सरकार आपदा प्रबंधन में दिख रही फेल

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देहरादून। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश की भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा है कि राज्य सरकार आपदा प्रबंधन में फेल होती दिख रही है। उन्होंने केन्द्र सरकार से 1००० करोड़ रूपये तत्काल दिये जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जनपद के प्रभावित क्षेत्रों का उन्होंने व प्रदेश अध्यक्ष ने दौरा किया और वहां आपदा की स्थिति देखी और राज्य सरकार को पांच दिन का समय दिया और स्थितियों को नहीं सुधारा गया तो किया 28 अक्टूबर को प्रदेश भर में सरकार को जगाने के लिए उपवास किया जायेगा।
यहां कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र के आपदाग्रस्त क्षेत्रों का एक वीडियो उनके पास भाजपा के ही कार्यकर्ता के माध्यम से आया है और बेतालघाट में एक केन्द्रीय मंत्री व बयान है कि आप लोगों का आपदा प्रबंधन वहीं तक है जहां हैलीकाप्टर की पहुंच है। उन्होंने कहा कि भाजपा आपदा पर राजनीति करने का आरोप कांग्रेस पर अनावश्यक लगा रही है और भाजपा कार्यकर्ता भी राजनीति कर रहे है। उन्होंने कहा कि सत्यता यह है कि पांचवें दिन तक भी प्रभावितों को सहायता नहीं पहुंच पाई है। उन्होंने केन्द्रीय गृह मन्त्री अमित शाह को धन्यवाद देते हुए कहा कि केन्द्र सरकार के मौसम विभाग ने 36 घंटे पहले राज्य सरकार को आगाह किया था लेकिन 36 घंटे तक राज्य सरकार सोई रही और कांग्रेस कार्यकाल में आई आपदा पर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री हटा दिया था, यहां भाजपा सरकार में कुछ नही हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों तक को चेतावनी नहीं दी, उन्हें वहां से नहीं हटाया।
उन्होंने कहा कि सरकारी मुनादी तक नहीं कराई गई और तराई व भावर क्षेत्र में आधी रात घरों में पानी घुस गया और लोग सामान छोड़कर भागे और आज उनका सामान सड़ गया है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल प्रभावितों को सहायता देने के लिए जिलाधिकारी को ज्ञापन देने पहुंचे और डीएम को बोला किउन क्षेत्रों में सफाई कराए, जहां सामान सड़ रहा है, बीमारी का खतरा बना हुआ है,
और 6 दिन तक शव मलबे दबे है, घरवाले इंतजार कर रहे है कब आपदा तंत्र वाले शव को निकलेंगें। उन्होंने कहा कि डर इस बात का है कि कहीं उत्तराखंड डेगूं की चपेट में न आ जाये और आपदा प्रबंध में राज्य सरकार पूरी तरह से फेल होती दिख रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कोई एक ऐसी जगह बताए जहां 36 घंटे में कोई राहत राशि प्रभावित लोगों को दी हो, उन्होंने कहा कि आपदा में राज्य सरकार गायब थी, उन्होंने कहा कि अब सरकार कांग्रेस को फ्लो कर रही है, जहां कांग्रेसी गए वहां अब सरकार पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में आपदा से नुकसान के मानकों में शिथिलता बरती थी, और मकान में दरार को भी आपदा में जोड़ा था, आज मानक बदल गए है, जिससे जनता को परेशानी हो रही है।
उन्होंने कहा कि मानकों के बाहर हुई क्षति की पूर्ति को राज्य सरकार को वहन करनी चाहिए और मानव क्षति में आर्थिक मुआवजा 1० लाख रूपये किया जाये और राज्य सरकार की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में लंगर की कोई व्यवस्था नहीं की गई है, सामाजिक संगठन इस कार्य में जुटे हुए है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय गृह मन्त्री अमित शाह आपदा के समय उत्तराखंड आये, आपदा में जनता को उनसे उम्मीद थी लेकिन वह बिना कार्य किये मुख्यमंत्री की पीठ थपथपा गये। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री राज्य सरकार को एक हजार करोड़ एडवांस देते तो बेहतर होता, लेकिन गृह मन्त्री ने कुछ नहीं दिया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को एक हजार करोड़ की राशि उत्तराखंड को त्वरित दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी घोषणा पत्र में आपदा के मानकों में बदलाव को शामिल करेगी, और कहा कि इससे उन्होंने भाजपा के लिए गूगली दी है। उन्होंने कहा कि फसलों का मुआवजा धान की क्वालिटी पर नहीं बल्कि रकबे के आधार पर उसकी क्षतिपूर्ति की जाये और यह क्षतिपूर्ति शीघ्र ही जाये ताकि किसान आगे की तैयारी कर सके। कई स्थानों पर पेयजल की स्थिति खराब है और कई स्थानों पर 36 घंटे तक बिजली की आपूर्ति नहीं हो पाई है।
इस अवसर पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा है कि 27 अक्टूबर तक राज्य और केंद्र सरकार आपदा प्रभावितों को मदद दे। उन्होंने कहा किमदद न मिलने पर 28 अक्टूबर को प्रदेश भर में उपवास किया जायेगा और उसी दिन अगले आंदोलन की रणनीति तैयार की जायेगी।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य सरकार आपदा प्रभावितो को आर्थिक सहायता देने के लिए भी किसी इवेंट को करने की भी तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि सुबह 11 बजे तक सोन ेवाले मंत्रियों को मंत्री बने रहने का कोई हक नहीं है। इस अवसर पर वार्ता प्रदेश सह प्रभारी दीपिका पांडेय सिंह, प्रभुलाल बहुगुणा, गरिमा मेहरा दसौनी, सुरेन्द्र कुमार, राजीव जैन, ओम प्रकाश सती, कैप्टन बलबीर सिंह रावत आदि शामिल रहे।

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