प्रधानमंत्री पुष्कर के चुनावी रण को बदलेंगे जीत में
किरन शर्मा
देहरादून। उत्तराखण्ड के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जबसे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का बडा आर्शीवाद मिला है तबसे धामी अपनी ही पार्टी के कुछ बडे राजनेताओं की आंखों की किरकिरी बनते जा रहे हैं और उन्हंे इस बात का इल्म हो चुका है कि भविष्य में मुख्यमंत्री का ताज उनके सिर पर धामी के होते हुए तो नहीं सज पायेगा यही कारण है कि आशंकायें उठने लगी हैं कि पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ पार्टी के ही कुछ बडे नेता पर्दे के पीछे से साजिशों का तानाबाना बुन रहे हैं और इस तानेबाने को बुनने के लिए जो खेल खेला जा रहा है उसकी भनक कुछ खुफिया एजेंसियों को भी है और यह भी बात उजागर हो रही है कि पुष्कर ंिसंह धामी के खिलाफ कांग्रेस व भाजपा के कुछ बडे नेता भले ही साजिशों का चक्रव्यूह रच लें लेकिन इन साजिशों से पुष्कर सिंह धामी की रक्षा देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने हाथों में ली है और प्रधानमंत्री ने पुष्कर के चुनावी रण को जीत में बदलने के लिए जिस तरह से चुनाव से पूर्व ही एक बडी रैली का आयोजन किया है उससे साफ दिखाई दे रहा है कि देश के प्रधानमंत्री अपने सखा पुष्कर ंिसह धामी को 2022 में एक बार फिर मुख्यमंत्री की कुर्सी पर देखने के लिए उत्तराखण्डवासियों से एक बार फिर राज्य में भाजपा की प्रचंड बहुमत की सरकार लाने का वचन लेंगे।
उत्तराखण्ड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अपने अल्प समय के कार्यकाल में काफी उत्कृष्ठ कार्य किए जिनकी वजह से वह हर दिल अज़ीज बने हुए है। उत्तराखण्ड में बहुत जल्द चुनावी महासंग्राम शुरू होने वाला है। इस महासंग्राम को लेकर भाजपा काफी उत्साहित है और आत्मविश्वास से ओतप्रोत नजर आ रही है। यहीं कारण है कि प्रदेश भाजपा ने आगामी चुनावी के लिए ‘मिशन 60$’ का ऐलान किया हुआ है और उसके लिए वह रोडमैप भी बना रही है। इस आत्मविश्वास का सबसे मुख्य कारण जो समझा जा रहा है, वह यह है कि इस बार उसके पास चुनावी समर में कूदने के लिए दो बड़े चेहरे है। एक तो देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का और दूसरा ख्यातियों के पिरामिड की चोटी को चूमने वाले प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का। भाजपा के दिग्गजों का मानना है कि मोदी और धामी की जोड़ी भाजपा को एक बार फिर प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता हासिल कराएगी और सीएम धामी को यकायक प्राप्त हुई लोकप्रियता भाजपा का एक नया इतिहास रचने में मददगार साबित होगी। आने वाले माह में उत्तराखण्ड के अंदर पीएम मोदी की एक जनसभा प्रस्तावित है और इस जनसभा से पीएम मोदी और सीएम धामी की जोड़ी उत्तराखण्ड में विधानसभा चुनाव विजयी बिगुल बजाएगी।
देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उत्तराखण्ड में विधानसभा चुनाव से पूर्व अपने दौरों की हैट्रिक लगाने जा रहे है। उत्तराखण्ड की राजनीति के जानकारों की माने तो पीएम के दौरोें की यह हैट्रिक भाजपा के लिए विक्ट्र ट्रिक साबित हो सकती है। सीएम धामी को अपना ‘मित्र’ मानने वाले पीएम मोदी का उत्तराखण्ड से हमेशा ही एक अलग लगाव रहा है और जब से धामी राज्य के मुख्यमंत्री बने है तबसे यह बात और उभर कर सामने आ रही है। पहाड़ी राज्य के विकास के लिए केन्द्र ने अपने द्वार खोल रखे है और लगभग हर योजना को पोषित करने के लिए केन्द्र आगे आता हुआ दिखाई दे रहा है। उत्तराखंड में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव की घोषणा भलेे ही अभी नहीं हुई हो लेकिन इससे पहले ही मोदी के चुनावी बिगुल फूंकने के लिए राज्य का रुख कर रहे है। पीएम मोदी और सीएम धामी की जोड़ी की लोकप्रियता से प्रदेश भाजपा में खुशी की लहर देखने को मिल रही है तो वहीं विपक्षी दलों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। भाजपा उत्तराखंड में 2017 में विधानसभा चुनाव मोदी के चेहरे पर लड़़ चुकी है और इस बार तो उसके पास पीएम मोदी के चेहरे के साथ साथ सीएम धामी का चेहरा भी है। पिछले चुनाव में भाजपा ने प्रचंड बहुमत का रिकार्ड बनाकर 70 में से 57 सीटों पर कब्जा जमाया। वहीं इस बार प्रदेश भाजपा ने आगामी चुनाव के लिए ‘मिशन 60$’ का लक्ष्य बनाया हुआ है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पार्टी से जुड़ा हर पदाधिकारी और कार्यकर्ता दिन रात एक किए हुए है। चर्चा है कि देश के प्रधानमंत्री आगामी माह में एक जनसभा का संबोधित करेंगे। मोदी की जनसभा की जानकारी सामने आते ही भाजपा के खेमे में नए सिरे से जोश दिखने लगा है। प्रधानमंत्री मोदी उत्तराखंड से खास लगाव रखते हैं। अपने दौरे में वह इस लगाव को छिपाते भी नहीं हैं। बीते अक्टूबर माह में भी मोदी ने ऋषिकेश में एम्स में हुए समारोह में भाग लिया था। दिसंबर के पहले हफ्ते में उनका चुनावी कार्यक्रम तय हुआ है और यह पहली बार होगा कि प्रधानमंत्री मोदी लगातार तीसरे माह उत्तराखंड में होंगे। मोदी और धामी की जोड़ी आगामी विधानसभा चुनाव का विजयी बिगुल फूंकने जा रही है। भाजपा को वरदान के रूप में मिली इस मजबूत जोड़ी का फायदा पार्टी को आगामी चुनाव में जरूर मिलेगा। वहीं इस जोड़ी ने विपक्षी दलों की नींदें उड़ा रखी है। कांग्रेस के चंद बयानवीर दिग्गज नेता यह भ्रम फैलाने की चेष्टा में जुटे हुए नजर आ रहे है कि इस मजबूत जोड़ी से भाजपा को कोई फायदा नहीं मिलेगा। कुछ इसी प्रकार की बयानबाजियां इन नेताओं ने वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी की थी कि मोदी के चेहरे का फायदा भाजपा को नहीं मिलेगा। अंततः जो चुनाव परिणाम सामने आए उसने इन चंद नेताओं के बयानों को सिरे से खारिज कर दिया था। एक पैकेट में डबल धमाका की तर्ज पर पीएम और सीएम दोनों ही चुनावी महासंग्राम में अपनी पार्टी को विजयश्री दिलाने के लिए पेटियां कस चुके है। इन दोनों बड़े चेहरों का भाजपा को कितना फायदा मिला है, यह तो आने वाला समय ही सही बता पाएगा? यहां यह भी उल्लेखनीय है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आज भी देशभर में इतना इकबाल बुलंद है कि आवाम उन्हें लम्बे अर्से तक प्रधानमंत्री के रूप मंे देखने की चाहत रखता है। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखण्ड के किसी भी पूर्व मुख्यमंत्री को अपना सखा नहीं माना और न ही भाजपा के चंद पूर्व मुख्यमंत्रियों से उनका कोई लगाव देखने को मिला लेकिन जबसे पुष्कर सिंह धामी ने सत्ता संभाली तबसे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पुष्कर सिंह धामी को अपना बडा आर्शीवाद देते आ रहे हैं और जिस तरह से मौजूदा दौर में पुष्कर सिंह धामी के बढते कदमों से पार्टी के ही कुछ बडे राजनेता पर्दे के पीछे से उनकी सत्ता छीनने का चक्रव्यूह रच रहे हैं उन सभी चक्रव्यूह व साजिशों को भेदते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पुष्कर सिंह धामी की हर मोर्चे पर रक्षा करते हुए दिखाई देंगे और नरेन्द्र मोदी का सपना एक बार फिर पुष्कर सिंह धामी को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज होते देखना है। भले ही कांग्रेस से भाजपा में आये पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा बयानबाजी कर चुके हों कि भाजपा में कोई मुख्यमंत्री रिपीट नहीं होता उससे यह सवाल खडा हो रहा है कि आखिरकार विजय बहुगुणा को भाजपा में आये कितना समय हुआ है जो कि वह यह दावा कर रहे हैं कि भाजपा में कोई मुख्यमंत्री दुबारा रिपीट नहीं होता? सवाल यह खडा हो रहा है कि जब देश के प्रधानमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ खडे हुये हैं तो फिर किसमें इतना साहस है कि वह पुष्कर के खिलाफ बगावत करने के लिए आगे आयेगा।
