माण प्रधानमंत्री के कुशल निर्देशन में सफल हो पाया है। दिल्ली देहरादून के आर्थिक गलियारा से देहरादून पौंटा साहिब, गंगा नदी पर पुल, पर्यटन को आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा है। चाइल्ड फ्रैंडली , वन्य जीवों के संरक्षण के लिए, जल, जंगल, जमीन श 12० मेगावाट की ब्यासी जल विद्युत परियोजनाओं का शिलान्यास सहित 18 हजार करोड की योजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया गया। उन्होंने कहा कि सामान्य परिवार के कार्यकर्ता को प्रदेश का मुख्य सेवक बनाया गया है और केन्द्र की पूर्ववर्ती सरकार विदेशी हथकंडों के सामने मौन रहा करती थी और उत्तराखण्ड को पांचवे धाम के रूप में सैन्य धाम के रूप में स्थापित किया जा रहा है। एक राजनीतिक दल परिवार वाद की राजनीति से ऊपर नहीं उठ पाये है और शीघ्र ही चुनाव आने वाले है और स्वार्थी तत्व असली रूप दिखायेंगें और अलग अलग वैरायटी सामने आयेगी। युवराज संस्कृति को बढ़ावा देने वाले जो देश के लिए खतरा है और बरगलाने का काम करने में जुटे हुए है और ऐसे लोग करप्शन को बढ़ावा देते आ रहे है। इससे पूर्व अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया। इस अवसर पर राज्यपाल ले. जनरल गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रहलाद जोशी अजय भटट, सतपाल महाराज, डा. हरक सिंह रावत, तीरथ सिंह रावत, डा. रमेश पोखरियाल निशंक, सांसद, त्रिवेन्द्र सिंह रावत, विजय बहुगुणा, मदन कौशिक, दुष्यंत कुमार, यतीश्वरानंद, डा. धनसिंह रावत, रेखा वर्मा, नरेश बंसल सहित अनेकों भाजपा नेता व कार्यकर्ता शामिल रहे।
