प्रमुख संवाददाता
देहरादून। उत्तराखण्ड के पर्यटन को बढाने की दिशा में आज तक कोई बडी पहल हुई हो ऐसा देखने को नहीं मिला और जिन जिलों में पर्यटन की भरमार रहती है उससे आगे बढने की दिशा में सरकार ने एक बडे विजन के तहत अपने कदम कभी आगे नहीं बढाये। उत्तराखण्ड के कई जिलों में मनमोहक पर्यटन स्थल हैं लेकिन वहां तक सडक मार्ग से पहुंचने में काफी समय लगता है इस कारण वहां पर्यटन उस दिशा में आगे नहीं बढ पाया जिस दिशा में उसे आगे बढना चाहिए था। सरकार के मुख्यमंत्री को इस बात का इल्म है कि अगर उत्तराखण्ड के पर्यटन व तीर्थ स्थलों को व्यापक रूप से विकसित किया जायेगा तो उससे बेरोजगार युवाओं को एक बडा रोजगार मिलेगा और इसके चलते उत्तराखण्ड पर्यटन की दिशा में एक बडी पहचान बना लेगा। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री ने देश के उड्डयन मंत्री को एक पत्र लिखा है और उनसे आग्रह किया है कि उत्तराखण्ड से उत्तर भारत के कुछ राज्यों के लिए सीधी हवाई सेवायें शुरू की जायें जिससे उत्तराखण्ड के पर्यटन को एक नई दिशा मिल सके।
विश्वस्तसूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरकार के मुखिया पुष्कर सिंह धामी को इस बात का इल्म है कि गढवाल व कुमांऊ में ऐसे-ऐसे पर्यटक व तीर्थ स्थल हैं जिसकी बडी पहचान व मान्यता है लेकिन सडक मार्ग से वहां पहुंचने में पर्यटकों व तीर्थ यात्रियों को घंटों का सफर तय करना पडता है इस कारण वहां उस पैमाने पर पर्यटन व्यवसाय आगे नहीं बढ पाया जिस दिशा में उसे आगे बढना चाहिए था। उत्तराखण्ड के दर्जनों पर्यटक स्थलों को देखकर हमेशा यह आभास होता रहा है कि अगर सरकार इसे विकसित करे और वहां तक का मार्ग कम हो जाये तो पर्यटन स्थल पर जो पर्यटकों का जो हुजूम देखने को मिलेगा उसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उत्तराखण्ड के बेरोजगार युवाओं को पर्यटन के क्षेत्र से जोडने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर ंिसह धामी ने बडी रणनीति के तहत देश के नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया को पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने उत्तर भारत के कुछ राज्यों तक उत्तराखण्ड से सीधी हवाई उडान के लिए इच्छा जताई है जिससे कि राज्य में पर्यटन को एक बडी पहचान मिल सके।
