देहरादून(संवाददाता)। उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस द्वारा भाजपा सरकार पर राज्य के आपदा पीडितों एवं प्रभावितों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए सचिवालय गेट के सामने केन्द्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एक दिवसीय सांकेतिक धरना व उपवास करने जा रहे कांग्रेसजनों को पुलिस ने सुभाष रोड पर बैरीकैडिंग लगाकर रोक लिया और इस दौरान तीखी नोंकझोंक हुई और बाद में सभी वहीं पर ही धरने व उपवास पर बैठ गये।
यहां प्रदेश कंाग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व में कार्यकर्ता कांग्रेस भवन में इकटठा हुए और वहां से रैली के रूप में सचिवालय कूच किया और सचिवालय के गेट पर धरने व उपवास करने के लिए जा रहे कांग्रेसजनों को पुलिस ने बैरीकैडिंग लगाकर सभी को रोक लिया और इस बीच तीखी नोंकझोंक हुई और बाद में सभी वहीं धरने व उपवास पर बैठ गये। इस अवसर पर उपवास के बाद पूर्व मुख्यमंत्री एवं चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हरीश रावत ने कहा कि बीते दिनों उत्तराखण्ड राज्य के विभिन्न जनपदों में भीषण दैवीय आपदा आने के कारण कई लोगों को असमय कालकल्वित होना पडा तथा निजी व सरकारी सम्पत्तियों को भारी क्षति हुई। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग की स्पष्ट चेतावनी के बावजूद राज्य सरकार लोगों की जानमाल की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा राज्य का आपदा प्रबन्धन विभाग समुचित कदम उठाने व संवेदनशील क्षेत्र के लोगों के उचित विस्थापन की व्यवस्था करने में पूरी तरह नाकाम रहा है जिसके चलते 8० से अधिक लोगों को अपनी जान गंवानी पडी है जिनमें अन्य राज्यों के पर्यटक भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि आपदा को आये पांच दिन से अधिक का समय व्यतीत हो गया है तथा आज भी आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के मन में दहशत का माहौल व्याप्त है परन्तु राज्य की भाजपा सरकार को जनता के दु:ख दर्द से कोई सरोकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेतागणों द्वारा दैवीय आपदा प्रभावित क्षेत्रों का सघन दौरा कर पीडितों एवं प्रभावितों से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लेते हुए सरकार से मांग की गई थी कि आपदाग्रस्त क्षेत्रों एवं प्रभावितों की शीघ्र सहायता के लिए प्रयास किये जांय परन्तु आपदा के 5 दिन के उपरान्त भी सरकार ने कोई कदम नहीं उठाये हैं। इस अवसर पर हरीश रावत ने कहा कि आपदा क्षति के आंकडों में भी विरोधाभास है। राज्य सरकार और केन्द्र सरकार मिलकर आंकलन में भी खेल कर रही है। उन्होंने कहा कि आपदा की क्षतिपूर्ति के लिए जो धनराशि बढ़ाये जाने की बात की जा रही है वह भी ऊंट के मुंह मे जीरा है। उन्होंने कहा कि लोगों की जान और माल की हानि का मखौल उडाया जा रहा है। राज्य सरकार की गलत आपदा नीति के कारण राज्य की अर्थ व्यवस्था की रीड़ पर्यटन उद्योग कोरोना महामारी के बाद एक बार फिर धराशाई हुआ है।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि आपदा के दूसरे दिन देश के गृह मंत्री अमित शाह उत्तराखण्ड दौरे पर आये राज्य वासियों को उम्मीद थी कि शायद गृहमंत्री अमित शाह उत्तराखण्ड राज्य में आई दैवीय आपदा के पीडितों एवं प्रभावितों के घावों पर मरहम लगाने का काम करेंगे परन्तु उनका यह दौरा मात्र पर्यटन सैरसपाटा साबित हुआ तथा आपदा पीडित राज्यवासियों को एकबार फिर मायूसी हाथ लगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता दैवीय आपदा के दंश से कराह रही थी ऐसे समय में देश के गृह मंत्री अमित शाह द्वारा उत्तराखण्ड राज्य के लिए किसी भी प्रकार के आर्थिक पैकेज की घोषणा न करना यह दर्शाता है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकारों को उत्तराखण्ड राज्यवासियों के दु:ख दर्द से कोई लेना देना नही है। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह ने अपने दौरे में मात्र उत्तराखण्ड राज्य की सवा करोड जनता का उपहास उड़ाने का काम किया। उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके शीर्ष नेतृत्व ने हमेशा उत्तराखण्ड की उपेक्षा करने का काम किया है। इस अवसर पर कांग्रेस पार्टी ने धरना व उपवास के माध्यम से केन्द्र सरकार से उत्तराखण्ड के दैवीय आपदा पीडित क्षेत्रों में हुए भारी जानमाल के नुकसान की भरपाई के लिए 1० हजार करोड़ रूपये के विषेश आर्थिक पैकेज की मांग की है। इस अवसर पर अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।
इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष संगठन पृथ्वीपाल चौहान, उपाध्यक्ष सूर्यकान्त धस्माना, महामंत्री संगठन मथुरादत्त जोशी, गोदावरी थापली, पूर्व विधायक राजकुमार, राजपाल खरोला, सतपाल ब्रहमचारी, राकेश नेगी, महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, जिलाध्यक्ष संजय किशोर, गौरव चौधरी, अकील अहमद, मीना रावत, विनोद चौहान, शांति रावत, गोपाल राणा, प्रदीप जोशी, सुरेन्द्र रांगड, पूरन रावत, राजेश चमोली, कमलेश रमन, कोमल बोरा, अनिल रावत, नीनू सहगल, मंजू त्रिपाठी, चौधरी प्रहलाद सिंह, दिवाकर चमोली, सुशील राठी, घर्मपाल सिंह, नरेशानन्द नौटियाल, डॉक्टर विजेन्द्र पाल, आशा टम्टा, मनीष कर्णवाल, विरेन्द्र पोखरियाल, राजेश शर्मा, डॉक्टर आर.पी. रतूडी, गरिमा दसौनी, राजीव जैन, जसवीर रावत, सूरत सिंह नेगी, अमरजीत सिंह, मदन लाल, डॉक्टर इकबाल, संग्राम सिंह पुण्डीर, मोहन काला, सुलेमान अली, रमेश कापडी, अंजू लुंठी, दीपक लुंठी, फरूख, वेद प्रकाश शर्मा, रजनी रावत, रजनी राठौर, शोभा कन्याल, सुमित्रा ध्यानी, विरेन्द्र रावत, जितेन्द्र बिष्ट, विजय गुप्ता, रघुवीर राणा, जगमोहन भण्डारी, दिनेश भण्डारी आदि अनेक कांग्रेसजन उपस्थित थे।
